NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बेलारूस : प्रदर्शन की रिपोर्टिंग करने पर दो महिला पत्रकारों को जेल भेजा गया
पत्रकारों को पिछले साल नवंबर में तब गिरफ्तार किया गया था जब वे मिंस्क में एक प्रदर्शन को कवर कर रही थी। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि उन्होंने कानून व्यवस्था का उल्लंघन करने का कृत्य किया। हालांकि, दोनों महिला पत्रकारों ने इन आरोपों से इनकार किया है।
एपी
18 Feb 2021
Journalists Katsiaryna Andreyeva, right, and Daria Chultsova

कीव (यूक्रेन),:बेलारूस की अदालत ने दो महिला पत्रकारों को कानून व्यवस्था का उल्लंघन करने के मामले में दो साल की सजा सुनाई है। उनके खिलाफ यह कार्रवाई कथित अधिनायकवादी राष्ट्रपति के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन को कवर करने के बाद की गई।
बेलारूस की राजधानी मिंस्क की अदालत ने बेलसैट चैनल की कात्सिर्याना एंद्रेयेवा और दारिया चुल्त्सोवा को दो साल की सजा सुनाई है।

दोनों महिला पत्रकारों को पिछले साल नवंबर में तब गिरफ्तार किया गया था जब वे मिंस्क में एक प्रदर्शन को कवर कर रही थी। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि उन्होंने कानून व्यवस्था का उल्लंघन करने का कृत्य किया। हालांकि, दोनों महिला पत्रकारों ने इन आरोपों से इनकार किया है।

बेलारूस स्थित अमेरिकी दूतावास ने दोनों पत्रकारों को रिहा करने एवं बेलारूस प्रशासन से पत्रकारों का उत्पीड़न बंद करने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि पिछले साल नौ अगस्त को राष्ट्रपति चुनाव के आधिकारिक नतीजे आने के बाद से ही प्रदर्शन हो रहे हैं। चुनाव नतीजों में राष्ट्रपति एलेक्सजेंडर लुकाशेन्को को छठी बार सत्ता मिली है जबकि विपक्ष एवं कुछ चुनाव कर्मियों ने मतदान में धांधली के आरोप लगाए हैं।

Belarus
Journalists

Related Stories

4 साल से जेल में बंद पत्रकार आसिफ़ सुल्तान पर ज़मानत के बाद लगाया गया पीएसए

बेशर्म नंगई पर उतरा तंत्र, नफ़रती एजेंटों की पौ-बारा

मध्य प्रदेश : बीजेपी विधायक के ख़िलाफ़ ख़बर दिखाई तो पुलिस ने पत्रकारों को थाने में नंगा खड़ा किया

तूफ़ान के केंद्र में यूक्रेन और बेलारूस

'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता' के पुरज़ोर समर्थक दो पत्रकारों को 'नोबेल शांति पुरस्कार'

पेगासस जासूसी मामला: विपक्ष ने सरकार पर उठाए गंभीर सवाल, गृह मंत्री को बर्ख़ास्त करने की मांग

इज़राइल स्थित एनएसओ ग्रुप के मालवेयर ने पत्रकारों, कार्यकर्ताओं को बनाया निशाना

यूपी: एक ट्वीट पर पत्रकारों से लेकर ट्विटर तक पर मुक़दमा

सरकार की आलोचना करने वाले सज़ा के नहीं, सुरक्षा के हक़दार हैं

ट्यूनीशिया के पत्रकार संघ ने सरकारी न्यूज़ एजेंसी के पत्रकारों के विरोध प्रदर्शन पर पुलिस छापे की निंदा की


बाकी खबरें

  • पीपल्स डिस्पैच
    नेपाल ने अमेरिका के MCC अनुदान समझौते को विरोध प्रदर्शनों के बीच दी मान्यता, अब आगे क्या?
    04 Mar 2022
    नेपाली संसद में कई हफ़्तों तक चली उठापटक नतीजा आख़िरकार अमेरिका की एमसीसी के साथ 500 मिलियन डॉलर का समझौता रहा। इस समझौते के पहले सरकार के समझौते का विरोध कर रही राजनीतिक पार्टियों ने बड़े विरोध…
  • mamta banerjee
    विजय विनीत
    यूपी चुनावः बनारस के सियासी अखाड़े में दिग्गजों पर भारी पड़ीं ममता, भाजपा को दे गईं गहरी चोट
    04 Mar 2022
    बंगाली समाज के लोग बनारस में पीढ़ियों से बंग संस्कृति को जीवंत बनाए हुए हैं। पिछले कई चुनावों से वह बीजेपी को वोट देते आए हैं। इस बार ममता बनर्जी का अपमान और उनको यह कहना कि वो हिन्दू नहीं हैं, अंदर…
  • पीपल्स डिस्पैच
    यूक्रेन में चल रहे संघर्ष और युद्ध-विरोधी आंदोलन के परिपेक्ष्य
    04 Mar 2022
    शांति के लिए काम करने वाले एबी मार्टिन और ब्रायन बेकर रूस-यूक्रेन संघर्ष के सिलसिले में युद्ध विरोधी आंदोलन की दिशा में चर्चा करने के लिए आपस में मिले
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,396 नए मामले, 201 मरीज़ों की मौत
    04 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.16 फ़ीसदी यानी 69 हज़ार 897 हो गयी है।
  • mbbs
    रवि कौशल
    सरकार ने मेडिकल कॉलेजों की बजाय मंदिरों को प्राथमिकता दी,  इसी का ख़ामियाज़ा यूक्रेन में भुगत रहे हैं छात्र : मेडिकल विशेषज्ञ
    04 Mar 2022
    विशेषज्ञों का कहना है कि रूस, चीन और पूर्वी यूरोपीय देशों में मेडिकल की डिग्री हासिल करने के लिए जाने वाले भारतीय छात्रों की बड़ी तादाद की मुख्य वजह देश के निजी चिकित्सा संस्थानों की मोटी फीस है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License