NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बाइडेन ने चीन से बातचीत शुरू की
चीन को बाइडेन के इस रुख से उम्मीद है कि बातचीत अनिवार्य रूप से बेहतर "संभावनाएं" खोलेगी।
एम. के. भद्रकुमार
15 Feb 2021
Translated by महेश कुमार
बाइडेन ने चीन से बातचीत शुरू की
जोशुआ बेल और सैम हैवुड 14 नवंबर, 2012 को वाशिंगटन, डीसी के नेवल ऑब्जर्वेटरी निवास में चीनी उपराष्ट्रपति शी के लिए तत्कालीन उप राष्ट्रपति जोए बाइडेन और डॉ जिल बाइडेन की ओर से आयोजित रात्रिभोज में परफ़ॉर्म करते हुए।

नए अमेरिकी प्रशासन में जो अंतर है वह यह कि बाइडेन के पास जिस विदेश नीति का अनुभव है, ऐसे अनुभव वाले अमेरिकी राष्ट्रपति कभी नहीं बने हैं। बाइडेन अपने साथ 1973 से 2016 तक और इसके बाद भी लगातार आधी सदी से भी अधिक समय के अनुभव को राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस और अमेरिकी सीनेट में लेकर आए हैं। 

बाइडेन ने पिछले हफ्ते खुद ही इस याद को तरोताजा करते हुए कहा कि, जो मुझे बताया गया है कि "शायद मैंने (चीनी राष्ट्रपति) शी जिनपिंग के साथ किसी भी विश्व नेता से अधिक समय बिताया है।" बाइडेन ने फरवरी 2012 में उपराष्ट्रपति के रूप में अमेरिका की तरफ शी की यात्रा के दौरान उनकी मेजबानी की थी, और शी के सुझाव पर में दौरे के दौरान उनके साथ रहा था। बाइडेन ने शी को उस तरफ भी इशारा किया जब वे पिछले साल उपराष्ट्रपति के रूप में चीन का दौरा करने गए थे। उन्होंने आपसी विश्वास में अनगिनत घंटे बातचीत की थी। 

यह कहना काफी होगा कि जब गुरुवार को बाइडेन ने शी से फोन पर बात की थी तो वह चर्चा उनके व्यक्तिगत संबंध की निरंतरता को दर्शाती है। शी ने बड़े मर्मस्पर्शी अंदाज़ में 2011 में बाइडेन की 4-दिवसीय यात्रा के दौरान तिब्बती पठार पर एक निजी रात्रि भोज का किस्सा याद किया, जब बाइडेन ने अमेरिका को एक शब्द में परिभाषित किया था: संभावनाएं। शी ने बाइडेन को याद दिलाया कि: "आपने कहा था कि अमेरिका को एक शब्द में परिभाषित किया जा सकता है: संभावनाएं। हमें उम्मीद है कि ये संभावनाएं अब चीन-यू.एस. के रिश्ते में सुधार करेंगी।"

2011 में बाइडेन के काफी सटीक शब्द थे, "हम (अमेरिका) दुनिया के किसी भी अन्य देश के मुक़ाबले हम कुछ भी संभव बना सकते हैं अगर हम अपने मन को उस पर केन्द्रित कर लेते हैं।" बाइडेन द्वारा शी को गुरुवार को किए गए फोन को एक जटिल, अद्वितीय पृष्ठभूमि के आधार पर तौला जाना चाहिए। न तो खामोशी भरा व्हाइट हाउस का रीडआउट और न ही अधिक विस्तृत सिन्हुआ रिपोर्ट इस पक्ष के साथ न्याय कर सकती है।

बाइडेन ने खुद शुक्रवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी सीनेटरों के साथ बैठक के दौरान खुलासा किया कि, “पिछली रात, उन्होने शी जिनपिंग के साथ दो घंटे फोन पर बात की थी। और आप सभी जानते हैं कि ये कुछ ऐसा है जिसे मैं अच्छे से करता हूं, ये लोग- उनके साथ बातचीत अच्छी थी। मैं उन्हे अच्छी तरह से जानता हूँ। मैंने उपराष्ट्रपति रहते हुए वर्षों उनके साथ बहुत समय बिताया है।”

बाइडेन ने रेल पर चीन की “प्रमुख, नई पहल की प्रशंसा की। और कहा कि उनके पास पहले से ही एक ऐसी रेल है जो आसानी से 225 मील प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। वे काम कर रहे हैं- वे इसे अंजाम देने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं जो मुझे लगता है कि हमें भी ऐसा ही कुछ करना चाहिए...जो वे करने जा रहे हैं- वे बहुत मुश्किल काम कर रहे हैं और अब कुछ ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं जिससे वे अंत में ऑटोमोबाइल को शक्ति प्रदान करने का बड़ा  स्रोत बन जाएंगे- वे इसमें बहुत सारा पैसा निवेश करने जा रहे हैं। वे अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं और परिवहन, पर्यावरण, और अन्य चीजों की एक पूरी श्रृंखला से संबंधित मुद्दों पर बेहतरीन काम कर रहे हैं। इसलिए हमें भी अब कदम बढ़ाना है।”

ये महज अटपटे संदर्भ नहीं थे। बाइडेन शुक्रवार को अपने कार्यालय में सीनेटरों के द्विदलीय समूह की पहली बैठक ले रहे थे, जिसमें "अमेरिका के बुनियादी ढांचे में आधुनिक और स्थायी निवेश की महत्वपूर्ण जरूरत पर चर्चा की गई थी।" व्हाइट हाउस रीडआउट के मुताबिक निम्न पर चर्चा की गई। 

"आपसी समझ को विकसित करना है ताकि अमेरिका शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नए बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जा सके और आने वाले महीनों और वर्षों में देश की आर्थिकको वापस पटरी पर लाने के लिए इस प्रक्रिया के जरिए बेहतर वेतन वाले रोजगार पैदा किए जा सके।" और,  

"सीनेटरों को प्रशासन के बारे में संवेदनशील बनाया गया ताकि "टिकाऊ बुनियादी ढांचे के निर्माण के नजरिए के तहत जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का सामना किया जा सके जो अमेरिकी स्वच्छ ऊर्जा क्रांति को बढ़ावा देगी...जिससे प्रशासन निर्माण, विनिर्माण, इंजीनियरिंग और विभिन्न कामों में कुशल रोजगारों को पैदा क्कीय आजा सकेगा जो उन समुदायों को यूनियन में शामिल होने का विकल्प पेश करेगा और उन समुदायों के लिए रास्ता तय करेगा जो बहुत पीछे रह गए हैं।"

बाइडेन ने लगता है पहले से ही बाइडेन-शी की बातचीत का व्हाइट हाउस रीडआउट में निष्कर्ष एक वाक्य में निकाल लिया था: "राष्ट्रपति बाइडेन अमेरिकी लोगों के हितों को आगे बढ़ाते हुए व्यावहारिक, परिणाम-उन्मुख बातचीत (चीन के साथ) के लिए प्रतिबद्ध है।… ”

इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि चीनी पक्ष आशावादी लग रहा है। चीनी विशेषज्ञ की राय है कि बाइडेन द्वारा शी को पोटस के रूप में पहला फोन करना वह भी चीनी नए साल की पूर्व संध्या पर, इसकी उनके सद्भावना के संकेत के रूप में व्याख्या की जानी चाहिए ताकि "हाल के दिनों में अमेरिकी प्रशासन द्वारा भेजे गए कड़े संदेशों की विभिन्न व्याख्याओं को संतुलित किया जा सके।"

शी के साथ बाइडेन के फोन का आकलन करते हुए, चीनी विशेषज्ञों का अनुमान है कि नया अमेरिकी प्रशासन "चीन-अमेरिकी मतभेदों और रणनीतिक मतभेदों को फिर से प्रबंधित करने और नियंत्रित करने" के चौराहे पर खड़ा है और बाइडेन की कोशिश है कि अमेरिका को चीन के साथ "कड़ी" प्रतिस्पर्धा करनी होगी, लेकिन वे इस प्रतिस्पर्धा को आपसी संघर्ष का कारण नहीं बनने देंगे”।

जाहिर है, चीन-अमेरिका संबंध जटिल हो गए हैं, जैसा कि बुधवार को चीन के प्रति अमेरिकी रक्षा नीति की समीक्षा करने के लिए एक नई पेंटागन टास्क फोर्स बनाई गई है से स्पष्ट होता है, जो "अमेरिकी सेना के लिए एक अभूतपूर्व संस्थागत व्यवस्था है।" वास्तव में, यदि इस तरह की  प्रवृत्ति जारी रहती है तो "यह रणनीति ऐसा जोखिम लाएगी जिसे अमेरिका सहन नहीं कर सकता है।" इसलिए, रिश्ते को कैसे प्रबंधित किया जाए, इस पर बाइडेन प्रशासन को चीन के साथ बात करनी होगी।

चीनी टिप्पणीकारों (यहाँ और वहाँ) ने नोट किया है:

"जो सबसे महत्वपूर्ण है, वह यह कि टकराव और सहयोग के बीच संबंध को कैसे देखा जाए, और क्या दोनों पक्षों की रणनीतिक तर्कसंगतता ऐसे विकसित हो सकती है जो चीन-अमेरिका संबंधों के भविष्य के लिए निर्णायक कारक होगा";

शी के लिए बाइडेन का फोन एक नया "रास्ता तय" करने वाला हो सकता है क्योंकि यह दिखाता है कि दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को अधिक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं जो बदले में "आगामी संपर्क की नींव तैयार करता है";

बेशक, उन अमरीकी कट्टरपंथियों का इस रुख के प्रति हमेशा विरोध रहेगा जो चीन के साथ रिश्ते को सुधारने के प्रयासों में भारी बाधाएं खड़ी करेंगे, लेकिन यही वह अवसर है जहां "बाइडेन अपनी कल्पना को अंजाम दे सकते हैं और द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के सही रास्ते पर ला सकते हैं";

बाइडेन पर "चीन के बहुत करीब जाने से बचने के लिए घरेलू दबाव बना हुआ है" लेकिन उसने फिर भी फोन पर बात की, जो संबंधों को सुधारने और नियंत्रण में लाने के उनकी इच्छा को दर्शाता है। "यह एक अच्छा संकेत है कि द्विपक्षीय संबंध बिगड़ेंगे नहीं और न ही नियंत्रण से बाहर जाएंगे।",

जैसा कि उम्मीद की जा सकती थी, बाइडेन ने हांगकांग, ताइवान और झिंजियांग पर भी चर्चा की, “लेकिन ट्रम्प के विपरीत, बाइडेन चीन पर एकतरफा प्रतिबंधों के बजाय, बातचीत के माध्यम से उन मतभेदों को नियंत्रण में लाने के लिए तैयार हैं। यह बाइडेन की सद्भावना को दर्शाता है खासकर जब संबंधों को बिगड़ने से रोकने का सवाल आता है ”;

सद्भावना के टोकन के तौर पर मंगलवार को, बाइडेन ने अमेरिका के स्कूलों और विश्वविद्यालयों को कन्फ्यूशियस संस्थानों के साथ साझेदारी करने के ट्रम्प के निर्देश को वापस ले लिया और फिर अगले दिन उन्होंने पेंटागन टास्क फोर्स की स्थापना कर दी। स्पष्ट रूप से, बाइडेन प्रशासन ने "नरम और कठोर दृष्टिकोणों की मिश्रित खुराक” पर चलने की रणनीति अपनाई है जिससे आपसी सहयोग का विस्तार होगा लेकिन चीन के प्रति एक सख्त रुख अभी भी कायम रहेगा।

कुल मिलाकर, चीनी विशेषज्ञ यथार्थवादी आकलन कर रहे हैं। शी ने कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए और विश्व आर्थिक सुधार को बढ़ावा देने तथा क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को बनाए रखने में सहयोग देने की पेशकश की है।

शी ने चीन और अमेरिका के बीच विभिन्न संवाद तंत्रों को पुनर्जीवित करने का भी प्रस्ताव रखा है। चीन इस बात को बारीकी से देख रहा है कि मुद्रास्फीति का जोखिम और बजट घाटे से जूझ रहा यूएस कैसे लोगों के सामने लंबे समय से चली आ रही आर्थिक चुनौतियों का मुक़ाबला करने के लिए बाइडेन प्रशासन कैसे बुनियादी ढांचे और अन्य जगहों पर अधिक निवेश जुटा सकता है जो देश के भविष्य के आर्थिक विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

चीन को उम्मीद है कि बाइडेन का रुख बातचीत के लिए अनिवार्य रूप से "संभावनाएं" खोलेगा। एकमात्र चेतावनी यह है कि अमेरिका को चीन के प्रमुख हितों का सम्मान करना होगा और ताइवान के मुद्दे तथा हांगकांग, शिनजियांग आदि से संबंधित मुद्दों को चीन के आंतरिक मामलों और उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के रूप में कद्र करनी होगी। 

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें

Biden Kickstarts China Re-engagement

China
Sino-US relations
Joe Biden
Donald Trump
Xi Jinping
US
Pentagon task force
Hong Kong

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

90 दिनों के युद्ध के बाद का क्या हैं यूक्रेन के हालात

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आईपीईएफ़ पर दूसरे देशों को साथ लाना कठिन कार्य होगा

यूक्रेन युद्ध से पैदा हुई खाद्य असुरक्षा से बढ़ रही वार्ता की ज़रूरत

यूक्रेन में संघर्ष के चलते यूरोप में राजनीतिक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव 

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

छात्रों के ऋण को रद्द करना नस्लीय न्याय की दरकार है

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

रूस की नए बाज़ारों की तलाश, भारत और चीन को दे सकती  है सबसे अधिक लाभ


बाकी खबरें

  • दो साल के संघर्ष के बाद पेरिस के आईबिस होटल के चैंबरमेड्स ने वेतन वृद्धि की लड़ाई जीती
    पीपल्स डिस्पैच
    दो साल के संघर्ष के बाद पेरिस के आईबिस होटल के चैंबरमेड्स ने वेतन वृद्धि की लड़ाई जीती
    27 May 2021
    22 महीने के अथक संघर्ष के बाद पेरिस के आईबिस बैटिग्नोल्स होटल के लगभग 20 चैंबरमेड्स ने बेहतर वेतन और काम करने की स्थिति हासिल कर ली।
  • सरकार जिस बीपीसीएल को निजी हाथों में बेच रही है, उसने 12,581 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफ़ा कमाया
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सरकार जिस बीपीसीएल को निजी हाथों में बेच रही है, उसने 12,581 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड मुनाफ़ा कमाया
    27 May 2021
    सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की जिस कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपारेशन लि. (बीपीसीएल) को निजी हाथो में बेचने जा रही है, उसने उसे जबरदस्त मुनाफ़ा कमाकर दिया है। बीपीसीएल का मुनाफ़ा सात गुना बढ़कर 19,041.67…
  • तमिलनाडु: पीएसबीबी स्कूल के छात्रों  ने साझा किए यौन उत्पीड़न के भयानक वृत्तांत, दक्षिणपंथी संगठनों ने किया स्कूल का ‘समर्थन’
    नीलाम्बरन ए
    तमिलनाडु: पीएसबीबी स्कूल के छात्रों  ने साझा किए यौन उत्पीड़न के भयानक वृत्तांत, दक्षिणपंथी संगठनों ने किया स्कूल का ‘समर्थन’
    27 May 2021
    स्कूल प्रबंधन परस्पर विरोधी वक्तव्य दे रहा है। पहले उसने ऐसे किसी मामले से इनकार किया, लेकिन विवाद के तूल पकड़ने पर कहा कि इस बारे में उसे कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। 
  • सीताराम येचुरी
    भाषा
    माकपा ने केंद्र से कोविड-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों को नवोदय विद्यालय में दाखिला देने की अपील की
    27 May 2021
    ‘‘भारत सरकार को ऐसे बच्चों की देखभाल करनी चाहिए और इन्हें सरकार के बोर्डिंग स्कूल नवोदय विद्यालयों में दाखिला देना चाहिए। साथ ही इन्हें रोजगार मिलने और सामान्य जीवन व्यतीत करने में समर्थ होने तक यहीं…
  • रामदेव
    भाषा
    रामदेव पर राजद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए :आईएमए ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा
    27 May 2021
    ‘‘हम आपसे अपील करते हैं कि अपने कंपनी के उत्पादों के निहित स्वार्थ के चलते टीकाकरण पर डर का संदेश फैलाने वाले तथा भारत सरकार के उपचार प्रोटोकॉलों को चुनौती देने वाले लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License