NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बंगाल चुनाव: चौथे चरण में 44 विधानसभा सीटों पर मतदान
चौथे चरण में होने वाले हाई प्रोफाइल मुकाबलों में कोलकाता में बंगाली फिल्म उद्योग का दिल कहे जाने वाले टॉलीगंज से बाबुल सुप्रियो और मौजूदा विधायक अरुप बिस्वास के ख़िलाफ़ चुनावी जंग दिलचस्प होगी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
09 Apr 2021
बंगाल चुनाव: चौथे चरण में 44 विधानसभा सीटों पर मतदान

कोलकाता: लोग विधायक से सांसद बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन बंगाल में इस बार उल्टा हो रहा है। केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने यहां अपने सांसदों को भी विधायकी के इलेक्शन में दांव पर लगा दिया है।

जी हां, चौथे चरण में जिन हाई प्रोफाइल सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें एक  कोलकाता में बंगाली फिल्म उद्योग का दिल कहे जाने वाले टॉलीगंज से बाबुल सुप्रियो की सीट भी है। आपको मालूम ही है कि बाबुल सुप्रियो न केवल भाजपा के मुखर नेता और सांसद हैं, बल्कि केंद्रीय मंत्री भी हैं।

भाजपा के दो अन्य सांसद भी 10 अप्रैल को होने वाले चुनाव में मैदान में हैं।

इस पर तृणमूल समेत सभी अन्य दलों ने चुटकी ली थी कि भाजपा के पास बंगाल में विधानसभा लड़ने तक के लिए लोग नहीं है। हालांकि बीजेपी ने यह जवाब देकर कि वो बंगाल के चुनाव को बहुत गंभीरता से ले रही है। अपनी झेंप मिटाने की कोशिश की थी।

केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो और पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी तथा अरूप बिस्वास की राजनीतिक किस्मत का फैसला शनिवार को चौथे चरण के चुनाव के लिए होने वाले मतदान में होगा, जिसके लिए तैयारी पूरी कर ली गई हैं।

इस चरण में उत्तर बंगाल में कूचबिहार तथा अलीपुरद्वार जिलों तथा दक्षिण 24 परगना, हावड़ा और हुगली में 44 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा।

निर्वाचन आयोग ने 44 निर्वाचन क्षेत्रों में बनाए 15,940 मतदान केंद्रों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की कम से कम 789 टुकड़ियों को तैनात किया है।

सीएपीएफ की सबसे अधिक 187 टुकड़ियों की तैनाती कूच बिहार में होगी जहां चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा की छिटपुट घटनाएं देखी गई थी। ऐसी ही एक घटना में तृणमूल कांग्रेस के कथित समर्थकों ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष पर हमला किया था।

चौथे चरण में होने वाले हाई प्रोफाइल मुकाबलों में कोलकाता में बंगाली फिल्म उद्योग का दिल कहे जाने वाले टॉलीगंज से बाबुल सुप्रियो और मौजूदा विधायक अरुप बिस्वास के खिलाफ चुनावी जंग दिलचस्प होगी। वहीं टीएमसी के महासचिव पार्थ चटर्जी लगातार चौथी बार विधानसभा चुनाव जीतने की कवायद में बेहाला पश्चिम सीट से भाजपा की उम्मीदवार एवं फिल्म अभिनेत्री श्राबंती चटर्जी को टक्कर देंगे।

शनिवार को होने वाले चुनाव में टीएमसी से भाजपा में शामिल हुए राजीव बनर्जी की किस्मत का भी फैसला होगा। ममता बनर्जी मंत्रिमंडल में पूर्व मंत्री राजीव बनर्जी हावड़ा जिले के दोमजुर से चुनाव लड़ेंगे। टीएमसी का साथ छोड़ भाजपा में शामिल शुभेंदु अधिकारी और राजीव बनर्जी लगभग हर चुनावी सभा में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के निशाने पर रहे हैं और उन्होंने उन्हें ‘‘गद्दार’’ तथा मीर जाफर तक बुलाया।

गौरतलब है कि मीर जाफर ने 1757 में प्लासी की ऐतिहासिक लड़ाई में बंगाल के नवाब सिराज-उद-दौला के साथ गद्दारी की थी।

वहीं राजीव बनर्जी ने चुनावी सभाओं में कहा है कि टीएमसी की ‘‘भ्रष्ट नीतियों’’ और उसके नेताओं के अहंकार तथा जन विरोधी कदमों के कारण पार्टी में बने रहना असंभव हो गया था।

इस चरण में भाजपा के सांसद लॉकेट चटर्जी और नितिश प्रमाणिक हुगली तथा कूचबिहार जिलों में क्रमश: चुचुड़ा तथा दिनहाटा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। उनके चुनाव लड़ने पर चुटकी लेते हुए ममता बनर्जी ने कहा था कि भगवा पार्टी के पास योग्य उम्मीदवार नहीं है जिसके चलते उसे अपने सांसदों को चुनावी मैदान में उतारना पड़ा है।

इस पर भाजपा ने कहा कि सांसदों को उम्मीदवार बनाना यह दिखाता है कि वह पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को कितनी अहमियत देती है।

शनिवार को होने वाले चुनाव में कुल 1,15,81,022 मतदाता 373 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर सकेंगे।

हावड़ा में नौ विधानसभा सीटों, दक्षिण 24 परगना में 11, अलीपुरद्वार में पांच, कूचबिहार में नौ और हुगली में 10 सीटों पर मतदान होगा।

बेहतर दैनिक मज़दूरी और ज़मीन के अधिकार को लेकर उम्मीद पाले हुए हैं चाय बाग़ान मज़दूर

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के चौथे और पांचवें चरण में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मतदाताओं का एक वर्ग वोट डालेगा जिसमें करीब 4.5 लाख चाय बगान मजदूर शामिल हैं। ये मजदूर बेहतर न्यूनतम दैनिक मजदूरी और अपने जमीन के अधिकार को लेकर उम्मीद पाले हुए हैं।

उत्तर बंगाल के दुआर्स और तराई क्षेत्र के 12 विधानसभा क्षेत्रों में क्रमश: शनिवार और 17 अप्रैल को चुनाव होंगे। यहां मजदूर संगठनों ने मजदूरों के कल्याण के लिए बार-बार अपील की है।

ज्वाइंट फोरम ऑफ ट्रेड यूनियन प्लांटेशंस के समन्वयक जियाउल आलम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा न्यूनतम दैनिक मजदूरी को 2014 से ही अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

उन्होंने कहा कि मामले पर गौर करने के लिए तृणमूल कांग्रेस की तरफ से गठित सलाहकार समिति ने 2018 में ही रिपोर्ट सौंप दी थी लेकिन इसे रोककर रखा गया है।

आलम ने कहा, ‘‘वर्तमान शासन ने अंतरिम वृद्धि कर प्रतिदिन 202 रुपये की है जो 176 रुपये प्रतिदिन से अधिक है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि हर चीज पर गौर करते हुए न्यूनतम दैनिक मजदूरी 442 रुपये तय की जाए।’’

आलम ने कहा कि दूसरा बड़ा मुद्दा मजदूरों को जमीन का अधिकार देने से जुड़ा हुआ है, जिनमें अधिकतर महिलाएं हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘बंगाल में किसी भी चाय बागान मजदूर के पास जमीन का मालिकाना हक नहीं है। इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।’’

इंटक से संबद्ध तराई-दुअर्स प्लांटेशन वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष नाकुर सामंत ने कहा कि मुद्दे का जल्द समाधान किया जाएगा।

सामंत ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी सरकार ने चाय बागान मजदूरों के लिए ‘चा सुंदरी’ योजना के तहत तीन लाख घर बनाने का निर्णय किया है। लेकिन कुछ अन्य बागान हैं जो बंद हो गए या परित्यक्त हैं, जहां मुकदमेबाजी चल रही है।’’

भारतीय मजदूर संघ नेता कुसुम लामा ने कहा कि चाय बागान मजदूर चिकित्सा सुविधाओं और स्वच्छ पेयजल के लाभ से वंचित हैं।

लामा ने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि न्यूनतम दैनिक मजदूरी 350 रुपये की जाए। भाजपा अगर पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है तो हमें उम्मीद है कि वे यह दर तय करेंगे।’’

चाय बागान के शीर्ष संगठन इंडियन टी एसोसिएशन का मानना है कि पिछले कुछ वर्षों से रोजाना मजदूरी में लगातार बढ़ोतरी हुई है और यह आगे भी बढ़ेगी।

आईटीए के महासचिव अरिजीत राहा ने कहा, ‘‘न्यूनतम रोजाना मजदूरी बड़ा मुद्दा नहीं है। चुनावी मौसम में यह राजनीतिक खेल का हिस्सा है।’’

दुआर्स-तराई क्षेत्र में 300 से अधिक चाय बागान हैं जिनमें कुमारग्राम, कालचीनी, मदारीहाट, अलीपुरदुआर, जलपाईगुड़ी और डाबग्राम फुलबारी जैसे चाय उत्पादक क्षेत्र शामिल हैं।

West Bengal Elections 2021
WB Elections Update
Fourth Phase Voting
BJP
TMC

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?


बाकी खबरें

  • ganga
    सबरंग इंडिया
    गंगा मिशन चीफ ने माना- कोरोना की दूसरी लहर में लाशों से ‘पट’ गई थी गंगा, योगी सरकार करती रही इनकार
    27 Dec 2021
    कोरोना की विनाशकारी दूसरी लहर के दौरान उत्तर प्रदेश में गंगा नदी ‘लाशों को फेंकने की आसान जगह’ बन गई थी। ये दावा एक नई किताब में किया गया है जिसके लेखक नेशनल मिशन टू क्लीन गंगा के महानिदेशक और नमामि…
  • Adityanath and Yogi
    सुबोध वर्मा
    कितना प्रभावी है यूपी का 'डबल इंजन'? 
    27 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश के कुछ प्रमुख आर्थिक संकेतक इस दावे को झूठा साबित करते हैं कि मोदी-योगी का 'डबल इंजन' शासन का मॉडल लोगों के लिए अच्छा है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 6,531 नए मामले, ओमिक्रॉन के मामले बढ़कर 500 के पार पहुंचे 
    27 Dec 2021
    देश में ओमीक्रॉन का ख़तरा लगातार बढ़ता ही जा रहे है। ओमीक्रॉन देश के अब तक 19 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश में फ़ैल चुका है, और कुल मामलों की संख्या बढ़कर 578 हो गयी है |
  • Narendra Singh Tomar
    अफ़ज़ल इमाम
    तोमर का बयान- एक तीर से दो निशाने !
    27 Dec 2021
    सूत्रों का मानना है कि किसानों की नई नवेली पार्टियों को मुद्दा थमाने के लिए तोमर ने यह बयान दिया है, ताकि इन दोनों राज्यों में उन्हें सक्रिय होने और जन समर्थन हासिल करने का मौका मिल सके।
  • Jammu and Kashmir
    द लीफलेट
    मुद्दा: जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग का प्रस्ताव आख़िर क्यों है विवादास्पद
    27 Dec 2021
    जहां जम्मू को छह नयी विधानसभा सीटें मिलेंगी,वहीं कश्मीर को महज़ एक और अतिरिक्त सीट से संतोष करना होगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License