NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
बजट में अगले 25 साल के लिये अर्थव्यवस्था को गति देने का आधार: सीतारमण
आमजन ख़ासकर युवा को नए आम बजट में न अपना वर्तमान दिख रहा है, न भविष्य, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि केंद्रीय बजट ने समग्र और भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ अगले 25 साल के लिये आर्थिक वृद्धि को आगे ले जाने का आधार रखा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Feb 2022
nirmla sitaraman
संसद टीवी के ट्विटर हैंडल से साभार

नयी दिल्ली : विपक्ष के साथ-साथ किसान, मज़दूर, युवा और अन्य आम जन भी नए आम बजट से बहुत खुश नहीं दिख रहे। उनको इसमें न अपना वर्तमान दिख रहा है, न भविष्य, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि केंद्रीय बजट ने समग्र और भविष्य की प्राथमिकताओं के साथ अगले 25 साल के लिये आर्थिक वृद्धि को आगे ले जाने का आधार रखा है।

लोकसभा में अपने बजट भाषण में सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के इस बजट में भारत की आजादी के 75 से 100 साल तक के अमृत काल में अगले 25 साल में अर्थव्यवस्था को दिशा देने के लिये बुनियाद तैयार करने और उसकी रूपरेखा प्रस्तुत करने का प्रस्ताव किया गया है। इसमें 2021-22 के बजट में तैयार किये गये दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया जाएगा।

मंत्री ने कहा, ‘‘हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और अमृत काल में प्रवेश कर चुके हैं। 25 साल की लंबी यात्रा के बाद हम भारत @(एट) 100 पहुंचेंगे।’’

उन्होंने कहा कि बजट के मूलभूत सिद्धांत में वित्तीय विवरण तथा राजकोषीय स्थिति की पारदर्शिता शामिल है। इसमें सरकार के इरादे, शक्ति और चुनौतियों को दर्शाया गया है।

सीतारमण ने कहा कि बजट वृद्धि को गति देता रहेगा।

उन्होंने कहा कि इस बजट में भविष्य के अनुरूप और समावेशी अमृत काल के लिये खाका पेश किया गया है। इससे हमारे युवाओं, महिलाओं, किसानों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों को सीधा लाभ होगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि इसमें आधुनिक बुनियादी ढांचे पर भी जोर है, जो 100 साल के भारत के लिये होगा। यह पीएम गतिशिक्ति द्वारा निर्देशित होगा और मल्टी-मॉडल दृष्टिकोण के साथ समन्वय से लाभ होगा।

उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति के अलावा सरकार की तीन अन्य प्राथमिकताएं...समावेशी विकास, उत्पादकता में वृद्धि एवं निवेश, उभरते अवसर, ऊर्जा परिवर्तन और जलवायु कार्य योजना...होंगी।

सीतारमण ने कहा, ‘‘अर्थव्यवस्था में कुल मिलाकर तीव्र गति से तेजी और पुनरुद्धार हमारे देश की मजबूती को प्रतिबिंबित करता है। देश की आर्थिक वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष में 9.2 प्रतिशत अनुमानित है। यह सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले सर्वाधिक है।’’

उन्होंने अपने चौथे बजट भाषण में कहा कि पिछले दो साल में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे में तीव्र सुधार के साथ देश कोराना वायरस महामारी और वायरस के नये स्वरूप ओमीक्रोन से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने को लेकर मजबूत स्थिति में है।

सौ साल की भयंकर आपदा के बीच यह बजट विकास का नया विश्वास लेकर आया है: प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद में पेश किए गए वर्ष 2022-23 के बजट को आम जन के अनुकूल और प्रगतिशील करार देते हुए कहा कि सौ साल की भयंकर आपदा के बीच यह बजट विकास का नया विश्वास लेकर आया है।

उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘यह बजट, अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही सामान्य जन के लिए अनेक नए अवसर बनाएगा।’’
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू गरीब का कल्याण है ओर इसी को ध्यान में रखते हुए हर गरीब के पास पक्का घर

नल से जल की सुविधा, शौचालय, गैस की सुविधा हो, इस पर विशेष ध्यान दिया गया है।

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही आधुनिक इंटरनेट संपर्क पर भी इसमें उतना ही जोर है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह बजट अत्यधिक अवसंरचना, अत्यधिक निवेश, अत्यधिक विकास और अत्यधिक रोजगार की नई संभावनाओं से भरा हुआ है। इससे ‘ग्रीन जॉब’ का भी क्षेत्र और खुलेगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि बजट में गंगा की सफाई के साथ-साथ किसानों के कल्याण के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, इन पांच राज्यों में गंगा किनारे, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर जैसे क्षेत्रों के लिए पहली बार देश में पर्वतमाला योजना शुरू की जा रही है और यह योजना पहाड़ों पर परिवहन की आधुनिक व्यवस्था का निर्माण करेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में वह बुधवार को ‘‘बजट और आत्मनिर्भर भारत’’ विषय पर विस्तार से अपनी बात रखेंगे।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

union budget
Budget 2022-2023
nirmla sitaraman
Modi Govt

Related Stories

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

सरकारी एजेंसियाँ सिर्फ विपक्ष पर हमलावर क्यों, मोदी जी?

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

मोदी सरकार 'पंचतीर्थ' के बहाने अंबेडकर की विचारधारा पर हमला कर रही है

लोगों की बदहाली को दबाने का हथियार मंदिर-मस्जिद मुद्दा

ज्ञानवापी, ताज, क़ुतुब पर बहस? महंगाई-बेरोज़गारी से क्यों भटकाया जा रहा ?

तिरछी नज़र: ...ओह माई गॉड!


बाकी खबरें

  • Abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    शाहरुख मिले आर्यन से , घर पहुंची NCB
    21 Oct 2021
    बोल के इस एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन खान के क्रूज ड्रग्स केस के बारे में बात कर रहे हैं. इस मामले में में शाहरुख खान के बेटे आर्थर रोड जेल में बंद है. इसी बीच…
  • cpim
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    मिलादुन्नबी के जलूसों पर हुए हमले संघ परिवार की गहरी साजिश का हिस्सा : माकपा
    21 Oct 2021
    "भाजपा के विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा फादर और चादर के नए शब्दों की उत्पत्ति ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा राज में अल्पसंख्यक समुदाय किस हद तक संघ परिवार के निशाने पर हैं।"
  • Easy Guide to Make Patients Aware of Their Rights
    ऋचा चिंतन
    भारत में मरीज़ों के अधिकार: अपने हक़ों के प्रति जागरूक करने वाली ‘मार्गदर्शक’ किताब
    21 Oct 2021
    यह पुस्तक मरीजों, तीमारदारी करने वालों, कार्यकर्ताओं और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों को मरीजों के अधिकारों को मानव अधिकारों के तौर पर स्थापित और लागू करने के लिए एक उपयोगी संसाधन के बतौर है।
  • jammu and kashmir
    अजय कुमार
    आर्टिकल 370 के ख़ात्मे के बाद पनपी वह प्रवृत्तियां जिसका शिकार आम कश्मीरी बन रहा है!
    21 Oct 2021
    पिछले दो साल में 5 लाख से अधिक लोगों की नौकरियां चली गई है। इस अवधि में यहां पनपी अन्य प्रवृतियां जो कश्मीर की अंतहीन पीड़ा को बद से बदतर बना रही है।
  • varansi ghat
    कुशाल चौधरी
    बनारस घाट के नाविकों को अब भी कोविड-19 की तबाही से उबरना बाक़ी
    21 Oct 2021
    पर्यटकों की आवाजाही पर महीनों का लॉकडाउन और मानसून में गंगा के स्तर में वृद्धि से त्रस्त नाविकों को काम, दैनिक मज़दूरी की कमी का सामना करना पड़ रहा है और वे भारी क़र्ज़ में हैं। इस बीच सरकारी मदद…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License