NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
भारत
टीकाकरण फ़र्जीवाड़ाः अब यूपी-झारखंड के सीएम को भी बिहार में लगाया गया टीका
दो दिन पहले पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को अरवल जिले में टीका लगाए जाने का मामला सामना आया था। अब गया जिले के टिकरी में ऐसा ही मामला सामने आया है।
एम.ओबैद
08 Dec 2021
टीकाकरण फ़र्जीवाड़ाः अब यूपी-झारखंड के सीएम को भी बिहार में लगाया गया टीका

नीतीश सरकार ने करीब एक सप्ताह पहले 8 करोड़ लोगों को कोरोना टीका लगाए जाने का दावा किया था जिसके बाद से कोरोना टीकाकरण के मामले में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है। दो दिन पहले पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को अरवल जिले में टीका लगाए जाने का मामला सामना आया था। अब गया जिले के टिकरी में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी तथा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को टीका लगाए जाने का मामला सामने आया है। 

ज्ञात हो कि बिहार में टीकाकरण कार्यक्रम में कई तरह के फर्जीवाड़े सामने आए हैं। कई जगहों पर तो मर चुके लोगों को भी टीका लगाने का मामला सामने आया है तो वहीं कई स्थानों पर उन लोगों का सर्टिफिकेट अपडेट कर दिया गया जिन्होंने दूसरी खुराक ली ही नहीं है। इस तरह देखा जाए तो बिहार में अधिक आंकड़ा दिखाने को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है। पहले भी जांच में फर्जीवाड़े को लेकर कई मामले सामने आ चुके है। 

ग़लत नाम दर्ज करने का ऑपरेटर पर दबाव 

न्यूज़क्लिक के वरिष्ठ संवावदाता मो. इमरान खान ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि राजधानी पटना से करीब 80 किलोमीटर दूर अरवल जिले के कारपी के अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (एपीएचसी) पर पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को कोरोना की दूसरी खुराक लगाई गई थी।

कोविन पोर्टल पर गलत नाम दर्ज करने को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग ने दो डेटा ऑपरेटरों को नौकरी से निकाल दिया है। वहीं नौकरी से निकाले गए इन डेटा ऑपरेटरों का आरोप है कि टीकाकरण की संख्या बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य प्रबंधक द्वारा उन्हें पोर्टल पर गलत नाम दर्ज करने के लिए मजबूर किया गया था। सहार तेल्पा में एपीएचसी के इन दो ऑपरेटरों में से एक ऑपरेटर विनय कुमार ने न्यूज़क्लिक को बताया था कि “स्वास्थ्य प्रबंधक टीका लगा चुके लोगों का वास्तविक डेटा मुहैया कराए बगैर मुझ पर नामों को दर्ज करते जाने के लिए दबाव डाल रहे थे।”

बलि का बकरा बनाया गया

विनय कुमार के सहकर्मी प्रवीन कुमार का कहना था कि “हमें जो भी नाम दिए गए, उन्हें दर्ज करने को लेकर हम पर दबाव डाला गया था। जब अनियमितता सामने आई तो सिर्फ हम दो लोगों को बर्खास्त कर दिया गया।” उनका कहना था कि उन दोनों को “बलि का बकरा” बनाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गया जिले के टिकरी थाना के अलीपुर स्वास्थ्य केंद्र में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी तथा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को लगाया गया टीका कोविन पोर्टल पर अपलोड हो चुका है। इन सबको टीका की पहली खुराक लेने वालों के रूप में दर्ज किया गया है। मामला सामने आने के बाद गया के सिविल सर्जन कमल किशोर राय ने मीडिया से कहा कि कि यह साइबर क्राइम का मामला है। इसकी बाबत थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि यह मामला टिकरी प्रखंड से जुड़ा है। 

इस मामले में गया के सिविल सर्जन के निर्देश पर जम्मू के एक मोबाइल नंबर समेत दो अन्य मोबाइल नंबर व तीन अज्ञात व्यक्ति पर केस दर्ज कराया गया है। सर्जन ने कहा कि एएनएम के मोबाइल नंबर को वैक्सीनेशन पोर्टल पर युजर आईडी व पासवर्ड के रूप में दर्ज किया गया था जिसका गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया है।

सिविल सर्जन ने मीडिया को बताया कि, ”हमें जानकारी मिली है कि गया के टिकरी थाना क्षेत्र के अलीपुर स्वास्थ्य केंद्र में कोरोना की पहली खुराक लेने वालों में कुछ नेताओं के नाम शामिल थे। इस मामले में तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है।”

उन्होंने कहा कि इन तीन नंबरों में से एक नंबर जम्मू-कश्मीर का है जबकि दो अन्य नंबर बंद है जिसके चलते उनका लोकेशन नहीं मिल पा रहा है। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस इसकी जांच में जुट गई है। 

8 करोड़ टीकाकरण का दावा

ज्ञात हो कि पिछले सप्ताह ही बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने दावा किया था कि राज्य ने 8 करोड़ टीकाकरण के बड़े लक्ष्य को पार कर लिया है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि बिहार ने 6 करोड़ लोगों के टीकाकरण करने के इस अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को दो महीने पहले ही हासिल कर लिया है। इस साल जून में बिहार ने एक नए टीकाकरण अभियान की शुरूआत की थी जिसमें दिसंबर के अंत तक 6 करोड़ लोगों के टीकाकरण पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया था।

नीतीश सरकार के इस महा टीका अभियान के तहत 17 सितंबर को एक दिन में ही 33,09,685 वैक्सीन डोज देने के राज्य सरकार के दावे पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा सवाल खड़े किए गए थे। स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत बिहार स्थित एक नागरिक समाज संगठन, सेंटर फॉर हेल्थ एंड रिसोर्स मैनेजमेंट के प्रमुख डॉ. शकील का कहना था, “यह मामला स्पष्ट रूप से बहु-प्रचारित कोविड-19 टीकाकरण अभियान में डेटा में हेरफेर, संसाधनों का दुरूपयोग करने और बड़े-बड़े खोखले दावों का ढोल पीटने का जान पड़ता है। यह सारी कवायद किसी को विशेष तौर पर खुश रखने के लिए की गई थी।”

दूसरी खुराक लगे बिना सर्टिफिकेट अपलोड 

बता दें कि पिछले हफ्ते राजधानी पटना में कई लोगों ने यह शिकायत की थी कि उन्हें अभी केवल पहली खुराक दी गई है जबकि पोर्टल पर दूसरी खुराक अर्थात पूर्ण टीकाकरण की सूची में उन्हें शामिल शामिल कर दिया गया है। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इन नामों को अपलोड करने के लिए तीन केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इन तीन टीकाकरण केंद्रों पर इस तरह के 50 ऐसे मामले पकड़ में आए हैं। पहले भी चार टीकाकरण केंद्रों पर ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। इन केंद्रों के प्रभारियों को नोटिस जारी किया गया है। सिविल सर्जन ने जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को जांच कर रिपोर्ट मांगी है। 

मृत लोगों को लगा टीका

बिहार के विभिन्न जिलों में सैकड़ों मृत लोगों को कोरोना का टीका लगाए जाने का मामला भी सुर्खियों में रहा है। मुजफ्फरपुर, पूर्णिया, शेखपुरा सहित अन्य जिलों से इस तरह की खबरें आ चुकी हैं जहां मृत लोगों को टीका लगाया गया था। सिर्फ इतना ही नहीं कई मामले तो ऐसे भी सामने आए हैं कि जिले और राज्य से बाहर रह रहे लोगों को भी टीका लगा दिया गया है और इसका सर्टिफिकेट अपलोड कर दिया गया है। 

कोरोना जांच में भी हो चुका बड़ा घोटाला

बीबीसी ने इस साल फरवरी महीने में द इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से लिए कि अख़बार की पड़ताल में बहुत सारे नाम और फ़ोन नंबर फ़र्ज़ी मिले। सूची में सैकड़ों ऐसे नाम दर्ज हैं जिनके मोबाइन नंबर की जगह 0000000000 लिखा है। किसी का नाम सही है तो फ़ोन नंबर ग़लत है और किसी का फ़ोन नंबर सही है तो नाम ग़लत।

यह भी पढ़ेंः https://hindi.newsclick.in/names-modi-shah-priyanka-chopra-list-fully-vaccinated-biha

Bihar
Corona
Vaccine
UP
Jharkhand
Cm
Yogi Aditya Nath
Hemant Soren
PM
Modi
Amit Shah

Related Stories

बिहार: फिर सामने आया कोरोना टीकाकरण फ़र्ज़ीवाड़ा, वैक्सीन लगने से पहले ही आ गया सर्टिफिकेट

हासिल किया जा सकने वाला स्वास्थ्य का सबसे ऊंचा मानक प्रत्येक मनुष्य का मौलिक अधिकार है

सड़क पर अस्पताल: बिहार में शुरू हुआ अनोखा जन अभियान, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए जनता ने किया चक्का जाम

वैश्विक एकजुटता के ज़रिये क्यूबा दिखा रहा है बिग फ़ार्मा आधिपत्य का विकल्प

कोविड-19 मामलों की संख्या में आये भारी उछाल से महाराष्ट्र के कमजोर तबकों को एक और लॉकडाउन का डर सताने लगा है!

पटनाः एनएमसीएच के 84 डॉक्टर कोरोना पॉज़िटिव, मरीज़ों में कोरोना चेन बनने का ख़तरा

बिहारः ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच सभी छुट्टियां रद्द होने के चलते नाराज़ मेडिकल स्टाफ़

बिहार में पूर्ण टीकाकरण सूची में शामिल हैं मोदी, शाह और प्रियंका चोपड़ा के नाम 

महामारी का दर्द: साल 2020 में दिहाड़ी मज़दूरों ने  की सबसे ज़्यादा आत्महत्या

बिहारः तीन लोगों को मौत के बाद कोविड की दूसरी ख़ुराक


बाकी खबरें

  • rakeh tikait
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: किसान-आंदोलन के गढ़ से चली परिवर्तन की पछुआ बयार
    11 Feb 2022
    पहले चरण के मतदान की रपटों से साफ़ है कि साम्प्रदायिक ध्रुवीकरण वोटिंग पैटर्न का निर्धारक तत्व नहीं रहा, बल्कि किसान-आंदोलन और मोदी-योगी का दमन, कुशासन, बेरोजगारी, महंगाई ही गेम-चेंजर रहे।
  • BJP
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड चुनाव: भाजपा के घोषणा पत्र में लव-लैंड जिहाद का मुद्दा तो कांग्रेस में सत्ता से दूर रहने की टीस
    11 Feb 2022
    “बीजेपी के घोषणा पत्र का मुख्य आकर्षण कथित लव जिहाद और लैंड जिहाद है। इसी पर उन्हें वोटों का ध्रुवीकरण करना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घोषणा पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया में लव-लैड जिहाद को…
  • LIC
    वी. श्रीधर
    LIC आईपीओ: सोने की मुर्गी कौड़ी के भाव लगाना
    11 Feb 2022
    जैसा कि मोदी सरकार एलआईसी के आईपीओ को लांच करने की तैयारी में लगी है, जो कि भारत में निजीकरण की अब तक की सबसे बड़ी कवायद है। ऐसे में आशंका है कि इस बेशक़ीमती संस्थान की कीमत को इसके वास्तविक मूल्य से…
  • china olampic
    चार्ल्स जू
    कैसे चीन पश्चिम के लिए ओलंपिक दैत्य बना
    11 Feb 2022
    ओलंपिक का इतिहास, चीन और वैश्विक दक्षिण के संघर्ष को बताता है। यह संघर्ष अमेरिका और दूसरे साम्राज्यवादी देशों द्वारा उन्हें और उनके तंत्र को वैक्लपिक तंत्र की मान्यता देने के बारे में था। 
  • Uttarakhand
    मुकुंद झा
    उत्तराखंड चुनाव : जंगली जानवरों से मुश्किल में किसान, सरकार से भारी नाराज़गी
    11 Feb 2022
    पूरे राज्य के किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य, मंडी, बढ़ती खेती लागत के साथ ही पहाड़ों में जंगली जानवरों का प्रकोप और लगातार बंजर होती खेती की ज़मीन जैसे तमाम मुद्दे लिए अहम हैं, जिन्हें इस सरकार ने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License