NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
फिलिस्तीन
फ़िलिस्तीन में चुनाव से पहले इज़रायल ने हमास नेताओं और समर्थकों को गिरफ़्तार किया
इज़रायली सुरक्षा बलों ने क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में छापेमारी की और इस साल मई और अगस्त के बीच होने वाले फ़िलिस्तीनी चुनावों को बाधित करने के लिए कम से कम 28 फ़िलिस्तीनी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया।
पीपल्स डिस्पैच
13 Apr 2021
फ़िलिस्तीन में चुनाव से पहले इज़रायल ने हमास नेताओं और समर्थकों को गिरफ़्तार किया

फिलिस्तीनी आगामी विधायी और राष्ट्रपति चुनावों के लिए जहां तैयारी कर रहे हैं वहीं इज़रायली सुरक्षा बलों ने सोमवार 12 अप्रैल को कब्जे वाले वेस्ट बैंक में कई जगहों पर छापेमारी की जिसमें 28 फ़िलिस्तीनियों की अवैध व मनमानी तरीके से गिरफ्तारियां की गई।

गिरफ्तार किए गए अधिकांश लोग विभिन्न फिलिस्तीनी राजनीतिक गुटों के प्रमुख सदस्य हैं। इनमें मुख्य रूप से गाजा- स्थित फिलिस्तीनी प्रतिरोध समूह हमास, वेस्ट बैंक स्थित फतह के साथ साथ कई प्रसिद्ध नागरिक समाज की हस्तियां शामिल हैं। डब्ल्यूएएफए ने बीते कल प्रकाशित एक रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी।

पैलेस्टिनियन प्रिजनर सोसायटी ने कहा कि वेस्ट बैंक के शहर हेब्रोन, बेथलेहम, जेनिन, रामल्ला, अल-बिरेह, नबलुस और कब्जे वाले पूर्वी येरुशेलम में और इसके आसपास रात भर छापेमारी की गई।

इन छापेमारी में गिरफ्तार किए गए हमास के कुछ प्रमुख सदस्यों की पहचान पूर्व राजनीतिक कैदी मोना कादन के रूप में की गई जिन्होंने पूर्व में इज़रायल की जेल में छह साल से अधिक समय बिताया था और उन्हें जेनीन शहर के दक्षिण-पश्चिम में स्थित अर्राबा गांव से गिरफ्तार किया गया। इनके साथ साथ हमास के नेता अनस रसरास और फिलिस्तीनी विधान परिषद सदस्य उमर अल-कआवसमेह शामिल हैं।

इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा अचानक और हिंसक छापेमारी के कारण गांव के लोगों और इजरायली सैनिकों के बीच झड़पें हुईं। सैनिकों ने ग्रामीणों पर आंसू गैस के गोले दागे जिसके परिणामस्वरूप कुछ ग्रामीण घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

इस गिरफ्तारी की निंदा करते हुए हमास के अधिकारी और इसके पॉलिटिकल ब्यूरो के सदस्य मौसा दुदिन ने एक बयान में कहा कि ये "हमारे लोगों और इसके लोकतांत्रिक विकल्पों को हड़पने में इजरायल के आपराधिक और आतंकवादी पहचान को दर्शाते हैं।" उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से "जियोनिस्ट अहंकार के समक्ष खड़े होने के लिए भी कहा है जो फासीवाद को व्यक्त करता है जिसकी दुनिया में कोई समानता नहीं है, यह लोगों की इच्छा को कुचलना चाहता है।”

मई महीने में होने वाली फिलिस्तीनी विधायी चुनावों से पहले इजरायल हाल के दिनों में अधिक से अधिक लगातार छापेमारी कर रहा है। पिछले हफ्ते 6 अप्रैल को इज़रायल ने इसी तरह की गिरफ्तारी की थी। इजरायल ने अन्य लोगों के साथ पूर्वी येरुशेलम में फतह पार्टी के निदेशक आदिल अबू ज़नीद को गिरफ्तार किया था।

Palestine
Israel
Palestinian elections

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार


बाकी खबरें

  • health
    ऋचा चिंतन
    उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य: लोगों की बेहतर सेवाओं और ज़्यादा बजट की मांग
    30 Dec 2021
    यूपी के कुछ ज़िलों के एक अध्ययन से पता चलता है कि स्वास्थ्य पर प्रति व्यक्ति ख़र्च बहुत कम है और यह 2018-19 और 2019-20 के बीच और कम हो गया है। महामारी के दौरान परिवार नियोजन सेवाएं उपलब्ध नहीं थीं और…
  • Four-Day Work
    किंगशुक सरकार
    नए श्रम क़ानूनों के तहत मुमकिन नहीं है 4 डे वीक
    30 Dec 2021
    नई श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद 4 डे वीक की संभावना के बारे में हाल की ख़बरें कानूनी रूप से संभव नहीं हैं। ऐसी जानकारी जनता के मन में अनावश्यक भ्रम पैदा करती है।
  • न्याय प्रणाली के 'भारतीयकरण' का रास्ता: जस्टिस नज़ीर सही या डॉ अम्बेडकर?
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    न्याय प्रणाली के 'भारतीयकरण' का रास्ता: जस्टिस नज़ीर सही या डॉ अम्बेडकर?
    29 Dec 2021
    इन दिनों भारतीय न्याय प्रणाली को औपनिवेशिक मूल्यों से मुक्त कराने की चर्चा में तरह-तरह के विचार सामने आ रहे हैं. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एस अब्दुल नजीर ने एक संगोष्ठी में कुछ…
  • यूपी की आर्थिक स्थिति: मोदी और योगी के दावे कितने सच्चे?
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    यूपी की आर्थिक स्थिति: मोदी और योगी के दावे कितने सच्चे?
    29 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश हमेशा से ही बाकी भारत से आर्थिक मामले में पीछे रहा है। आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश की स्थिति आर्थिक, सामाजिक और मानव संसाधन विकास के मामले में बिल्कुल सुधरी नहीं है, बल्कि खराब…
  • जापान-अमेरिका की 'द्वीप श्रृंखला' से बढ़ेगी चीन और रूस की नाराज़गी
    एम के भद्रकुमार
    जापान-अमेरिका की 'द्वीप श्रृंखला' से बढ़ेगी चीन और रूस की नाराज़गी
    29 Dec 2021
    क्योडो न्यूज़ द्वारा हाल ही में नैनसी द्वीप श्रंखला में, अमेरिका-जापान द्वारा एक सैन्य अड्डा बनाए जाने की साझा योजना का खुलासा किया गया था। इस क़दम पर निश्चित तौर पर प्रतिक्रिया होगी।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License