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बिहार चुनाव: पहले चरण में 71 सीटों पर 54.09 फ़ीसदी मतदान, सबसे ज़्यादा बांका और सबसे कम मुंगेर ज़िले में वोटिंग
पहले चरण में बिहार में कुल 54.09 प्रतिशत मतदान हुआ है। इसमें सबसे ज़्यादा बांका ज़िले में 59.57 और मुंगेर में सबसे कम 47.68 प्रतिशत मतदान हुआ। आपको बता दें कि सोमवार को दुर्गा मूर्ति के विसर्जन को लेकर मुंगरे में ही हिंसा हुई थी। जिसमें एक युवक की गोली लगने से मौत भी हो गई थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Oct 2020
बिहार चुनाव
Image Courtesy: NDTV

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के तहत प्रदेश के 16 जिलों के 71 विधानसभा क्षेत्रों में बुधवार शाम 6 बजे मतदान संपन्न हो गया। इनमें से कुछ सीटों पर दोपहर तीन बजे तक और कुछ सीटों पर शाम पांच बजे तक ही वोट डाले गए।

समाचार लिखे जाने तक चुनाव आयोग से प्राप्त अंतिम अपडेट के मुताबिक पहले चरण में बिहार में कुल 54.09 प्रतिशत मतदान हुआ है। इसमें सबसे ज़्यादा बांका ज़िले में 59.57 और मुंगेर में सबसे कम 47.68 प्रतिशत मतदान हुआ। आपको बता दें कि सोमवार को दुर्गा मूर्ति के विसर्जन को लेकर मुंगरे में ही हिंसा हुई थी। जिसमें एक युवक की गोली लगने से मौत भी हो गई थी।

इसके मुताबिक अरवल ज़िले में 53.85, औरंगाबाद में 52.85, बांका में 59.57, भागलपुर में 55.71, भोजपुर में 49.55, बक्सर में 54.03, गया में 57.08, ज़हानाबाद में 55.46, जामुई में 57.58, कैमूर (भाबुआ) में 59.51, लक्खीसराय में 55.62, मुंगेर में 47.68, नवादा में 52.34, पटना में 54.64, रोहतास में 49.64, शेखपुरा में 55.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।

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बिहार विधानसभा के पहले चरण का चुनाव कड़ी निगरानी और चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ कोविड-19 को लेकर चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करने के दावे के साथ बुधवार की सुबह सात बजे शुरू हुआ।

निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिए सभी मतदान केंद्रों पर अर्द्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती किए जाने के साथ कुल 31,380 मतदान केन्द्रों के लिए 31,380-31,380 सेट इवीएम एवं वीवीपैट का प्रबंध किया गया था।

आज जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुआ उनमें 35 संवेदनशील अथवा अति संवेदनशील घोषित किए गए थे।

इन विधानसभा क्षेत्रों में से चैनपुर, नबीनगर, कुटुम्बा एवं रफीगंज में तीन बजे, कटोरिया, बेलहर, तारापुर, मुंगेर, जमालपुर, सूर्यगढा, मसौढ़ी, पालीगंज, चेनारी, सासाराम, काराकाट, गोह, ओबरा, औरंगाबाद, गुरूआ, शेरघाटी, इमामगंज, बाराचट्टी, बोधगया, टिकारी, रजौली, गोबिंदपुर, सिकंदरा, जमुई, झाझा एवं चकाई में मतदान चार बजे, अरवल, कुर्था, जहानाबाद, घोषी एवं मखदूमपुर में शाम पांच बजे ही मतदान समाप्त हो गया जबकि अन्य विधानसभा क्षेत्रों शाम छह बजे मतदान संपन्न हुआ।

प्रथम चरण के 71 विधान सभा सीटों में क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र चैनपुर है, मतदातावार सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र हिलसा तथा मतदातावार ही सबसे छोटा क्षेत्र बरबीघा है। इसी तरह प्रथम चरण में गया टाउन विधानसभा क्षेत्र से इस बार सबसे ज्यादा प्रत्याशी (27) तथा कटोरिया से सबसे कम प्रत्याशी (5) मैदान में थे।

कोविड-19 को लेकर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदान कर्मियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की स्वच्छता, मास्क पहनना, थर्मल स्कैनिंग, सेनिटाइजर और साबुन और पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई और अन्य सुरक्षात्मक मापदंडों का पालन सुनिश्चत कराया गया।

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के इस चुनाव में भाग्य आजमा रहे कुल 1,066 उम्मीदवारों में 114 महिला प्रत्याशी शामिल हैं।

प्रमुख राजनीतिक दलों में, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद (यू) ने 71 सीटों में से 35 पर अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतारे, उसके बाद सहयोगी भाजपा ने 29 सीट पर जबकि विपक्षी राजद ने 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे और 20 विधानसभा क्षेत्रों में उसके गठबंधन सहयोगी कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार उतारे।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबबंधन (राजग) में शामिल जदयू से नाता तोड़कर लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान इन 71 सीटों में से 41 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।

जिन प्रमुख उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला आज इवीएम में कैद हो गया उनमें राष्ट्रमंडल खेल में निशानेबाजी में स्वर्ण पदक विजेता श्रेयसी सिंह शामिल हैं, जो 27 साल की उम्र में जमुई से भाजपा उम्मीदवार के रूप में अपना भाग्य आजमा रही हैं। श्रेयसी सिंह का मुकाबला राजद के विजय प्रकाश यादव से है।

राज्य मंत्रिमंडल में शामिल प्रेम कुमार (गया टाउन), विजय कुमार सिन्हा (लखीसराय), राम नारायण मंडल (बांका), कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा (जहानाबाद), जय कुमार सिंह (दिनारा) और संतोष कुमार निराला (राजपुर) का पहले चरण के चुनाव में भाग्य इवीएम में आज कैद हो गया।

इनमें से वर्मा, सिंह और निराला जद (यू) के हैं, जबकि शेष भाजपा के हैं।

इमामगंज सीट पर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का मुकाबला राजद उम्मीदवार और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी से है।

आज पहले दौर का मतदान जिन विधानसभा क्षेत्रों में हुआ वहाँ 2015 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू-आरजेडी वाले तत्कालीन 'महागठबंधन' को 46 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इनमें 25 पर आरजेडी और 21 पर जेडीयू के उम्मीदवार विजयी हुए थे। इस बार महागठबंधन बदल गया है। इसलिए हार-जीत की तस्वीर भी बदल सकती है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

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