NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बांग्लादेश ने COVID-19 के बढ़ते मामलों के बावजूद प्रतिबंध हटाया
31 मई को देश में 2500 से अधिक नए मामले सामने आए। मार्च महीने में सामने आए पहले मामले के बाद से एक दिन में यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।
पीपल्स डिस्पैच
01 Jun 2020
बांग्लादेश

जैसा कि बांग्लादेश के अधिकारियों ने दो महीने के लॉकडाउन के बाद कार्यालयों और परिवहन सेवाओं को फिर से खोलने की घोषणा की है उधर देश में COVID -19 के कारण एक दिन में सबसे ज़्यादा मौत के मामले सामने आए हैं। आंकड़ों के अनुसार रविवार को 40 से अधिक मौत होने की पुष्टि की गई जिससे कोरोनोवायरस से कुल मौतों की संख्या 670 से अधिक हो गई।

31 मई को 2,545 कोरोनावायरस के पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। इस संख्या के साथ देश में संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर लगभग 47,153 पहुंच गई है। इससे पहले एक दिन में मौतों की अधिक संख्या 28 थी। बांग्लादेश ने जांच करने की संख्या को भी बढ़ाया है। इसने पिछले 24 घंटों में देश भर में 11,876 जांच करने का रिकॉर्ड बनाया।

देश में COVID -19 वायरस से संक्रमण का पहला मामला 18 मार्च को सामने आया था। 26 मार्च को बांग्लादेश के अधिकारियों ने देशव्यापी लॉकडाउन लागू किया था जिसे 30 मई तक बढ़ा दिया गया था।

सरकार ने शुरू में उस समय लॉकडाउन में ढील दी थी जब महामारी बढ़ने लगी। अर्थव्यवस्था के खुलने और गतिविधियों के सामान्य होने से यह चिंता बढ़ी है कि आने वाले दिनों में इसका प्रकोप और भी ख़तरनाक हो सकता है। एक्टिविस्ट समूह सार्वजनिक गतिविधियों को फिर से खोलने के फैसले से डर रहे हैं कि कहीं इस बीमारी का कम्यूनिटी ट्रांसफर न होने लगे। कई एक्टिविस्ट आशंकित हैं कि संक्रमण में तेज़ी होने पर अधिकारियों को लॉकडाउन को फिर से लागू करने के लिए मजबूर कर सकता है।

हालांकि सरकार ने गतिविधियों और सार्वजनिक सभा से प्रतिबंध को हटा दिया है, देश भर में बस किराया लगभग 60 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है, इस तरह हेल्थकेयर इमर्जेंसी ने बांग्लादेश में आर्थिक संकट पैदा कर दिया है।

1 जून तक देश में कुल मामलों की संख्या 49,534 हो गई है जबकि मौत के 672 मामले सामने आए हैं।

Bangladesh
COVID-19
Coronavirus
Lockdown

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • jammu and kashmir
    लव पुरी
    जम्मू-कश्मीर में आम लोगों के बीच की खाई को पाटने के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं
    17 Mar 2022
    इन भाषाई एवं जातीय रूप से विविध क्षेत्र की अपनी विशिष्ट समस्याएं हैं, जिनके लिए अनुकूलित विशेष पहल की दरकार है, जिन पर लगता है कोई भी काम नहीं कर रहा है। 
  • अरुण कुमार त्रिपाठी
    केजरीवाल के आगे की राह, क्या राष्ट्रीय पटल पर कांग्रेस की जगह लेगी आप पार्टी
    17 Mar 2022
    मोदी-आरएसएस से सीधे भिड़े बिना कांग्रेस को निपटाती आप पार्टी, क्या एक बार फिर केजरीवाल की ‘अस्पष्ट’ विचारधारा के झांसे में आएगा देश?
  • राहुल कुमार गौरव
    ग्राउंड रिपोर्ट: कम हो रहे पैदावार के बावजूद कैसे बढ़ रही है कतरनी चावल का बिक्री?
    17 Mar 2022
    विश्व में अपनी स्वाद और जिस खुशबू के लिए कतरनी चावल को प्रसिद्धि मिली। आज उसी खुशबू का बिजनेस गलत तरीके से किया जा रहा है। कतरनी चावल जैसे ही महीन चावल में सुगंधित इत्र डालकर कतरनी के नाम पर बेचा जा…
  • अनिल अंशुमन
    ‘बिहार विधान सभा पुस्तकालय समिति’ का प्रतिवेदन प्रस्तुत कर वामपंथ के माले विधायक ने रचा इतिहास
    17 Mar 2022
    ‘पुस्तकालय-संस्कृति’ विकसित कर ‘शिक्षा में क्षरण’ से निजात पाने के जन अभियान का दिया प्रस्ताव
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    छत्तीसगढ़: आदिवासियों के फ़र्ज़ी एनकाउंटर वाले एड़समेटा कांड को 9 साल पूरे, माकपा ने कहा दोषियों पर दर्ज हो हत्या का मामला 
    17 Mar 2022
    छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले स्थित एड़समेटा गांव में,  पुलिस गोलीबारी के दौरान चार नाबालिग समेत 8 लोगों की मौत हुई थी। पुलिस ने इस नक्सली ऑपरेशन के तौर पर पेश किया था, परन्तु अब जाँच रिपोर्ट आई जिसने साफ…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License