NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बंगाल ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने के लिए आगे आये ‘रेड वालंटियर्स’
जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल में दुर्घटना में घायल यात्रियों को यथासंभव मदद पहुंचाने के लिए आपातकालीन स्थिति में रक्तदान करने के लिए करीब चालीस रेड वालंटियर्स फौरन पहुंचे।  
संदीप चक्रवर्ती
15 Jan 2022
Red Volunteers

उत्तरी बंगाल में डोमोहोनी पुल और मैनागुरी के पास हुए घातक बीकानेर-गुवाहाटी ट्रेन दुर्घटना के कुछ मिनटों के भीतर ही रेड वालंटियर्स हरकत में आ गये। रेड वालंटियर्स की टीम के द्वरा घायलों के उपचार का इंतजाम करने और आसपास के क्षेत्रों से स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (एसएफआई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (डीवाईऍफ़आई) के कार्यालयों में रक्त संग्रह शिविर के आयोजन किये गए। मैनागुरी बाज़ार इलाके में स्थित ये कार्यालय सारी रात भर घायलों को मदद पहुंचाने के लिए खुले रहे।

आम जनता से मदद की अपील के लिए पांच रेड वालंटियर्स के नाम को साझा किये गए थे। कई वालंटियरों ने घायलों के लिए रक्तदान की जरूरत हेतु रेल प्रशासन से भी संपर्क बना रखा था। इसके अलावा, 40 रेड वालंटियरों ने दुर्घटना में घायल यात्रियों के लिए रक्त की आपूर्ति की जरूरत को पूरा करने के लिए जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल में आपातकालीन आधार पर रक्तदान किया। इस भयानक ट्रेन हादसे में अभी तक नौ लोगों की मौत हो जाने की खबर है और 50 से अधिक लोग अभी भी गंभीर रूप से घायल अवस्था में हैं।

रेड वालंटियर्स, वामपंथी कार्यकर्ताओं का एक अर्ध-औपचारिक समूह है जिसे मार्च 2020 में गठित किया गया था। कोविड-19 महामारी की स्थिति से निपटने के लिए यह पश्चिम बंगाल में सक्रिय रहा है, जिसका काम मरीजों की जरूरतों और सरकारी बुनियादी ढाँचे के बीच की खाई को पाटने का निर्धारित किया गया था, जो महामारी की पिछली दो लहरों के दौरान, कई मौकों पर कम पड़ गया। एसएफआई जलपाईगुड़ी की स्थानीय कमेटी के सचिव अनिर्बन डे ने बताया कि दुर्घटना की खबर पाते ही कुछ ही मिनटों के भीतर वालंटियर्स एसएफआई कार्यालय में जमा हो गए थे।

इनमें से कुछ तो घायलों को रक्तदान करने के लिए सीधे जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल के जलपाईगुड़ी जिला ब्लड बैंक पहुँच गए।इसी बीच एक के बाद एक कई घायलों को दुर्घटना स्थल से निकालकर इलाज के लिए जिला अस्पताल में लाने का सिलसिला शुरू हो लगा।अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, उस समय उपलब्ध रक्त का स्टॉक जरूरत के मुताबिक कम था। इस स्थिति से निपटने के लिए रेड वालंटियर्स ने रक्तदान की इच्छुक कई टीमों को तैयार करने का काम किया, और जरूरत पड़ने पर सीधे रक्त ट्रांसफ्यूजन के लिए भी प्रबंध किये। घायलों के परिजनों के लिए मैनागुरी एसएफआई कार्यालय में एक विशेष हेल्पलाइन नंबर और एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया था, जहाँ से पल-पल के हालात का मुआयना किया जा रहा था।

सीपीआई(एम) मैनागुरी इलाका कमेटी की सचिव अपूर्बा रॉय दुर्घटनास्थल पर पहुँचीं और उन्होंने स्थिति का जायजा लेना शुरू किया। रेड वालंटियर्स की टीमों के साथ-साथ, उन्होंने वहां पर तैनात एनडीआरएफ की टीम के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों का काम करना शुरू कर दिया था। इससे पहले, स्थानीय ग्रामीणों की ओर से पटरी से उतरे डिब्बों में घुसने की कोशिश की जा चुकी थी, जो व्यर्थ साबित हुई।

शुक्रवार को ट्रेन दुर्घटना के घायल पीड़ितों की की मदद के लिए नार्थ बंगाल मेडिकल कॉलेज के सामने भी रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। 2020 में, प्रगतिशील सोच रखने वाले युवा लॉकडाउन से प्रभावित राज्य की आम जनता के पक्ष में खड़े होने के लिए आगे आये थे। कोलकाता सीपीआई(एम) के जिला सचिव एवं राज्य में रेड वालंटियर्स मुहिम के समर्थक, कल्लोल मजुमदार ने कहा, “यह करीब-करीब उन सभी के लिए एक समृद्ध, सूक्ष्म-स्तरीय अनुभव रहा क्योंकि उन्होंने आम लोगों को संकट से लड़ने में मदद की।” उन्होंने आगे बताया कि जब इस पहल की शुरुआत की जा रही थी, तो इसमें भाग लेने वाले नौजवानों को यह स्पष्ट नहीं था कि लोगों की क्या-क्या जरूरतें हो सकती हैं। “हालाँकि, तीन महीनों तक काम करते हुए, उन्हें उनकी जरूरतों के बारे में आवश्यक जानकारी मिल चुकी थी। अब तीसरी लहर की शुरुआत में वे पहले से अधिक तैयार हैं। इस बार, यदि एक विकेंद्रित ढाँचे के तहत, ये स्वंयसेवक जरुरतमंदों के साथ खड़े रह पाए, तो यह उनके लिए एक समृद्ध अनुभव प्रदान करने वाला साबित होगा।”

हालाँकि ट्रेन हादसा कहीं से भी कोविड-19 संकट से संबंधित नहीं था जिसके लिए इस रेड वालंटियर्स का गठन किया गया था, लेकिन इस दुःखद पटरी से उतरने की घटना में उनकी तत्परता कई लोगों की जान बचा पाने में निश्चित तौर पर काम आई है।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित इस मूल आलेख को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें:

Red Volunteers Come to Aid of Bengal Train Accident Victims

SFI
DYFI
Red Volunteers
CPI(M)
North Bengal
train derailment
train accident
NDRF
COVID-19
Third Wave
Jalpaiguri

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

दिल्ली: रामजस कॉलेज में हुई हिंसा, SFI ने ABVP पर लगाया मारपीट का आरोप, पुलिसिया कार्रवाई पर भी उठ रहे सवाल

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

केरल उप-चुनाव: एलडीएफ़ की नज़र 100वीं सीट पर, यूडीएफ़ के लिए चुनौती 


बाकी खबरें

  • अनिल अंशुमन
    झारखंड: हेमंत सरकार की वादाख़िलाफ़ी के विरोध में, भूख हड़ताल पर पोषण सखी
    04 Mar 2022
    विगत 23 फ़रवरी से झारखंड राज्य एकीकृत पोषण सखी संघ के आह्वान पर प्रदेश की पोषण सखी कार्यकर्ताएं विधान सभा के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठी हुई हैं।
  • health sector in up
    राज कुमार
    यूपी चुनाव : माताओं-बच्चों के स्वास्थ्य की हर तरह से अनदेखी
    04 Mar 2022
    देश में डिलीवरी के दौरान मातृ मृत्यु दर 113 है। जबकि उत्तर प्रदेश में यही आंकड़ा देश की औसत दर से कहीं ज़्यादा 197 है। मातृ मृत्यु दर के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
  • Mirzapur
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी चुनाव : मिर्ज़ापुर के ग़रीबों में है किडनी स्टोन की बड़ी समस्या
    04 Mar 2022
    जिले में किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी के मामले बहुत अधिक हैं, और सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के चलते पहले से ही दुखी लोगों की आर्थिक स्थिति ओर ख़राब हो रही है।
  • workers
    अजय कुमार
    सरकार की रणनीति है कि बेरोज़गारी का हल डॉक्टर बनाकर नहीं बल्कि मज़दूर बनाकर निकाला जाए!
    04 Mar 2022
    मंदिर मस्जिद के झगड़े में उलझी जनता की बेरोज़गारी डॉक्टर बनाकर नहीं, बल्कि मनरेगा जैसी योजनाएं बनाकर हल की जाती हैं।
  • manipur election
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर चुनाव: भाजपा के धनबल-भ्रष्ट दावों की काट है जनता का घोषणापत्र
    03 Mar 2022
    ख़ास इंटरव्यू में वरिष्ठ पत्रकारा भाषा सिंह ने बातचीत की ह्यूमन राइट्स अलर्ट के बबलू लोइतोंगबन से। आप भी सुनिए मणिपुर के राजनीतिक माहौल में मानवाधिकारों पर छाए ख़ौफ़ के साये के बारे में बेबाक बातचीत।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License