NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बेंजामिन नेतन्याहू बहुमत पाने में फिर विफल, इज़रायल में गतिरोध जारी
दो साल में चौथी बार हुए चुनाव के बावजूद आज घोषित परिणामों में कोई भी पार्टी या गठबंधन 120 सदस्यीय इजरायली संसद केसेट में 61 सीटों के बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई है। चुनाव मंगलवार 23 मार्च को हुआ था।
पीपल्स डिस्पैच
26 Mar 2021
बेंजामिन नेतन्याहू बहुमत पाने में फिर विफल, इज़रायल में गतिरोध जारी

पिछले दो वर्षों के भीतर इजरायल के चौथे संसदीय चुनावों में सभी वोटों की गिनती के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अगुवाई वाली अति दक्षिणपंथी पार्टियों का गठबंधन बहुमत हासिल करने में एक बार फिर विफल रही है। जिन दलों ने नेतन्याहू को अपना समर्थन देने का वादा किया है उन्हें 120 सदस्य वाले केसेट में 52 सीटें मिली हैं। बहुमत के लिए 61 सीटों की आवश्यकता होती है।

नेतन्याहू समर्थक समूह लिकुड मार्च 2020 में हुए पिछले चुनावों की तुलना में 6 सीटें हार गई इसके बावजूद 30 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी है। इसके पारंपरिक सहयोगियों, शास (9), यूनाइटेड टोरा ज्यूडइज्म (7) और रीलिजियस जियोनिज्म (6) के साथ इस गठबंधन की 52 सीटें हैं।

विपक्षी खेमे में वे दल शामिल हैं जिसने स्पष्ट रूप से कहा है कि वे नेतन्याहू के सहयोगी नहीं रहेंगे। इस खेमे की 57 सीटें हैं। पूर्ववर्ती यूनाइटेड सरकार में नेतन्याहू की सहयोगी रही पार्टियों की 38 सीटें हैं जो विपक्षी खेमे अन्य बड़ी पार्टियां बन कर उभरी हैं। इन सहयोगियों में बेन्नी गांट्ज की ब्लू एंड व्हाइट (8), एविग्डर लीबरमेन के नेतृत्व वाली इस्रायल बेतेनू (7), तत्कालीन लिकुड सदस्य जिसने गत दिसंबर में नेतन्याहू के नेतृत्व को लेकर इससे गठबंधन तोड़ लिया था वह गिडियोन सार के नेतृत्व वाली न्यू होप (6) हैं।

नेतन्याहू विरोधी में नए नेता मेरव मिकाइली के नेतृत्व में सेंटर लेफ्ट और लेफ्ट ब्लॉक, लेबर ने ने अपनी 7 सीटों का इजाफा किया, लेफ्ट-विंग मेरेट्ज को 6 सीटें मिली और अरब ज्वाइंट लिस्ट को 6 सीटें मिलीं। पिछले चुनाव में, Ra’am (राजनीतिक दल) के साथ साथ मेरेट्ज़ अरब ज्वाइंट लिस्ट का हिस्सा था और इसकी 16 सीटें थीं।

पिछले चुनाव में अरब ज्वाइंट लिस्ट के एक घटक Ra’am ने 23 मार्च को अकेले चुनाव लड़ा और 4 सीटें हासिल कीं, और नेफ्टली बेनेट (7) की अगुवाई वाली यामिना ने नेतन्याहू के साथ गठबंधन से न तो इनकार किया है और न ही गठबंधन किया है और इस तरह संतुलन बनाए रखा। लिकुड के पारंपरिक दक्षिणपंथी सहयोगियों में इस्लामवादियों के प्रति शत्रुता को देखते हुए ऐसी बहुत कम संभावना है कि Ra’am नेतन्याहू के नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा होगा। इससे सरकार के गठन की संभावना और भी कठिन हो जाती है।

Israel
Benjamin Netanyahu

Related Stories

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई

ईरान नाभिकीय सौदे में दोबारा प्राण फूंकना मुमकिन तो है पर यह आसान नहीं होगा

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

2021: अफ़ग़ानिस्तान का अमेरिका को सबक़, ईरान और युद्ध की आशंका


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License