NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बेल्जियम के श्रमिक सामाजिक सुरक्षा के बचाव के लिए सड़क पर उतरे
श्रमिकों ने सरकार से मांग की कि सामाजिक सुरक्षा में नियोक्ता की तरफ से दी जानी वाली सहायता में कमी करने के लिए व्यापार समर्थित नीतियों को बंद करें।
पीपल्स डिस्पैच
30 Jan 2020
Belgium
जनरल ऑफ फेडरेशन ऑफ बेल्जियम लेबर (एबीवीवी/एफजीटीबी) द्वारा मंगलवार को बुलाए गए देशव्यापी हड़ताल में 20,000 से अधिक श्रमिकों ने ब्रुसेल्स में रैली निकाली।

मंगलवार 28 जनवरी को सामाजिक सुरक्षा के बचाव में देशव्यापी हड़ताल में शामिल होकर बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में हज़ारों मज़दूरों ने रैली निकाला। इस रैली का आह्वान देश में समाजवादी व्यापार जनरल कन्फेड्रेशन ऑफ बेल्जियम लेबर (एबीवीवी/एफजीटीबी) द्वारा आह्वान किया गया था। रैली में शामिल लोगों ने सरकार से बेहतर वेतन और स्वास्थ्य बीमा की मांग की है।

रैली भीड़ को संबोधित करते हुए अपने बयान में एबीवीवी ने आरोप लगाया है कि 2016 और 2018 के बीच सरकार की व्यावसायिक समर्थित नीतियों के चलते सामाजिक सुरक्षा में नियोक्ता का योगदान 32.4% से घटकर 25% हो गया (इसकी लागत लगभग 5.8 बिलियन यूरो / 6.3 बिलियन यूएसडी है)। यह तरीका नियोक्ताओं की मदद कर रहा है जिसे सामाजिक सुरक्षा के वित्तपोषण को स्थिर करने के लिए बंद कर देना चाहिए।

एबीवीवी ने मांग की कि “65 वर्ष की आयु में सांविधिक पेंशन होनी चाहिए, 60% के बजाय औसत वेतन के 75% के बराबर पेंशन होनी चाहिए और 1,500 यूरो / 1651 अमरीकी डालर की न्यूनतम पेंशन होनी चाहिए। कीमतों में वृद्धि के साथ पेंशन को स्वतः बढ़ाया जाना चाहिए।”

1500 यूरो की न्यूनतम पेंशन के लिए देश में सक्रिय रूप से मुहिम चलाती रही बेल्जियम में वर्कर्स पार्टी (पीटीबी/पीवीडीए) भी प्रदर्शनकारियों में शामिल हुई और अपनी एकजुटता दिखाई। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ बेल्जियम (पीसीबी/सीपीबी) के कैडर भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

साभार :पीपल्स डिस्पैच

Belgium
Belgian Workers Party
Workers Party of Belgium
social security
Nationwide strike

Related Stories

पूर्वांचल में ट्रेड यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बीच सड़कों पर उतरे मज़दूर

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

केरल में दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के तहत लगभग सभी संस्थान बंद रहे

"जनता और देश को बचाने" के संकल्प के साथ मज़दूर-वर्ग का यह लड़ाकू तेवर हमारे लोकतंत्र के लिए शुभ है

मुद्दा: नई राष्ट्रीय पेंशन योजना के ख़िलाफ़ नई मोर्चाबंदी

ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 

बेल्जियमः वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर श्रमिक वर्ग सड़कों पर उतरा

खोज ख़बर :संविधान रक्षक किसान-मजदूर से भिड़ी मोदी सरकार

दिल्ली चलो: किसान सरकारी दमन के आगे झुकने वाले नहीं


बाकी खबरें

  • अभिलाषा, संघर्ष आप्टे
    महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता
    04 Apr 2022
    “हम इस बात की सराहना करते हैं कि सरकार जांच में देरी को लेकर चिंतित है, लेकिन केवल जांच के ढांचे में निचले रैंक के अधिकारियों को शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता”।
  • रवि शंकर दुबे
    भगवा ओढ़ने को तैयार हैं शिवपाल यादव? मोदी, योगी को ट्विटर पर फॉलो करने के क्या हैं मायने?
    04 Apr 2022
    ऐसा मालूम होता है कि शिवपाल यादव को अपनी राजनीतिक विरासत ख़तरे में दिख रही है। यही कारण है कि वो धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाजपा की ओर नरम पड़ते नज़र आ रहे हैं। आने वाले वक़्त में वो सत्ता खेमे में जाते…
  • विजय विनीत
    पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव
    04 Apr 2022
    पत्रकारों की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। जुलूस-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंचलिक पत्रकार भी शामिल हुए। ख़ासतौर पर वे पत्रकार जिनसे अख़बार…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
    04 Apr 2022
    बीएचयू में प्रशासन और छात्र एक बार फिर आमने-सामने हैं। सीएचएस में प्रवेश परीक्षा के बजाए लॉटरी सिस्टम के विरोध में अभिभावकों के बाद अब छात्रों और छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
  • टिकेंदर सिंह पंवार
    बेहतर नगरीय प्रशासन के लिए नई स्थानीय निकाय सूची का बनना ज़रूरी
    04 Apr 2022
    74वां संविधान संशोधन पूरे भारत में स्थानीय नगरीय निकायों को मज़बूत करने में नाकाम रहा है। आज जब शहरों की प्रवृत्तियां बदल रही हैं, तब हमें इस संशोधन से परे देखने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License