NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बंगाल : जादू-टोने के चलते दो बच्चों की मौत, दो घायल
“यह अंधविश्वास का मामला है। बच्चे बच गए होते अगर परिजन तांत्रिकों की बजाए उन्हें डॉक्टर के पास ले जाते। मैंने ग्रामीणों से ऐसे अंधविश्वासी बातों में यकीन नहीं करने की अपील की।”
भाषा
15 Feb 2020
black magic
प्रतीकात्मक तस्वीर

मालदा : पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में बच्चों पर जादू-टोना किए जाने के चलते दो बच्चों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।   पुलिस के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि यह घटना शुक्रवार की रात गजोले थाना क्षेत्र के कदमताली गांव में हुई थी।

पुलिस जिला अधीक्षक आलोक रजोरिया ने कहा, “मृतक लड़कों की उम्र पांच और सात साल थी जबकि तीन और छह साल की दो बहनों को मालदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जांच शुरू कर दी गई है और मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।”

बच्चों के परिजन ने बताया कि चारों लड़कों और दोनों लड़कियों पर जादू-टोना किया गया था। शुक्रवार शाम पास के जंगल से लौटने के बाद सभी बच्चे बेहोश हो गए थे।  उन्होंने बताया कि बच्चे वहां खेलने गए थे।

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि शुरुआती जांच से लगता है कि बच्चों ने जंगल से कोई जहरीला फल खा लिया था।

टीएमसी की स्थानीय विधायक दीपाली बिस्वास ने शनिवार को गांव का दौरा किया और अस्पताल में बच्चों से मुलाकात की।  उन्होंने कहा, “यह अंधविश्वास का मामला है। बच्चे बच गए होते अगर परिजन तांत्रिकों की बजाए उन्हें डॉक्टर के पास ले जाते। मैंने ग्रामीणों से ऐसे अंधविश्वासी बातों में यकीन नहीं करने की अपील की।”

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि चिकित्सीय टीम को गांव भेजा गया है।

bengal
West Bengal
Bewitchment
black magic
superstition

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

प. बंगाल : अब राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगे विश्वविद्यालयों के कुलपति

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF

‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान

बढ़ती हिंसा और सीबीआई के हस्तक्षेप के चलते मुश्किल में ममता और तृणमूल कांग्रेस

बलात्कार को लेकर राजनेताओं में संवेदनशीलता कब नज़र आएगी?

टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है

बंगाल में हिंसा और यूपी में विरोध को बुल्डोज करता 'निर्विरोध'

महंगाई और पेट्रोल के दाम पर घिरी मोदी सरकार


बाकी खबरें

  • बी. सिवरामन
    खाद्य मुद्रास्फीति संकट को और बढ़ाएगा रूस-यूक्रेन युद्ध
    04 Apr 2022
    सिर्फ़ भारत में ही नहीं, खाद्य मुद्रास्फीति अब वैश्विक मुद्दा है। यह बीजिंग रिव्यू के ताजा अंक की कवर स्टोरी है। संयोग से वह कुछ दिन पहले न्यूयॉर्क टाइम्स की भी एक प्रमुख कहानी बन गई।
  • राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष: सांप्रदायिकता का विकास क्या विकास नहीं है!
    04 Apr 2022
    वो नेहरू-गांधियों वाला पुराना इंडिया था, जिसमें सांप्रदायिकता को तरक्की का और खासतौर पर आधुनिक उद्योग-धंधों की तरक्की का, दुश्मन माना जाता था। पर अब और नहीं। नये इंडिया में ऐसे अंधविश्वास नहीं चलते।
  • विजय विनीत
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों के सामने ही ख़ाक हो गई उनकी मेहनत, उनकी फसलें, प्रशासन से नहीं मिल पाई पर्याप्त मदद
    04 Apr 2022
    "हमारी ज़िंदगी ही खेती है। जब खेती बर्बाद होती है तो हमारी समूची ज़िंदगी तबाह हो जाती है। सिर्फ़ एक ज़िंदगी नहीं, समूचा परिवार तबाह हो जाता है। पक चुकी गेहूं की फसल की मडाई की तैयारी चल रही थी। आग लगी…
  • भाषा
    इमरान खान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव खारिज किए जाने पर सुनवाई करेगा उच्चतम न्यायालय
    04 Apr 2022
    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की सिफारिश पर नेशनल असेंबली (एनए) को भंग कर दिया है। इससे कुछ ही देर पहले नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम सूरी ने प्रधानमंत्री के…
  • शिरीष खरे
    कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?
    04 Apr 2022
    महाराष्ट्र के पिलखाना जैसे गांवों में टीकाकरण के तहत 'हर-घर दस्तक' के बावजूद गिने-चुने लोगों ने ही कोविड का टीका लगवाया। सवाल है कि कोविड रोधी टीकाकरण अभियान के एक साल बाद भी यह स्थिति क्यों?
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License