NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
बिहार लॉकडाउन : वाम दलों ने उठाए ग़रीबों और मज़दूरों से जुड़े सवाल!
"यह संक्रमण के बढ़ते चेन को तोड़ने के सिलसिला में विशेषज्ञों की राय से उठाया गया क़दम हो सकता है। लेकिन राज्य सरकार को लॉकडाउन की घोषणा करने से पहले पूरी तैयारी कर लेनी चाहिए थी। कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को रोकने में बिहार सरकार की विफलता जब सभी स्तर पर उजागर होने लगी तो आनन फानन में लॉकडाउन लगा दिया गया।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 May 2021
बिहार लॉकडाउन : वाम दलों ने उठाए ग़रीबों और मज़दूरों से जुड़े सवाल!
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के कारण राज्य में 15 मई तक लॉकडाउन लागू करने की मंगलवार को घोषणा की है। नीतीश ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा, ‘‘कल सहयोगी मंत्रीगण एवं पदाधिकारियों के साथ चर्चा के बाद बिहार में फिलहाल 15 मई तक लॉकडाउन लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके विस्तृत मार्गनिर्देशिका एवं अन्य गतिविधियों के संबंध में आज ही आपदा प्रबंधन समूह को कार्रवाई के लिए निदेश दिया गया है।"

लेकिन बिहार में वाम दलों ने इसको लेकर कई सवाल किए हैं। माकपा ने जहाँ सवाल किया कि रोज़ कमाने और खाने वाले का क्या होगा तो वही भाकपा-माले ने भी कहा है कि सिर्फ़ लॉकडाउन से कोरोना से नहीं निपटा जा सकता है बल्कि सरकार स्वास्थ्य सुविधा बेहतर करे और स्वास्थ्य बजट दस गुणा तक बढ़ाए। इसको लेकर दोनों दलों ने अलग अलग मांग पत्र भी जारी किये हैं।

माकपा का मांग पत्र इस प्रकार है :

1. रोज़ कमाने-खाने वालों ग़रीबों के लिए प्रति माह 35 किलो खाद्यान्न और ₹7500 गुजारा भत्ता मुहैया कराया जाए।

2. कोरोना संक्रमितों के लिए इलाज की व्यवस्था दुरुस्त हो।

3. जांच की रफ़्तार बढ़ाई जाए, 24 घंटे के अंदर आरटी पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट जारी हो।

4. ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, आईसीयू बेडों की संख्या पर्याप्त संख्या में हो, यह सुनिश्चित किया जाए।

5. नर्स, चिकित्सक सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को तुरंत बहाल कर उन्हें प्रोत्साहन राशि एवं उनकी सुरक्षा की गारंटी दें।

6. दवा, ऑक्सीजन की कालाबाज़ारी पर रोक लगाई जाए।

7. एंबुलेंस की संख्या में बढ़ोतरी कर हो रही लूट पर रोक लगाई जाए।

भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की और बताया "बिहार के ग्रामीण इलाकों में कोविड संक्रमण के महाविस्फोट, स्वास्थ्य व्यवस्था की बेहद लचर स्थिति और तेजी से बढ़ रही मौतों की चिंताजनक स्थितियों के बीच आज भाकपा-माले विधायक दल की वर्चुअल बैठक जूम ऐप पर हुई। बैठक में माले राज्य सचिव कुणाल, विधायक दल के प्रभारी राजाराम सिंह तथा विधायक सत्यदेव राम, सुदामा प्रसाद, अरूण सिंह, बीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता, गोपाल रविदास, मनोज मंजिल, महानंद सिंह, संदीप सौरभ, अजीत कुशवाहा, रामबलि सिंह यादव और अमरजीत कुशवाहा शामिल हुए।"

माले विधायक दल ने बैठक से 10 सूत्री प्रस्तावों का ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को भेजा है, प्रस्ताव इस प्रकार हैं -

1. कोविड हेल्थ इमरजेंसी पर विधायक मद से 2 करोड़ रुपये खर्च करने के फैसले के मामले में सुझाव है कि इसे दो भागों में विभक्त किया जाए। 1 करोड़ रु. राज्य स्तर पर और शेष एक 1 करोड़ की राशि संबंधित विधायक के विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करने का प्रावधान किया जाए।

2. विधायक मद की शेष 1 करोड़ की राशि को भी कोविड मरीजों की सहायता व आवश्यक स्वास्थ्य उपकरणों की व्यवस्था करने हेतु विधायकों को अपने विधानसभा के अंदर खर्च करने का अधिकार प्रदान किया जाए।

3. विगत लाॅकडाउन के दौरान विधायक मद से ली गई 50 लाख रु. की राशि का अब तक कोई हिसाब नहीं मिला है।व्यय को पारदर्शी बनाया जाए और इसकी जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधियों को दिया जाए।

4. कोविड महामारी के मद्देनज़र विधायक मद की राशि अपर्याप्त है, इसलिए सरकार स्वास्थ्य बजट को तत्काल कम से कम दस गुणा करे और आॅक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर, फ्लोमीटर, एंबुलेंस आदि उपकरणों सहित अस्थायी अस्पतालों के निर्माण तथा डाॅक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों पर खर्च करे। व्यापक पैमाने पर डाॅक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों की बहाली, उनका रिजर्व पुल तथा ग्रामीण इलाकों में चिकित्सा के पेशे से जुड़े लोगों को न्यूनतम प्रशिक्षण देकर कोविड मरीजों की सेवा में गांवों में तत्काल उतारा जाए।

5. तत्काल गांव-गांव में मेडिकल टीमें भेजकर घर-घर में कोविड की जांच, इलाज की व्यवस्था तथा एक सीमित अवधि में सभी के टीकाकरण की गारंटी की जाए। कोविड से बचाव के नियमों अर्थात शारीरिक दूरी का पालन, सेनिटाइजेशन व मास्क की अनिवर्याता को लेकर सघन माइकिंग व जागरूकता अभियान चलाया जाए। कोविड के शिकार लोगों के परिजनों के लिए 10-10 लाख रु. का मुआवजा, 6 माह का राशन व रोजगार की व्यवस्था की जाए.

6. पटना जिले के पालीगंज विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहद खराब हालत ने अब तक कम से कम 100 लोगों की जिंदगियों को खत्म कर दिया है. पीएचसी से लेकर अनुमंडल अस्पताल पालीगंज में कोविड का किसी प्रकार इलाज उपलब्ध नहीं है। पालीगंज अनुमंडल अस्पताल में पहले से उपलब्ध संसाधनों व पूरी व्यवस्था को विक्रम शिफ्ट कर देने के कारण मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। यह एक आपराधिक कृत्य है। पटना डीएम व मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, पटना से अपील के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं है। हमारी मांग है कि प्रशासन आम लोगों की जिंदगी से खेलना बंद करे और तत्काल पालीगंज अनुमंडल अस्पताल सहित तमाम पीएचसी में कोविड के इलाज के आरंभ की गारंटी करे।

7. हमारे पास रिपोर्ट है कि इस भयावह महामारी में प्राइवेट अस्पतालों की भूमिका अपेक्षाओं के परे है। हमारी मांग है कि इन अस्पतालों में सरकार अपने खर्च पर कोविड मरीजों के इलाज की व्यवस्था करे और इनपर चैकस निगाह रखे। इसे मरीजों को लूटने का अड्डा न बनने दे।

8. राज्य से प्रखंड स्तर तक प्रशासन, राजनीतिक दलों व सामाजिक संगठनों के बीच बातचीत की नियमित प्रणाली विकसित की जाए ताकि सामने खड़ी इस चुनौती का हम सब मिलजुलकर सामना कर सकें व उसे हरा सकें। लेकिन यह दुर्भाग्यूपर्ण है कि स्वास्थ्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य विभाग के सचिव व पटना सहित कई जिलों के अधिकारी फोन तक नहीं उठाते हैं। ऐसी स्थिति में कोविड के खिलाफ एकजुट संघर्ष की धार कमजोर पड़ती है। आप इसे अपने संज्ञान में लें।

9. सरकार की ओर से लाॅकडाउन लगा दिया गया है। लेकिन विगत साल का अनुभव बेहद कड़वा है। आम लोगों को प्राकृतिक कोविड आपदा के साथ-साथ सुलतानी आपदा लाॅकडाउन की भी मार झेलनी पड़ी थी। अतः हमारी मांग है कि सरकार को लाॅकडाउन में ज्यादा रूचि दिखलाने की बजाए स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को ठीक करने में कहीं अधिक गंभीर होना चाहिए।

10.  लाॅकडाउन के मद्देनजर कोविड मरीजों की सेवा में लगे हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं व अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं को अविलंब पास जारी किए जाएं ताकि इस काम में किसी भी प्रकार की बाधा न हो सके 

Bihar
COVID-19
Bihar Lockdown
Nitish Kumar
Nitish Kumar Government
left parties

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • workers
    तारिक अनवर
    यूपी चुनाव: धीमी मौत मर रहा है भगवान कृष्ण को संवारने-सजाने वाला मथुरा-वृंदावन का उद्योग
    07 Feb 2022
    हिंदुत्व की उच्च डेसिबल की राजनीति हिंदू और मुस्लिम समुदायों से आने वाले कारीगरों, व्यापारियों और निर्माताओं की आजीविका को बचाने में विफल रही है।
  • yogi and amit shah
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: भाजपा को चुनावों में भगवान और मुसलमान का ही सहारा
    07 Feb 2022
    ख़बरों की इस भाग दौड़ में ख़बरों का मर्म छूट जाता है। इस हफ़्ते की कुछ ख़ास ख़बरें लेकर आए हैं अनिल जैन, जिसमें राम जी की जाति से लेकर केजरीवाल का मोदी मॉडल तक शामिल है। 
  • Lata Mangeshkar
    नम्रता जोशी
    लता मंगेशकर की उपलब्धियों का भला कभी कोई विदाई गीत बन सकता है?
    07 Feb 2022
    संगीत और फ़िल्म निर्माण में स्वर्ण युग के सबसे बड़े नुमाइंदों में से एक लता मंगेशकर का निधन असल में वक़्त के उस बेरहम और अटूट सिलसिले का एक दुखद संकेत है, जो अपने जीवन काल में ही किंवदंती बन चुके…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में एक महीने बाद कोरोना के एक लाख से कम नए मामले सामने आए  
    07 Feb 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 83,876 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 2.62 फ़ीसदी यानी 11 लाख 8 हज़ार 938 हो गयी है।
  • MGNREGA
    डॉ. राजू पाण्डेय
    बजट 2022: गांव और किसान के प्रति सरकार की खटकने वाली अनदेखी
    07 Feb 2022
    कोविड-19 के इस भयानक दौर में यह आशा की जा रही थी कि सरकार न केवल मनरेगा को ज्यादा मजबूती देगी, बल्कि शहरी इलाकों के लिए भी कोई ऐसी ही योजना लाई जाएगी। विगत वित्तीय वर्ष के संशोधित आकलन की तुलना में…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License