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भारत
राजनीति
चुनावों से ठीक पहले यूपी में बीजेपी को बड़ा झटका, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद तीन और विधायकों के इस्तीफे
यूपी में चुनावी तारीखों का एलान हो चुका है, ऐसे वक्त में बीजेपी को बहुत बड़ा झटका लगा है, दरअसल यूपी सरकार में श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, इतना ही नहीं तीन अन्य विधायकों ने भी बीजेपी से किनारा कर लिया है, इसके अलावा अभी और विधायकों के पार्टी छोड़ने के कयास लगाए जे रहे हैं...
रवि शंकर दुबे
11 Jan 2022
Swami Prasad Maurya

उत्तर प्रदेश चुनावों को जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी हर भरसक प्रयास कर रही है, प्रधानमंत्री से लेकर अलग-अलग प्रदेशों के मुख्यमंत्री तक यूपी में बीजेपी का प्रचार कर रहे हैं, लेकिन पार्टी के अंदरखाने सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, जिसका कारण है, किसानों, दलितों, पिछड़ों और ग़रीबों के प्रति दोहरा चरित्र... और इसकी हकीकत उत्तर प्रदेश बीजेपी में देखने को मिली। 

चुनावों से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी को अपनी करतूतों के चलते बेहद तगड़ा झटका लगा है, यूपी सरकार में श्रम एंव सेवायोजन व समन्वय मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद उनके समर्थन में तीन और विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया, जिसमें बांदा के तिंदवारी से विधायक ब्रजेश प्रजापति, शाहजहांपुर की तिलहर सीट से विधायक रोशन लाल वर्मा और कानपुर के बिल्हौर से विधायक भगवती सागर शामिल हैं।

राज्यपाल अंनदीबेन पटेल को भेजे गए अपने स्तीफे में स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा- ‘’श्रम एंव सेवायोजन व समन्वय मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों व विचारधारा में रहकर भी बहुत ही मनोयोग के साथ उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है, लेकिन दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोज़गारो, नौजवानों और छोटे-लघु एंव मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रीमंडल से इस्तीफा देता हूं’’

दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे-लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के योगी मंत्रिमंडल से इस्तीफा देता हूं। pic.twitter.com/ubw4oKMK7t

— Swami Prasad Maurya (@SwamiPMaurya) January 11, 2022

मौके की नज़ाकत को बखूबी समझते हुए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी गदगद हो गए और स्वामी प्रसाद का दिल खोलकर स्वागत किया। अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, अखिलेश ने लिखा- ‘’सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता स्वामी प्रसाद मौर्य जी एंव उनके साथ आने वाले सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एंव अभिनंदन! सामाजिक न्याय का इंकलाब होगा, बाइस में बदलाव होगा। बाइस में बाइसाइकिल।‘’

सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता श्री स्वामी प्रसाद मौर्या जी एवं उनके साथ आने वाले अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन!

सामाजिक न्याय का इंक़लाब होगा ~ बाइस में बदलाव होगा#बाइसमेंबाइसिकल pic.twitter.com/BPvSK3GEDQ

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 11, 2022

ये कहना ग़लत नहीं है साल 2017 के चुनावों में बीजेपी की जीत का बड़ा श्रेय पिछड़ी जातियों का जाता है, यही कारण है कि इस बार अखिलेश यादव हर हाल में पिछड़ों को अपने साथ लेकर चलना चाहते हैं, ऐसे में अगर उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता स्वामी प्रसाद मौर्य भी अखिलेश का साथ दे देते हैं तो सपा की राह ज़रूर आसान हो जाएगी।

पिछड़े समाज के बड़े नेता माने जाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य पांच बार विधायक रह चुके हैं, मौजूदा वक्त में वो पडरौना से विधायक हैं और इस्तीफा देने से पहले उत्तर प्रदेश सरकार में श्रम मंत्री थे, वैसे तो स्वामी प्रसाद मौर्य अक्सर अपने फैसलों से चौंकाते रहे हैं, क्योंकि इन्होंने जब बसपा छोड़ी थी तब भी किसी को पता नहीं था, और अब जब अचानक बीजेपी का साथ छोड़ सपा में शामिल हुए, तब भी किसी को कानों-कान ख़बर नहीं है, लेकिन हर हाल में स्वामी प्रसाद मौर्य का अचानक पार्टी छोड़ना बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

Uttar pradesh
Swami Prasad Maurya
AKHILESH YADAV
UP Assembly Elections 2022

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