NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहारः पूर्ण शराबबंदी के बावजूद ज़हरीली शराब से जा रही लोगों की जानें
"ज़हरीली शराब से हुई मौतों के प्रति सरकार व प्रशासन का रवैया असंवेदनशील व ग़ैर ज़िम्मेदाराना है। सत्ता के संरक्षण व पुलिस तंत्र के सहयोग से ज़िला में शराब का ग़ैरक़ानूनी तंत्र चल रहा है।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Jan 2022
poisonous liquor
'प्रतीकात्मक फ़ोटो'

बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की जान चली गई। ये घटना नालंदा जिले की है जो प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का गृह जिला है। पहले भी राज्य में जहरीली शराब पीने से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले साल दीपावली के समय गोपालगंज में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। बिहार में लगातार हो रही मौत के बावजूद सरकार और प्रशासन जानलेवा जहरीली शराब पर लगाम लगा पाने में विफल साबित हो रही है। एक तरफ बिहार में शराबबंदी कानून लागू है फिर भी ये घटनाएं रुक नहीं पा रही है। इसको लेकर विपक्ष नीतीश सरकार पर हमलावर हो गई है।

नालंदा के डीएम शशांक शुभंकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पहले आठ लोगों की मौत हुई थी। जहरीली शराब पीने की वजह से शुक्रवार की रात से ही कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी थी जिसके बाद नालंदा के सोहसराय थाना क्षेत्र में पीड़ितों को अस्पताल में भर्ती कराना शुरू किया गया था। शनिवार तक11 लोगों की मौत हो गई थी। डीएम ने कहा कि पहड़तल्ली मोहल्ले में कई मकान अवैध रूप से बने हुए हैं। इनमें से कई मकान में शराब का धंधा हो रहा था। अवैध मकानों को हटाया जाएगा।

मृतकों में छोटी पहाड़ी मोहल्ला के रहने वाले अशोक शर्मा, धर्मेन्द्र प्रसाद, भागो मिस्त्री, सुनील तांती, रामपाल शर्मा, अर्जुन पंडित, श्रृंगारहाट मोहल्ला, मुन्ना मिस्त्री वहीं मोगलकुआं मोहल्ला के रहने वाले राजेश कुमार, प्रभु विगहा गांव के राम रूप चौहान तथा शिवाजी चौहान शामिल हैं।

इस बड़ी घटना के बाद सोहसराय के थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद को निलंबित कर दिया गया है। वहीं उत्पाद अधीक्षक को शोकॉज दिया गया है। इस मामले में अब तक अलग-अलग छह एफआइआर दर्ज की गयी हैं। वहीं इसका धंधा करने वाले पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक देसी-विदेशी शराब के साथ पैकिंग करने की मशीन भी जब्त की गई है।

पुलिस व मृतकों के परिजनों के बयान के आधार पर पांच एफआइआर दर्ज की गयी। जबकि, छठी एफआइआर उत्पाद विभाग के द्वारा कराई गई है। इनमें मद्य निषेध अधिनियम के अलावा हत्या, हत्या का प्रयास करने की धारा भी लगाई गई है।

शराबबंदी के बावजूद घटना में नहीं आई कमी

बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून अप्रैल 2016 में लागू कर दिया गया था। इस कानून के लागू होने के बावजूद पिछले साल कई घटनाएं सामने आई थी जिसमें जहरीली शराब से करीब 70 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। जहरीली शराब से मौत का सबसे बड़ा मामला पिछले साल होली के ठीक बाद नवादा जिले में सामने आया था। यहां टाउन थाना क्षेत्र के गांवों में इसके इस्तेमाल के चलते करीब16 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद फिर जुलाई महीने में पश्चिमी चंपारण के लौरिया में करीब इतनी ही संख्या में लोगों की मौत का मामला सामने आया था। पिछले वर्ष सबसे बड़ी घटना गोपालगंज से सामने आई थी जहां करीब 18 लोगों की मौत हो गई थी। 12 अक्टूबर को वैशाली जिला के राजापाकर थाना के बैकुंठपुर गांव में 55 वर्षीय रंजीत कुमार सिंह की मौत हो गई थी। वहीं 24 अक्टूबर को सीवान के गुथानी थाना क्षेत्र के बेलौरी में जहरीली शराब से चार लोगों की मौत हो गई थी।

पुलिस की रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले में शराबबंदी कानून के तहत दिसंबर 2021 तक करीब 3.5 लाख से ज्यादा केस दर्ज हुए हैं और वहीं 4 लाख से ज्यादा लोग गिरफ्तार किए गए।

विपक्ष हमलावर

आरजेडी ने भी बिहार में शराबबंदी कानून को फेल बताया है। पार्टी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि बिहार में जिस तरीके से जहरीली शराब से लगातार मौत हो रही है उसकी जिम्मेदारी लेते हुए नीतीश कुमार को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

सीपीआइएमएल के नालंदा के जिला सचिव सुरेंद्र समेत पार्टी के अन्य नेताओं ने मृतकों के परिजनों से भेंट करने के बाद कहा कि जहरीली शराब से हुई मौतों के प्रति सरकार व प्रशासन का रवैया असंवेदनशील व गैर जिम्मेदाराना है। सत्ता के संरक्षण व पुलिस तंत्र के सहयोग से जिला में शराब का गैरकानूनी तंत्र चल रहा है। नए साल की शुरुआत में हुई इन मौतों को जोड़कर पिछले एक साल में ही अभी तक पूरे बिहार में जहरीली शराब से 107 लोगों की जान जा चुकी हैं। मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी ने मद्य निषेध मंत्री को बर्खास्त करने और मृतक के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने की मांग की है।

जहरीली शराब से हुई मौत की घटना को लेकर सीपीआईएम के प्रदेश सचिव अवधेश कुमार ने कहा कि नीतीश जी के गृह जिला नालंदा में जहरीली शराब से 11 लोगों की जान चली गई। नीतीश सरकार में शराब बेचने और पीने पर पूर्ण पाबंदी है फिर भी मौतें हो रही है। राज्य में शराब माफियाओं एवं पुलिस प्रशासन के बीच गठजोड़ को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।

केमिकल और नशीली दवा के इस्तेमाल की बात आई थी सामने

मुजफ्फरपुर जहरीली शराब कांड के समय छापेमारी के दौरान ये बात सामने आई थी कि शराब माफिया देसी शराब बनाने में केमिकल व नशीली दवाओं का इस्तेमाल करते थे जिसे पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से मंगाया जाता है। इसके अलावा स्प्रिट का भी इस्तेमाल किया जाता है जो कि काफी जानलेवा होता है। इस कांड के दौरान जब शराब बनाने के दो अड्डों पर छापेमारी की गई तो इन अड्डो से कीटनाशक बरामद किया गया था।

Bihar
Poisonous liquor
Bihar Poisonous Liquor Case
Death by poisonous liquor
Nitish Kumar

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • श्याम मीरा सिंह
    यूक्रेन में फंसे बच्चों के नाम पर PM कर रहे चुनावी प्रचार, वरुण गांधी बोले- हर आपदा में ‘अवसर’ नहीं खोजना चाहिए
    28 Feb 2022
    एक तरफ़ प्रधानमंत्री चुनावी रैलियों में यूक्रेन में फंसे कुछ सौ बच्चों को रेस्क्यू करने के नाम पर वोट मांग रहे हैं। दूसरी तरफ़ यूक्रेन में अभी हज़ारों बच्चे फंसे हैं और सरकार से मदद की गुहार लगा रहे…
  • karnataka
    शुभम शर्मा
    हिजाब को गलत क्यों मानते हैं हिंदुत्व और पितृसत्ता? 
    28 Feb 2022
    यह विडम्बना ही है कि हिजाब का विरोध हिंदुत्ववादी ताकतों की ओर से होता है, जो खुद हर तरह की सामाजिक रूढ़ियों और संकीर्णता से चिपकी रहती हैं।
  • Chiraigaon
    विजय विनीत
    बनारस की जंग—चिरईगांव का रंज : चुनाव में कहां गुम हो गया किसानों-बाग़बानों की आय दोगुना करने का भाजपाई एजेंडा!
    28 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के बनारस में चिरईगांव के बाग़बानों का जो रंज पांच दशक पहले था, वही आज भी है। सिर्फ चुनाव के समय ही इनका हाल-चाल लेने नेता आते हैं या फिर आम-अमरूद से लकदक बगीचों में फल खाने। आमदनी दोगुना…
  • pop and putin
    एम. के. भद्रकुमार
    पोप, पुतिन और संकटग्रस्त यूक्रेन
    28 Feb 2022
    भू-राजनीति को लेकर फ़्रांसिस की दिलचस्पी, रूसी विदेश नीति के प्रति उनकी सहानुभूति और पश्चिम की उनकी आलोचना को देखते हुए रूसी दूतावास का उनका यह दौरा एक ग़ैरमामूली प्रतीक बन जाता है।
  • MANIPUR
    शशि शेखर
    मुद्दा: महिला सशक्तिकरण मॉडल की पोल खोलता मणिपुर विधानसभा चुनाव
    28 Feb 2022
    मणिपुर की महिलाएं अपने परिवार के सामाजिक-आर्थिक शक्ति की धुरी रही हैं। खेती-किसानी से ले कर अन्य आर्थिक गतिविधियों तक में वे अपने परिवार के पुरुष सदस्य से कहीं आगे नज़र आती हैं, लेकिन राजनीति में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License