NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
ट्रंप का फैसला पलटकर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से फिर जुड़ेंगे बाइडन
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन वर्ष पहले परिषद से अमेरिका को अलग करने का फ़ैसला लिया था।
एपी
08 Feb 2021
biden

वाशिंगटन:  बाइडन प्रशासन द्वारा इस हफ्ते संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के साथ फिर से जुड़ने की घोषणा करने की उम्मीद है।

गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तीन वर्ष पहले परिषद से अमेरिका को अलग करने का फैसला लिया था।

अमेरिका के अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

बाइडन प्रशासन के रविवार के इस निर्णय से बहुपक्षीय संगठनों और समझौतों के संबंध में पूर्ववर्ती ट्रंप प्रशासन द्वारा लिया गया एक और निर्णय पलट जाएगा।

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन और जिनेवा में अमेरिका के वरिष्ठ राजयनिक इस बाबत सोमवार को घोषणा करेंगे।

इसमें बताया जाएगा कि वाशिंगटन जिनेवा के इस संगठन में बतौर पर्यवेक्षक वापसी करेगा तथा पूर्णकालिक सदस्य बनने के लिए प्रयासरत होगा।

ट्रंप ने संरा मानवाधिकार परिषद से अलग होने का फैसला 2018 में लिया था। उन्होंने इजराइल के प्रति परिषद के रूख तथा इसके सदस्यों के संबंध में कुछ आपत्तियां जताई थीं।

ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका द्वारा बताए गए सुधार करने में भी परिषद विफल रही है।

ट्रंप प्रशासन को परिषद के सदस्यों- चीन, क्यूबा, इरीट्रिया, रूस और वेनेजुएला को लेकर आपत्ति थी, जिन पर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगते रहे हैं।

अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बाइडन प्रशासन का मानना है कि परिषद में सुधारों की आवश्यकता है लेकिन परिवर्तन लाने का सही तरीका है ‘‘उसके साथ मिलकर सैद्धांतिक तरीके से काम करना।’’

America
Joe Biden
Donand Trump

Related Stories

बाइडेन ने यूक्रेन पर अपने नैरेटिव में किया बदलाव

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

सऊदी अरब के साथ अमेरिका की ज़ोर-ज़बरदस्ती की कूटनीति

गर्भपात प्रतिबंध पर सुप्रीम कोर्ट के लीक हुए ड्राफ़्ट से अमेरिका में आया भूचाल

अमेरिका ने रूस के ख़िलाफ़ इज़राइल को किया तैनात

नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

रूस पर बाइडेन के युद्ध की एशियाई दोष रेखाएं

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?


बाकी खबरें

  • tourism sector
    भाषा
    कोरोना के बाद से पर्यटन क्षेत्र में 2.15 करोड़ लोगों को रोज़गार का नुकसान हुआ : सरकार
    15 Mar 2022
    पर्यटन मंत्री ने बताया कि सरकार ने पर्यटन पर महामारी के प्रभावों को लेकर एक अध्ययन कराया है और इस अध्ययन के अनुसार, पहली लहर में 1.45 करोड़ लोगों को रोजगार का नुकसान उठाना पड़ा जबकि दूसरी लहर में 52…
  • election commission of India
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली नगर निगम चुनाव टाले जाने पर विपक्ष ने बीजेपी और चुनाव आयोग से किया सवाल
    15 Mar 2022
    दिल्ली चुनाव आयोग ने दिल्ली नगर निगम चुनावो को टालने का मन बना लिया है। दिल्ली चुनावो की घोषणा उत्तर प्रदेश और बाकी अन्य राज्यों के चुनावी नतीजों से पहले 9 मार्च को होनी थी लेकिन आयोग ने इसे बिल्कुल…
  • hijab
    सीमा आज़ाद
    त्वरित टिप्पणी: हिजाब पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फ़ैसला सभी धर्मों की औरतों के ख़िलाफ़ है
    15 Mar 2022
    इस बात को दरअसल इस तरीके से पढ़ना चाहिए कि "हर धार्मिक रीति का पालन करना औरतों का अनिवार्य धर्म है। यदि वह नहीं है तभी उस रीति से औरतों को आज़ादी मिल सकती है, वरना नहीं। "
  • skm
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमएसपी पर फिर से राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा संयुक्त किसान मोर्चा
    15 Mar 2022
    एसकेएम ने फ़ैसला लिया है कि अगले महीने 11 से 17 अप्रैल के बीच एमएसपी की क़ानूनी गारंटी सप्ताह मना कर राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरूआत की जाएगी। 
  • Karnataka High Court
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिजाब  मामला: हिजाब इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने खारिज की याचिका
    15 Mar 2022
    अदालत ने अपना फ़ैसला सुनते हुए यह भी कहा कि शिक्षण संस्थानों में यूनिफ़ॉर्म की व्यवस्था क़ानूनी तौर पर जायज़ है और इसे संविधान के तहत दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन नहीं कहा जा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License