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भारत
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बिहार: 'ज़हरीली शराब से लगातार होती मौतों पर सरकार नहीं है गंभीर'
पश्चिम चंपारण के रामनगर व लौरिया क्षेत्र में विगत दिनों जहरीली शराब के कारण 15 लोगों की दर्दनाक मौत की खबर सुनने के बाद सिकटा विधायक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में भाकपा-माले की एक उच्च स्तरीय जांच टीम ने 16 जुलाई को घटनास्थल का दौरा किया और पाया कि 10से 12 जुलाई के बीच हरदिया गांव में और 13-14 जुलाई को देउरवा बाजार में ये मौतें हुई हैं। प्रशासन के संरक्षण में खुलेआम जहरीली शराब का उत्पादन जारी है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
22 Jul 2021
बिहार: 'ज़हरीली शराब से लगातार होती मौतों पर सरकार नहीं है गंभीर'
'प्रतीकात्मक फ़ोटो'

बगहा पुलिस जिला अंतर्गत रामनगर व बेतिया के लौरिया में विगत दिनों जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो गई। इसको लेकर पुलिस ने प्रथमिकी दर्ज कर ली है। और अभी तक 16 की गिरफ़्तारी भी कर चुकी है। परन्तु विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं उसका सीधा आरोप है की ये गौर कनूनी शराब का धंधा प्रशासन की सर परस्ती में चल रहा है।

भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि बिहार में जहरीली शराब से लगातार हो रही मौतें एक सामान्य घटनाक्रम बनती जा रही है। शायद ही कोई ऐसा महीना गुजरता हो, जब इसकी चपेट में लोग नहीं आते हैं, लेकिन बिहार में शराबबंदी का दंभ भरने वाले नीतीश कुमार इसके प्रति पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं। हमने बार-बार कहा है कि राजनेता-प्रशासन गठजोड़ के तले ही बिहार में अवैध शराब का कारोबार चल रहा है। बावजूद सरकार इस गठजोड़ को लगातार संरक्षण दे रही है। लिहाजन, जहरीली शराब के कारण मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है।

पश्चिम चंपारण के रामनगर व लौरिया क्षेत्र में विगत दिनों जहरीली शराब के कारण 15 लोगों की दर्दनाक मौत की खबर सुनने के बाद सिकटा विधायक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में भाकपा-माले की एक उच्च स्तरीय जांच टीम ने 16 जुलाई को घटनास्थल का दौरा किया और मामले की जांच की।

विधायक वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता ने कहा कि 10-12 जुलाई को हरदिया गांव में और 13-14 जुलाई को देउरवा बाजार में ये मौतें हुई हैं। प्रशासन के संरक्षण में खुलेआम जहरीली शराब का उत्पादन जारी है। उनका दबदबा इतना है कि आम लोग इसका विरोध नहीं कर पाते हैं।

पिछली फरवरी में भी लौरिया थाना क्षेत्र में जहरीली शराब से मौत हुई थी। इस बार की मौत रामनगर व लौरिया थाना क्षेत्र में आने वाले इलाके में हुआ है। प्रशासन इस मामले को लगातार दबाने में लगा हुआ है।

भाकपा-माले ने कहा है कि इस मामले में छोटी मछलियों को गिरफ्तार करके प्रशासन अपने को बचाने का प्रयास कर रहा है। हमारी मांग है कि शराब के बड़े कारोबारियों के साथ-साथ रामनगर व नरकटियांगज डीएसपी तथा रामनगर व लौरिया थानाध्यक्ष पर भी कार्रवाई की जाए, जो पूरे मामले की लीपापोती करने में लगे हुए हैं।

भाकपा-माले ने भोजपुर के गड़हनी प्रखंड के पहारपुर गांव में विगत 3 दिनों के भीतर डायरिया से 6 बच्चों की मौत पर गहरी चिंता व्यक्त की है। कई बच्चे अभी भी बीमार हैं। मांझी टोला में घटित इस दर्दनाक हादसे की जानकारी मिलने के बाद माले विधायक मनोज मंजिल के हस्तक्षेप के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और फिर गांव में मेडिकल टीम भेजा गया। सभी मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है। माले कार्यकर्ताओं ने ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया। साथ ही साथ, अन्य दवाओं का वितरण भी किया गया।

इस जांच दल में माले विधायक के अतिरिक्त गड़हनी प्रखंड सचिव रामछपित राम व बड़ौरा सचिव ओमप्रकाश भी शामिल थे।

भाकपा-माले ने मांग की है कि दलित व मांझी टोलों के प्रति सरकार का उदासीन रवैया बेहद चिंताजनक है। हमारी मांग है कि डायरिया का प्रकोप अन्य टोलों में न फैले, इसके लिए राज्य सरकार युद्ध स्तर पर गरीबों के टोले में लोगों की स्वास्थ्य की जांच की व्यवस्था करेे और जरूरी दवाओं का वितरण करे।

Bihar
Nitish Kumar
Nitish Kumar Government
Poisonous liquor
Death by poisonous liquor

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