NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बंगाल चुनाव : वाम मोर्चा के उम्मीदवारों को प्रमुख सीटों पर ‘उत्साहपूर्ण समर्थन’
दक्षिण 24 परगना की जादवपुर और टॉलीगंज जैसी प्रमुख सीटों पर वामपंथियों और उनके सहयोगियों का ‘जनवादी’ अभियान अपने चरम पर है।
संदीप चक्रवर्ती
25 Mar 2021
Translated by महेश कुमार
बंगाल चुनाव

कोलकाता: शहरी क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं के लिए नरेगा की ताल शहरी क्षेत्रों में 150 दिनों की  रोजगार की गारंटी और प्रवासी मजदूरों के लिए एक अलग विभाग स्थापित करने का वादा न सिर्फ कोलकाता के जादवपुर और टॉलीगंज क्षेत्र में बल्कि वामपंथी उम्मीदवारों के इस अभियान का असर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों जैसे कि भांगर में भी दिखाई दे रहा है।

जादवपुर विधानसभा, जहां से पिछला चुनाव भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की केंद्रीय समिति के सदस्य डॉ॰ सुजान चक्रवर्ती ने जीता था, ने पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान भी अपनी विजय की बढ़त को बनाए रखी था, हालांकि लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में वृद्धि देखी गई थी। पिछले विधानसभा चुनावों में, वाममोर्चा विधायक दल के नेता डॉ॰ सुजन चक्रवर्ती ने 20,000 से अधिक वोटों से इस सीट पर जीत हासिल की थी। इस बार के चुनाव में उनका सामना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व पदाधिकारी, जो अब तृणमूल कांग्रेस में हैं और इलाके के पार्षद रह चुके देवव्रत मजूमदार उर्फ मोलोय तथा भाजपा की रिंकू नस्कर से है, जिन्होंने पिछले साल सीपीआई (एम) के टिकट पर को बीजेपी से हराया था।

रिंकू और देवव्रत की दलबदलू वाली छवि दोनों के लिए चिंता का विषय और वामपंथियों के लिए बड़ी जीत है, क्योंकि दोनों ने अपनी पुरानी पार्टियों का दामन छोड़ भाजपा छोड़ टीएमसी का दामन थामा है, लेकिन कहा यह जाता है कि ये भाजपा की वैचारिक अभिभावक आरएसएस है, जो जादवपुर में सुजान चक्रवर्ती की मुख्य शत्रु है। ज़्यादातर विपक्षी उम्मीदवारों ने आरएसएस के प्रति निष्ठा की शपथ ली हुई है। बावजूद इस सब के यह सीट एक ऐसी सीट है जिसने परेशान समय में भी वामपंथियों दामन नहीं छोड़ा। दिलचस्प बात या कहिए खबर है कि स्थानीय स्तर के कुछ बिल्डिंग प्रमोटरों ने मजुमदार के बारे में एक कहानी सुनाई है, कि आम लोग उन्हे 'गैराज मोलोय' के नाम से जानते है, जो जाधवपुर और आस-पास के इलाकों में भवनों के निर्माण की मंजूरी देने के एवज़ में टॉलीगंज में अपने पार्षद होने बेज़ा फायदा उठाते हैं और निर्माण वाली बिल्डिंग में खुद के लिए गैरेज आरक्षित करवा लेते हैं। 

सीपीआई (एम) के जिला सचिवमण्डल के सदस्य और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के पूर्व राज्य सचिव सुदीप सेनगुप्ता ने बताया, कि "सभी पांच वार्डों में (जादवपुर के) सुजान दा इस बार अकाट बढ़त बनाएंगे।" सेनगुप्ता भी सुजान चक्रवर्ती की अभियान टीम के महत्वपूर्ण सदस्य है।

50 साल के जयंत सरकार ने कहा कि, "सुजान चक्रवर्ती ने हम सभी वोटरों के साथ निकट संपर्क बनाए रखा है,"। उन्होंने कहा कि वे सुजान चक्रवर्ती को राज्य के राजनीतिक परिपेक्ष में सितारा मानते हैं क्योंकि वे पूरे साल विधानसभा क्षेत्र के आम मतदाता से सीधा संपर्क रखते हैं।

1987 से 2011 तक, पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य जादवपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। 2011 में उनकी हार के बाद, ये सुजान चक्रवर्ती थे जिन्होंने 2016 के विधानसभा चुनावों में यहाँ से चुनाव लड़ा और टीएमसी के ऊर्जा मंत्री मनीष गुप्ता को हरा दिया था।

चक्रवर्ती जादवपुर विश्वविद्यालय से पढे है और कॉलेज के दिनों से ही जादवपुर के लोगों के साथ उनके घनिष्ठ संबंध रहे हैं, सौगता पॉल ने उक्त बातें बताई, जो पेशे से एक स्कूल शिक्षक हैं, और जिन्होंने सुदीप सेनगुप्ता और अन्य लोगों के साथ मिलकर क्षेत्र की मेहनतकश जनता के लिए लॉकडाउन के दौरान जाधवपुर में पीपुल्स कैंटीन चलाई थी।

गुंडागर्दी के ख़िलाफ़ लड़ता भांगर 

भांगर से इंडियन सेकुलर फ्रंट (ISF) के उम्मीदवार नौशाद सिद्दीकी, जो कि फुरफुरा शरीफ के पीरजादा भी हैं चुनाव लड़ रहे हैं और टीएमसी के सैय्यद गनी से उनकी सीधी टक्कर है। आईएसएफ राज्य में वाम दलों और कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ रही है।

दिलचस्प बात यह है कि, भांगर में चुनावी लड़ाई टीएमसी के लिए चुनौतीपूर्ण बन गई है क्योंकि भूमि के जबरन अधिग्रहण के विरोध में 2017 में यहाँ पूरा इलाका आंदोलित हो गया था। हाल ही में, बिजॉयगंज में एक आम सभा में, जिसमें वाम मोर्चे के अध्यक्ष बिमान बसु उपस्थिति थे, में नौशाद सिद्दीकी की उम्मीदवारी की घोषणा की गई थी, इस सभा में लगभग 50,000 आईएसएफ और वाम मोर्चे के कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने भाग लिया था। सभा को संबोधित करते हुए वाम नेताओं और आईएसएफ प्रमुख अब्बास सिद्दीकी ने कृषि वाले भांगर क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज सुविधा के निर्माण की बात कही।

अपने संबोधन में, बिमान बसु ने लोगों से कहा कि वे ईवीएम के हेरफेर के सामने न झुके बल्कि अधिक से अधिक लोगों को साथ लेते हुए "वापस जाए" और वोट करें। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक बूथ के आसपास एक सुरक्षा जाल बनाने की अपील की ताकि वोट की लूट के लिए कुख्यात सत्तारूढ़ टीएमसी की हिंसा को रोका जा सके। इस विशाल रैली के अगले दिन, कुछ गुंडे जो कथित रूप से टीएमसी से जुड़े थे, ने रैली में शामिल होने की जुर्रत करने वाले आईएसएफ के एक समर्थक के घर में आग लगा दी। यह हादसा भांगर के बोदरा इलाके के सोपा गांव में हुआ है। पुलिस की सलाह पर, जब पीड़ित अजीज मोल्लाह शिकायत दर्ज करने पुलिस स्टेशन गए, तो उसे सड़क पर कथित रूप से पीटा गया। अंतत: घर में आग लगाने के मामले में तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

मैले पानी में बबूल 

टॉलीगंज की हेवीवेट असेंबली सीट पर पिछले विधानसभा चुनावों में सीपीआई(एम) और टीएमसी के बीच कांटे की टक्कर हुई थी। इस वर्ष लगभग तीन लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर सिने आर्टिस्ट देवदूत घोष, पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो जिन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए लोकसभा से इस्तीफा दे दिया है और राज्य के युवा मामलों के मंत्री अरूप बिस्वास के बीच टक्कर हैं।

"जहां भी हम जा रहे हैं, हमें उत्साह के साथ समर्थन मिल रहा है।" देबदूत ने न्यूज़क्लिक को बताया। एक और बात जो सुप्रियो की संभावनाओं पर पानी फेर सकती वह है, वह 2018 में आसनसोल के दंगों में उनकी कथित भूमिका है। टॉलीगंज को सांप्रदायिक सद्भाव के लिए  जाना जाता है और बाबुल की बीमार मानसिकता और सांप्रदायिक दृष्टिकोण कई मतदाताओं को नाराज़ का रहा हैं, उक्त बातें राखी चक्रवर्ती ने कही जोकि कोलकाता नगर निगम के वार्ड 97 से वामपंथी कार्यकर्ता हैं। 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

Bengal Elections: Left Candidates in Key Seats Claim ‘Rave Response’ from People

Bengal Assembly Elections 2021
West Bengal
jadavpur
Sujan Chakraborty
Babool Supriyo
Bhangar
Bengal Elections
CPIM
TMC

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

त्रिपुरा: सीपीआई(एम) उपचुनाव की तैयारियों में लगी, भाजपा को विश्वास सीएम बदलने से नहीं होगा नुकसान

प. बंगाल : अब राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगे विश्वविद्यालयों के कुलपति

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

श्रृंगार गौरी के दर्शन-पूजन मामले को सुनियोजित रूप से ज्ञानवापी मस्जिद-मंदिर के विवाद में बदला गयाः सीपीएम

झारखंड : हेमंत सरकार को गिराने की कोशिशों के ख़िलाफ़ वाम दलों ने BJP को दी चेतावनी

मुंडका अग्निकांड: लापता लोगों के परिजन अनिश्चतता से व्याकुल, अपनों की तलाश में भटक रहे हैं दर-बदर

मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF

शाहीन बाग़ : देखने हम भी गए थे प तमाशा न हुआ!


बाकी खबरें

  • बिहारः कोरोना टीके से मौत का आरोप लगाकर चिकित्सा पदाधिकारी को बनाया बंधक
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः कोरोना टीके से मौत का आरोप लगाकर चिकित्सा पदाधिकारी को बनाया बंधक
    15 Dec 2021
    कोरोना टीके से मौत का आरोप लगाते हुए कटिहार में वैक्सीनेशन महाअभियान के तहत टीकाकरण के लिए मनसाही के छोटी बथना गांव गए चिकित्सा पदाधिकारी को ग्रामीणों ने दो घंटे तक बंधक बनाए रखा।
  • kisan@378
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन : पूरे 378 दिनों का ब्यौरा
    15 Dec 2021
    ‘378’... ये महज़ एक संख्या नहीं है, बल्कि वो दिन और राते हैं, जो हमारे देश के अन्नदाताओं ने दिल्ली की सड़कों पर गुज़ारी हैं, उसके बाद उन्हें एक ऐतिहासिक जीत मिली है।
  • Asha
    सरोजिनी बिष्ट
    एक बड़े आंदोलन की तैयारी में उत्तर प्रदेश की आशा बहनें, लखनऊ में हुआ हजारों का जुटान
    15 Dec 2021
    13 दिसंबर को "उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन" (सम्बद्ध एक्टू) के बैनर तले विभिन्न जिलों से आईं हजारों आशा बहनों ने लखनऊ के इको गार्डेन में हुंकार भरी।
  • Uttrakhand
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड: गढ़वाल मंडल विकास निगम को राज्य सरकार से मदद की आस
    15 Dec 2021
    “गढ़वाल मंडल विकास निगम का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड राज्य में पर्यटन की सम्भावनाएँ तलाशना, रोजगार के अवसर तलाशना और पलायन को रोकना है ना कि मुनाफा कमाना”
  • अमेरिका में नागरिक शिक्षा क़ानूनों से जुड़े सुधार को हम भारतीय कैसे देखें?
    शिरीष खरे
    अमेरिका में नागरिक शिक्षा क़ानूनों से जुड़े सुधार को हम भारतीय कैसे देखें?
    15 Dec 2021
    "यह सुनिश्चित करना अति महत्त्वपूर्ण है कि हम अपने बच्चों को पढ़ाएं कि वे कैसे ज़िम्मेदार नागरिक बन सकें।" अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने पिछले दिनों वहां के एक मिडिल स्कूल में यह…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License