NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
बाइडन ने अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली, कहा “आज लोकतंत्र का दिन है”
बाइडन के साथ भारतीय मूल की कमला देवी हैरिस ने देश की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनकर इतिहास में नाम दर्ज कराया। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली अश्वेत एवं पहली एशियाई अमेरिकी भी हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
21 Jan 2021
biden and kamala harris

जो बाइडन ने बुधवार को आयोजित ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और देश को एकजुट करने का वादा करते हुए नागरिकों से देश को बांटने वाले ‘‘अशिष्ट युद्ध’’ को समाप्त करने का आह्वान किया।

कमला देवी हैरिस ने देश की पहली महिला, पहली अश्वेत और पहली भारतीय अमेरिकी उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।

पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों द्वारा संसद भवन पर छह जनवरी को हुए हमले के मद्देनजर आज सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरा समारोह बिना किसी रुकावट के संपन्न हुआ।

बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में तीन पूर्व राष्ट्रपतियों बराक ओबामा (डेमोक्रेटिक पार्टी से), जॉर्ज डब्ल्यू बुश (रिपब्लिकन पार्टी से) और बिल क्लिंटन (डेमोक्रेटक पार्टी से) ने भाग लिया।

चेन्नई मूल की भारतीय प्रवासी माता और जमैका से ताल्लुक रखने वाले अफ्रीकी पिता की बेटी 56 वर्षीय हैरिस ने देश की पहली महिला उपराष्ट्रपति बनकर इतिहास में नाम दर्ज कराया है। हैरिस अमेरिका की 49वीं उपराष्ट्रपति हैं। वह इस पद पर पहुंचने वाली पहली अश्वेत एवं पहली एशियाई अमेरिकी भी हैं।

“हमें इस असभ्य युद्ध को समाप्त करना होगा” 

डेमोक्रेटिक पार्टी के 78 वर्षीय अनुभवी नेता ने अपने भाषण में कहा, ‘‘हम शांति, प्रगति और सुरक्षा के क्षेत्र में मजबूत और विश्वस्त साझेदारी होंगे।’’

राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले भाषण में बाइडन ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा, ‘‘हमें इस असभ्य युद्ध को समाप्त करना ही होगा जो लाल को नीले के खिलाफ (अमेरिकी झंडे के रंग), गांवों को शहरों के खिलाफ और कट्टरपंथियों को उदारवादियों के खिलाफ खड़ा करता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम यह कर सकते हैं, अगर हम अपने दिल के दरवाजे बंद करने की जगह उन्हें खोल दें। अगर हम थोड़ा धैर्य और मानवता दिखाएं, और अगर हम दूसरों के नजरिए से सोचने का प्रयास करें (हम ऐसा कर सकते हैं।)’

बाइडन ने अमेरिका के साझेदारों के साथ संबंधों को दुरुस्त करने और दुनिया के साथ एक बार फिर साझेदारी बढ़ाने का वादा किया।

उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका ने परीक्षा दी है और मजबूत होकर उभरा है। हम अपने साझेदारों के साथ संबंधों को दुरुस्त करेंगे और एक बार फिर दुनिया के साथ अपना मेल-जोल बढ़ाएंगे।’’

बाइडन ने कहा, ‘‘हम सिर्फ अपनी शक्ति के आधार पर नेतृत्व नहीं करेंगे, बल्कि उदाहरण पेश करेंगे और उसके आधार पर आगे चलेंगे। हम शांति, प्रगति और सुरक्षा के लिए मजबूत तथा विश्वस्त साझेदार साबित होंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘आज अमेरिका का दिन है। आज लोकतंत्र का दिन है। इतिहास और आशा का दिन है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि देश को श्वेत नस्ल की श्रेष्ठता की मानसिकता के खिलाफ लड़ना होगा। उन्होंने रेखांकित किया कि उपराष्ट्रपति के रूप में हैरिस का शपथ ग्रहण दिखाता है कि देश में कितने सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे यह मत कहिए कि चीजें बदल नहीं सकती हैं।’’

ट्रंप ने व्हाइट हाउस से रवाना होने से पहले बाइडन के लिए छोड़ एक ‘‘बेहद उदार’’ पत्र

उन्होनें बताया कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस से रवाना होने से पहले ‘‘ओवल ऑफिस’’ में उनके लिए ‘‘बेहद उदार’’ पत्र छोड़ा है।

ऐसी परंपरा है कि निवर्तमान राष्ट्रपति ओवल ऑफिस में नए राष्ट्रपति के लिए ‘रिजॉल्यूट डेस्क’ पर पत्र छोड़ते हैं।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने कार्यकाल के अंत तक कई स्थापित परंपराओं को तोड़ा था, इसलिए बुधवार तक इस पर अनिश्चितता थी कि क्या वह राष्ट्रपति कार्यालय में अपने उत्तराधिकारी जो बाइडन के लिए पत्र छोड़ने की परंपरा को निभाएंगे। ट्रंप ने बाइडन की जीत पर औपचारिक रूप से उन्हें बधाई भी नहीं दी थी।

गौरतलब है कि ट्रंप ने देश की 152 साल पुरानी परंपरा को नजरअंदाज करते हुए बाइडन के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा नहीं लिया और व्हाइट हाउस से निकल कर सीधे फ्लोरिडा चले गए।

अपने 21 मिनट लंबे भाषण में बाइडन ने चुनौती स्वीकार करने और लोकतंत्र को पुन: बहाल करने के लिए अमेरिकी नागरिकों की प्रशंसा की।

“यह अमेरिकी आकांक्षा है।’’

हैरिस ने अमेरिका की उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद पहली बार देश को संबोधित करते हुए कहा ‘‘अमेरिकी आकांक्षाओं’’ को रेखांकित किया और इस बात पर जोर दिया कि देश के राष्ट्रपति जो बाइडन ने अमेरिकियों से संकट से उबरने और एकजुट होने के प्रयास करने की अपील की है।

हैरिस ने लिंकन मेमोरियल के बाहर कहा, ‘‘कई मायनों में यह क्षण एक देश के रूप में हमारे चरित्र को दर्शाता है। यह दिखाता है कि मुश्किल समय में भी हम कौन हैं। हम केवल सपने ही नहीं देखते, उन्हें साकार भी करते हैं। हम केवल यह नहीं देखते कि क्या हो रहा है, हम यह भी देखते हैं कि क्या हो सकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम चांद पर जाते हैं और वहां अपना ध्वज फहराते हैं। हम बहादुर, निडर और महत्वाकांक्षी हैं। हम अपने इस भरोसे को लेकर अडिग हैं कि हम चुनौतियों से पार पाएंगे और उठ खड़े होंगे। यह अमेरिकी आकांक्षा है।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के नए प्रशासन को दिया बधाई संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित दुनिया के तमाम नेताओं ने ट्वीट करके अमेरिका के नये प्रशासन को बधाई दी है और साथ मिलकर काम करने की आशा जतायी है।

मोदी ने कहा, ‘‘अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में पदभार संभालने पर जो बाइडन को मेरी शुभकामनाएं। मैं उनके साथ मिलकर काम करने और भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूत करने के लिए आशान्वित हूं।’’

Joe Biden
Kamala Harris
America
Donand Trump
Narendra modi

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

भाजपा के लिए सिर्फ़ वोट बैंक है मुसलमान?... संसद भेजने से करती है परहेज़


बाकी खबरें

  • Women Hold Up More Than Half the Sky
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    महिलाएँ आधे से ज़्यादा आसमान की मालिक हैं
    19 Oct 2021
    हाल ही में जारी हुए श्रम बल सर्वेक्षण पर एक नज़र डालने से पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली 73.2% महिला श्रमिक कृषि क्षेत्र में काम करती हैं; वे किसान हैं, खेत मज़दूर हैं और कारीगर हैं।
  • Vinayak Damodar Savarkar
    डॉ. राजू पाण्डेय
    बहस: क्या स्वाधीनता संग्राम को गति देने के लिए सावरकर जेल से बाहर आना चाहते थे?
    19 Oct 2021
    बार-बार यह संकेत मिलता है कि क्षमादान हेतु लिखी गई याचिकाओं में जो कुछ सावरकर ने लिखा था वह शायद किसी रणनीति का हिस्सा नहीं था अपितु इन माफ़ीनामों में लिखी बातों पर उन्होंने लगभग अक्षरशः अमल भी किया।
  • Pulses
    शंभूनाथ शुक्ल
    ‘अच्छे दिन’ की तलाश में, थाली से लापता हुई ‘दाल’
    19 Oct 2021
    बारिश के चलते अचानक सब्ज़ियों के दाम बढ़ गए हैं। हर वर्ष जाड़ा शुरू होते ही सब्ज़ियों के दाम गिरने लगते थे किंतु इस वर्ष प्याज़ और टमाटर अस्सी रुपए पार कर गए हैं। खाने के तेल और दालें पहले से ही…
  • migrant worker
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कश्मीर में प्रवासी मज़दूरों की हत्या के ख़िलाफ़ 20 अक्टूबर को बिहार में विरोध प्रदर्शन
    19 Oct 2021
    "अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद घाटी की स्थिति और खराब हुई है। इससे अविश्वास का माहौल कायम हुआ है, इसलिए इन हत्याओं की जिम्मेवारी सीधे केंद्र सरकार की बनती है।”
  • Non local laborers waiting for train inside railwaysation Nowgam
    अनीस ज़रगर
    कश्मीर में हुई हत्याओं की वजह से दहशत का माहौल, प्रवासी श्रमिक कर रहे हैं पलायन
    19 Oct 2021
    30 से अधिक हत्याओं की रिपोर्ट के चलते अक्टूबर का महीना सबसे ख़राब गुज़रा है, जिसमें 12 नागरिकों की हत्या शामिल हैं, जिनमें से कम से कम 11 को आतंकवादियों ने क़रीबी टारगेट के तौर पर मारा है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License