NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चुनावों से ठीक पहले यूपी में बीजेपी को बड़ा झटका, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के बाद तीन और विधायकों के इस्तीफे
यूपी में चुनावी तारीखों का एलान हो चुका है, ऐसे वक्त में बीजेपी को बहुत बड़ा झटका लगा है, दरअसल यूपी सरकार में श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, इतना ही नहीं तीन अन्य विधायकों ने भी बीजेपी से किनारा कर लिया है, इसके अलावा अभी और विधायकों के पार्टी छोड़ने के कयास लगाए जे रहे हैं...
रवि शंकर दुबे
11 Jan 2022
Swami Prasad Maurya

उत्तर प्रदेश चुनावों को जीतने के लिए भारतीय जनता पार्टी हर भरसक प्रयास कर रही है, प्रधानमंत्री से लेकर अलग-अलग प्रदेशों के मुख्यमंत्री तक यूपी में बीजेपी का प्रचार कर रहे हैं, लेकिन पार्टी के अंदरखाने सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, जिसका कारण है, किसानों, दलितों, पिछड़ों और ग़रीबों के प्रति दोहरा चरित्र... और इसकी हकीकत उत्तर प्रदेश बीजेपी में देखने को मिली। 

चुनावों से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी को अपनी करतूतों के चलते बेहद तगड़ा झटका लगा है, यूपी सरकार में श्रम एंव सेवायोजन व समन्वय मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के बाद उनके समर्थन में तीन और विधायकों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया, जिसमें बांदा के तिंदवारी से विधायक ब्रजेश प्रजापति, शाहजहांपुर की तिलहर सीट से विधायक रोशन लाल वर्मा और कानपुर के बिल्हौर से विधायक भगवती सागर शामिल हैं।

राज्यपाल अंनदीबेन पटेल को भेजे गए अपने स्तीफे में स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा- ‘’श्रम एंव सेवायोजन व समन्वय मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों व विचारधारा में रहकर भी बहुत ही मनोयोग के साथ उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है, लेकिन दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोज़गारो, नौजवानों और छोटे-लघु एंव मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रीमंडल से इस्तीफा देता हूं’’

दलितों, पिछड़ों, किसानों, बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे-लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये के कारण उत्तर प्रदेश के योगी मंत्रिमंडल से इस्तीफा देता हूं। pic.twitter.com/ubw4oKMK7t

— Swami Prasad Maurya (@SwamiPMaurya) January 11, 2022

मौके की नज़ाकत को बखूबी समझते हुए समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव भी गदगद हो गए और स्वामी प्रसाद का दिल खोलकर स्वागत किया। अखिलेश यादव ने स्वामी प्रसाद मौर्य के साथ एक तस्वीर साझा करते हुए ट्वीट किया, अखिलेश ने लिखा- ‘’सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता स्वामी प्रसाद मौर्य जी एंव उनके साथ आने वाले सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एंव अभिनंदन! सामाजिक न्याय का इंकलाब होगा, बाइस में बदलाव होगा। बाइस में बाइसाइकिल।‘’

सामाजिक न्याय और समता-समानता की लड़ाई लड़ने वाले लोकप्रिय नेता श्री स्वामी प्रसाद मौर्या जी एवं उनके साथ आने वाले अन्य सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का सपा में ससम्मान हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन!

सामाजिक न्याय का इंक़लाब होगा ~ बाइस में बदलाव होगा#बाइसमेंबाइसिकल pic.twitter.com/BPvSK3GEDQ

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) January 11, 2022

ये कहना ग़लत नहीं है साल 2017 के चुनावों में बीजेपी की जीत का बड़ा श्रेय पिछड़ी जातियों का जाता है, यही कारण है कि इस बार अखिलेश यादव हर हाल में पिछड़ों को अपने साथ लेकर चलना चाहते हैं, ऐसे में अगर उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता स्वामी प्रसाद मौर्य भी अखिलेश का साथ दे देते हैं तो सपा की राह ज़रूर आसान हो जाएगी।

पिछड़े समाज के बड़े नेता माने जाने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य पांच बार विधायक रह चुके हैं, मौजूदा वक्त में वो पडरौना से विधायक हैं और इस्तीफा देने से पहले उत्तर प्रदेश सरकार में श्रम मंत्री थे, वैसे तो स्वामी प्रसाद मौर्य अक्सर अपने फैसलों से चौंकाते रहे हैं, क्योंकि इन्होंने जब बसपा छोड़ी थी तब भी किसी को पता नहीं था, और अब जब अचानक बीजेपी का साथ छोड़ सपा में शामिल हुए, तब भी किसी को कानों-कान ख़बर नहीं है, लेकिन हर हाल में स्वामी प्रसाद मौर्य का अचानक पार्टी छोड़ना बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

Uttar pradesh
Swami Prasad Maurya
AKHILESH YADAV
UP Assembly Elections 2022

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

क्या वाकई 'यूपी पुलिस दबिश देने नहीं, बल्कि दबंगई दिखाने जाती है'?


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 975 नए मामले, 4 मरीज़ों की मौत  
    16 Apr 2022
    देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलो ने चिंता बढ़ा दी है | दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि सरकार कोरोना पर अपनी नजर बनाए रखे हुए हैं, घबराने की जरूरत नहीं। 
  • सतीश भारतीय
    मध्यप्रदेश: सागर से रोज हजारों मरीज इलाज के लिए दूसरे शहर जाने को है मजबूर! 
    16 Apr 2022
    सागर के बुन्देलखण्ड मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी की सुविधा नहीं है। जिससे जिले की आवाम बीमारियों के इलाज के लिए नागपुर, भोपाल और जबलपुर जैसे शहरों को जाने के लिए बेबस है। 
  • शारिब अहमद खान
    क्या यमन में युद्ध खत्म होने वाला है?
    16 Apr 2022
    यमन में अप्रैल माह में दो अहम राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिला, पहला युद्धविराम की घोषणा और दूसरा राष्ट्रपति आबेद रब्बू मंसूर हादी का सत्ता से हटना। यह राजनीतिक बदलाव क्या यमन के लिए शांति लेकर आएगा ?
  • ओमैर अहमद
    मंडल राजनीति को मृत घोषित करने से पहले, सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान अंबेडकर की तस्वीरों को याद करें 
    15 Apr 2022
    ‘मंदिर’ की राजनीति ‘जाति’ की राजनीति का ही एक दूसरा स्वरूप है, इसलिए उत्तर प्रदेश के चुनाव ने मंडल की राजनीति को समाप्त नहीं कर दिया है, बल्कि ईमानदारी से इसके पुनर्मूल्यांकन की ज़रूरत को एक बार फिर…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू: लाइब्रेरी के लिए छात्राओं का संघर्ष तेज़, ‘कर्फ्यू टाइमिंग’ हटाने की मांग
    15 Apr 2022
    बीएचयू में एक बार फिर छात्राओं ने अपने हक़ के लिए की आवाज़ बुलंद की है। लाइब्रेरी इस्तेमाल के लिए छात्राएं हस्ताक्षर अभियान के साथ ही प्रदर्शन कर प्रशासन पर लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखने का आरोप…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License