NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
अफ़ग़ानिस्तान में बढ़ते गृहयुद्ध के बीच बाइडेन ने सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया को तेज़ किया
देश में अपनी मौजूदगी के दो दशक बाद अमेरिकी सेना अगले महीने के आख़िर तक पूरी तरह से हट जाएगी।
पीपल्स डिस्पैच
09 Jul 2021
 बाइडेन

अमेरिकी सेना अगस्त के आखिर तक अफगानिस्तान से अपनी वापसी पूरी कर लेगी। यह प्रक्रिया तय समय सीमा से एक महीने पहले पूरी होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने गुरुवार 8 जुलाई को व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में इस बात की जानकारी दी। बाइडेन ने उस बढ़ती चिंता को खारिज कर दिया कि क्या तालिबान ने अफगानिस्तान में सत्ता पर कब्जा कर लिया। उन्होंने कहा कि हम राष्ट्रीय निर्माण मिशन पर देश में नहीं गए थे और "अफगानों को अपने देश के भविष्य के बारे में निर्णय लेना" है।

बाइडेन ने दावा किया कि अमेरिका ने 2001 के आक्रमण के पीछे जो भी लक्ष्य था उसे हासिल कर लिया है और अफगानिस्तान से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिकी सैनिकों को जितनी जल्दी हो सके देश से बाहर जाने की जरूरत है क्योंकि इस संदर्भ में "तेजी ही सुरक्षा है"।

इस साल जनवरी में राष्ट्रपति के रूप में सत्ता संभालने के बाद जो बाइडेन ने पिछले साल दोहा में हस्ताक्षर किए गए तालिबान के साथ अमेरिका के समझौते के अनुसार अपने पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रम्प की अफगानिस्तान से सेना की वापसी की नीति को जारी रखा है। इस साल अप्रैल में उन्होंने घोषणा की थी कि अफगानिस्तान में शेष सभी 2500-3500 अमेरिकी सैनिक सितंबर तक पूरी तरह से वापस आ जाएंगे। अफगानिस्तान में सरकारी सैनिकों पर तालिबान के बढ़ते हमलों और गृहयुद्ध की बढ़ती आशंका के बीच गुरुवार की घोषणा हुई।

अमेरिका ने देश में हवाई हमले की संभावना को बरकरार रखने का वादा किया है। बाइडेन ने घोषणा की कि देश में अमेरिकी दूतावास और अन्य राजनयिकों की सुरक्षा के लिए अमेरिका अपने "कुछ सौ" सैनिकों को बरकरार रखेगा। यह शहर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा भी करेगा।

अमेरिका के नेतृत्व वाले नाटो गठबंधन ने भी इस देश से शेष सभी अंतरराष्ट्रीय सैनिकों को वापस बुलाने की घोषणा की है। जर्मनी ने पिछले हफ्ते अपने सभी सैनिकों को वापस बुला लिया। गुरुवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने घोषणा की कि अफगानिस्तान से अधिकांश ब्रिटिश सैनिकों को वापस ले लिया है और शेष सैनिक जल्द ही वापस ले लेंगे।

चल रही लड़ाई के बीच जिसमें तालिबान ने कुछ महत्वपूर्ण शहरों पर कब्जा कर लिया है इस बीच अफगान सरकारों और तालिबान के प्रतिनिधियों ने गुरुवार को ईरान की राजधानी तेहरान में एक लंबे अंतराल के बाद मुलाकात की जहां वे यह कहते हुए एक संयुक्त बयान जारी करने के लिए सहमत हुए कि “अफगान समस्या का समाधान युद्ध नहीं है।"

America
Afghanistan
Joe Biden
Civil War

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

भोजन की भारी क़िल्लत का सामना कर रहे दो करोड़ अफ़ग़ानी : आईपीसी

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर

तालिबान को सत्ता संभाले 200 से ज़्यादा दिन लेकिन लड़कियों को नहीं मिल पा रही शिक्षा

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन


बाकी खबरें

  • Russia Ukraine war
    अजय कुमार
    बेहतर भविष्य का रास्ता युद्ध से होकर नहीं जाता है
    03 Mar 2022
    चाहे जितने भी जायज तर्क हों, लेकिन वह युद्ध को जायज नहीं बता सकते। युद्ध वर्तमान को तो बर्बाद करता ही है, साथ में भूत और भविष्य सबको तबाह कर देता है।
  • up elections
    विजय विनीत
    यूपी का रणः उत्तर प्रदेश की राजनीति में बाहुबलियों का वर्चस्व, बढ़ गए दागी उम्मीदवार
    03 Mar 2022
    पूर्वांचल के बनारस, चंदौली, मिर्जापुर, गाजीपुर, मऊ, बलिया, भदोही, जौनपुर, सोनभद्र की सियासत तो बाहुबलियों के इर्द-गिर्द ही घूमती हैं। उत्तर प्रदेश  इलेक्शन  वॉच  एसोसिएशन फ़ॉर रिफॉर्म का ताजातरीन…
  • एम. के. भद्रकुमार
    क्यों रूस का ऑपरेशन डोंबास और काला सागर क्षेत्र पर केंद्रित है?
    03 Mar 2022
    पुतिन को डोंबास और काला सागर क्षेत्र में तैनात नव-नाजीवादी हथियारबंद गिरोहों की तरह बर्ताव करने वाली नागरिक सेना से भी बदला लेना है, जिसने इस क्षेत्र में रूसी समुदाय के लोगों के ख़िलाफ़ बहुत अत्याचार…
  • राज वाल्मीकि
    सीवर और सेप्टिक टैंक मौत के कुएं क्यों हुए?
    03 Mar 2022
    कब तक बना रहेगा प्रशासन इन मौतों का मूक दर्शक?
  • cartoon
    आज का कार्टून
    सरकार का फरमान: सभी छात्र बम और बारूद के बीच चलकर खुद रोमानिया और हंगरी की सीमा पर आ जाएं!
    03 Mar 2022
    खारकीव में मौजूद छात्रों से कहा गया है कि वे शाम छह बजे से पहले निकल जाएं। 15 किमी दूर एक स्थान पर पहुंच जाएं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License