NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
वेनेज़ुएला में विश्व के नेता साम्राज्यवाद-विरोधी, नवउदारवाद-विरोधी संघर्षों के लिए एकजुट
विश्व भर के 600 से अधिक नेता, बुद्धिजीवी, एक्टिविस्ट और प्रतिनिधि एक अंतरराष्ट्रीय मंच में भाग लेने के लिए काराकस में मिले जिसका उद्देश्य दुनिया भर में साम्राज्यवाद और नवउदारवाद के ख़िलाफ़ लोगों के संघर्षों को एकजुट करना है।
पीपल्स डिस्पैच
25 Jun 2021
वेनेज़ुएला में विश्व के नेता साम्राज्यवाद-विरोधी, नवउदारवाद-विरोधी संघर्षों के लिए एकजुट

21 जून को वेनेजुएला की राजधानी कराकास में शुरू हुई बाइसेंटेनियल कांग्रेस ऑफ द पीपल्स ऑफ वर्ल्ड 24 जून को समाप्त हुई। दुनिया भर के 600 से अधिक नेताओं, बुद्धिजीवियों, एक्टिविस्टों और विभिन्न प्रगतिशील संगठनों, सामाजिक संगठनों और ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि वेनेज़ुएला से साम्राज्यवाद-विरोधी और नव-उदारवाद-विरोधी संघर्ष के लिए एक मंच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक साथ आएं।

फरवरी की शुरूआत में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने 80 से अधिक देशों के सैकड़ों प्रतिनिधियों के साथ वर्चुअल बैठकें कीं और उन्हें इस बैठक में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया।

चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय बैठक के दौरान प्रतिनिधियों का उद्देश्य पूंजीवाद के संकट, COVID-19 महामारी के प्रभावों, संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य योजनाओं और साम्राज्यवादी हमलों का विरोध करने वाले राष्ट्रों के खिलाफ एकतरफा सख्त कार्रवाईयों पर एक आम स्थिति स्थापित करना है।

वे नवउदारवादी नीतियों के कार्यान्वयन के खिलाफ सामाजिक संघर्षों का समर्थन करने के लिए प्रगतिशील ताकतों के बीच अंतरराष्ट्रीय एकजुटता के उच्च स्तर को प्राप्त करने के लिए, मानवता के लिए आवश्यक परिवर्तन लाने को लेकर चुनावों में राजनीतिक संघर्ष लिए, साथ ही साथ स्वतंत्रता और समानता के सिद्धांतों पर आधारित एक बेहतर विश्व के निर्माण के लिए रणनीतियों पर चर्चा कर रहें हैं और तैयार कर रहे हैं।

वे प्रगतिशील उपायों के साथ विश्व अर्थव्यवस्था में मंदी और लोगों पर इसके आर्थिक और सामाजिक प्रभावों का सामना करने के लिए विचारों और राय का आदान-प्रदान करने की भी मांग कर रहे हैं। वे सभी राष्ट्रों के बीच शांति के निर्माण और रक्षा, लोकतंत्र के सहभागी और अग्रणी, मानवाधिकारों और राष्ट्रों का आत्मनिर्णय के अधिकार को लेकर लोगों की एकता को मजबूत करने का आह्वान कर रहे हैं।

ये अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन काराबोबो की लड़ाई की 200 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस लड़ाई के कारण स्पेन से वेनेजुएला को स्वतंत्रता मिली थी। 24 जून 1821 को लिबेरेटर साइमन बोलिवर के नेतृत्व में देशभक्तों की सेना ने स्पेनिश साम्राज्य को हरा दिया। इस जीत के बाद वेनेजुएला की सेना पड़ोसी देशों कोलंबिया, पनामा, इक्वाडोर और बोलीविया में रहने वाले लोगों को मुक्त कराने को आगे बढ़ी। यह आयोजन बोलीविया के नेता की विरासत को जारी रखने के लिए प्रतिबद्धता और वेनेजुएला की एकजुटता और अंतर्राष्ट्रीयता की इस ऐतिहासिक भावना का सम्मान करने के लिए किया जाता है।

Venezuela
Bicentennial Congress of the Peoples of the World

Related Stories

वेनेज़ुएला ने ह्यूगो शावेज़ के ख़िलाफ़ असफल तख़्तापलट की 20वीं वर्षगांठ मनाई

ज़ेलेंस्की ने बाइडेन के रूस पर युद्ध को बकवास बताया

अमेरिकी सरकार के साथ बैठक के बाद मादुरो का विपक्ष के साथ बातचीत फिर से शुरू करने का ऐलान

बाइडेन का पहला साल : क्या कुछ बुनियादी अंतर आया?

पेरू और सेंट लूसिया ने वेनेज़ुएला-विरोधी लीमा समूह से हटने की घोषणा की

ALBA-TCP ने कोविड-19 टीकों की ख़रीद में वेनेज़ुएला की वित्तीय रोक की निंदा की

अर्जेंटीना लीमा ग्रुप से हटा और वेनेज़ुएला पर लगाए गए प्रतिबंधों की निंदा की

ब्राज़ील में ‘गुलाबी लहर’ की वापसी 

वेनेजुएला, क्यूबा और निकारागुआ के ख़िलाफ़ अमेरिकी प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग लैटिन अमेरिका में बढ़ी

अमेरिका की सुनियोजित योजना: पाबंदी के ज़रिए गला घोंटना


बाकी खबरें

  • Modi
    शंभूनाथ शुक्ल
    प्रधानमंत्री की कानपुर यात्रा: “बुढ़ापा हमका चापर किहिस!”
    01 Jan 2022
    कानपुर रैली में उनके भाषण को देख कर लगा कि जैसे उन्हें कानपुर से चिढ़ हो। शायद इसलिए कि कानपुर शहर का मिज़ाज थोड़ा भिन्न है। कानपुर लम्बे समय तक कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ रहा है।
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे
    01 Jan 2022
    कारपोरेट-फासीवादी आक्रामकता के कैसे ख़ौफ़नाक दौर में हम  फंसे हैं, यह किसान-आंदोलन के स्थगन के 15 दिन के अंदर के घटनाक्रम से ही साफ हो गया है।
  • 2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    सुबोध वर्मा
    2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    01 Jan 2022
    पूरे साल के दौरान, औद्योगिक श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों, स्वरोज़गार श्रमिकों, बेरोज़गारों, पुरुष-महिलाओं, युवा-बूढ़ों – यानी कामकाजी लोगों के सभी तबक़ों ने साथ मिलकर अपनी आजीविका पर लगातार हो रहे…
  • Missionaries of Charity's
    कुमुदिनी पति
    मिश्नरीज़ ऑफ चैरिटी के FCRA रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन क्यों ख़ारिज हुआ?
    01 Jan 2022
    मिशनरीज ऑफ चैरिटी क्या है? यह क्या काम करता है कि इसका एफसीआरए रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन ख़ारिज किया गया। 
  • calendar of IIT Kharagpur
    सोनिया यादव
    क्या हिंदुत्व के प्रचार-प्रसार के लिए आईआईटी खड़गपुर का कैलेंडर तैयार किया गया है?
    01 Jan 2022
    कैलेंडर विवाद में जहां संस्थान और इस कैलेंडर को तैयार करने वाले इसमें कुछ भी गलत नहीं होने का दावा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई शिक्षाविद् और संस्थान के पूर्व छात्र इसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License