NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
भारत
राजनीति
बिहार में हर महीने 100 से अधिक बलात्कार, क्या यही है सुशासन?
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो सुशासन बाबू के नाम से जाने जाते हैं, लेकिन आज बिहार में जिस तरह से बलात्कार, लूट और हत्या की घटनाएं हो रही हैं वो सरकार पर गंभीर सवाल खड़ा करती हैं।
मुकुंद झा
07 Jul 2020
बिहार में हर महीने 100 अधिक बलात्कार

बिहार में अपराध लगातर बढ़ रहे हैं, इस बात की गवाही बिहार पुलिस के खुद के आकड़े बता रहे हैं। पुलिस द्वारा 28 जून को राज्य से जुड़े अपराध के आकड़ों को सार्वजनिक किया गया था। इसमें भी सबसे चिंताजनक स्थति है महिलाओं को लेकर। राज्य में महिलाओं को लेकर अत्याचार रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। बिहार पुलिस के इस साल के आकड़ों के मुताबिक कम से कम 100 महिलाओं का हर महीने बलात्कार हो रहा है। अभी हाल में ही कुछ ऐसी घटनाएं घटी हैं जो बिहार की भाजपा-जेडीयू गठबंधन सरकार के राज में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठा रही हैं।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो सुशासन बाबू के नाम से जाने जाते है, लेकिन आज बिहार में जिस तरह से बलात्कार,लूट,हत्या की घटनाए हो रही है वो सरकार पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। बिहार में विपक्षी सवाल कर रहे है कहाँ है बिहार में कानून व्यवस्था ?

अभी हाल ही में बिहार के दरभंगा जिले में हुआ बलात्कार का मामला सुर्ख़ियों में रहा, उसको लेकर ट्विटर पर भी खूब चर्चा हुई। ऐसा नहीं था कि पिछले कुछ समय में यही एक घटना हुई हो परन्तु इस घटना की चर्चा इसलिए अधिक रही, क्योंकि उस पीड़िता का नाम संयोग से अभी कुछ दिनों पहले ही अपने पिता को सैकड़ों किलोमीटर साइकिल चलाकर बिहार ले आने वाली ‘साइकिल गर्ल’ के नाम से मिलता था। इसलिए इस घटना ने कुछ दिनों में ही पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा। हालाँकि पीड़िता का नाम ही साइकिल गर्ल से मिलता था बाकी वो नाबालिग दलित लड़की दरभंगा जिला के पतोर की निवासी थी, जिसके साथ बलात्कार हुआ और फिर उसकी हत्या हुई। इसका आरोप सेना के अवकाश प्राप्त नायक सूबेदार अर्जुन प्रसाद मिश्र पर लग रहा है। आरोपी ब्राह्मण और पीड़िता दलित जाति से है, इसलिए इसे जातिगत शोषण से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

दरभंगा के हायाघाट प्रखंड के पतोर गांव में बुधवार 1 जुलाई की सुबह तकरीबन 15 वर्षीय नाबालिग लड़की की लाश मिलने से इलाके में खलबली मच गई। बच्ची का शव पतोर में सेना के अवकाश प्राप्त नायक सूबेदार अर्जुन प्रसाद मिश्र के घर के परिसर में झाड़ी से ढका हुआ मिला। परिजनों के मुताबिक आम चुनने गई बच्ची के साथ दुष्कर्म के बाद गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। उसकी हत्या का आरोप अर्जुन प्रसाद मिश्र पर लगाया गया है। पीड़िता दसवीं की छात्रा थी। उसके पिता अशोक पासवान के मुताबिक उस समय वो ट्यूशन पढ़ने जा रही थी, उसी समय उसके साथ यह घटना घटी।

घटना के बाद जनता का गुस्सा बढ़ता देख स्वयं एसएसपी बाबू राम पतोर पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस आधिकारियों को निर्देश दिया। तुरंत आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए टीम गठित की। जिसके बाद एसएसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस बीच आक्रोशित भीड़ पतोर आरोपी के घर को घंटों चारों तरफ से घेर कर नारेबाजी करती रही।

पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि आरोपी अपने घर एवं परिसर को चारों तरफ से बिजली के नंगे तार से घेरे हुए था। पुलिस करंट लगने की बात पर भी जांच कर रही है। एसएसपी ने आरोपी के घर एवं आंगन का भी जायजा लिया। जहां घर में टूटे हुए फ्रीज, पलंग, कुर्सी, टेबल, कपड़ा, अलमारी के साथ-साथ अंग्रेजी शराब भी मिली। अभी भी मुख्य आरोपी फ़रार बताया जा रहा है।

सीपीएम और स्थनीय लोगों के विरोध के बाद पुलिस एक्शन में दिखी

घटना की सूचना जैसे ही मृतका के परिजनों को एवं आसपास के लोगों को मिली तो उन्होंने आरोपी अर्जुन प्रसाद मिश्र के घर का घेराव कर लिया। इसकी सूचना मिलते ही पहुंची पतोर की पुलिस को भी आक्रोशित भीड़ का सामना करना पड़ा। बताया जाता है कि इस बीच आरोपी  अर्जुन प्रसाद मिश्र मौके से फरार हो गया। बाद में पुलिस ने नामजद अर्जुन प्रसाद मिश्र की पत्नी पूनम देवी को हिरासत में ले लिया।

सीपीएम के राज्य कमेटी सदस्यों के एक दल ने घटना स्थल का दौर किया। इसके साथ ही पीड़िता के न्याय दिलाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। 

bihar 2_2.jpg

'भाजपा-जदयू शासनकाल में सामंती अपराधियों का मनोबल बढ़ा’

दलित शोषण मुक्ति मंच के राज्य महासचिव श्याम भारती ने कहा कि इस घटना की जानकारी मिलने के तुरंत बाद ही वे घटनास्थल पर पहुंचे और एसएसपी से दोषी अपराधी को गिरफ्तार कर परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने कहा है कि सामंती अपराधियों से मिलकर दरभंगा प्रशासन इस घटना पर लीपापोती करने में लगा हुआ है अगर 15 जुलाई से पहले अपराधी गिरफ्तार नहीं होता है तो दलित शोषण मुक्ति मंच दरभंगा पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन करेगा।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि भाजपा जेडीयू  शासनकाल में सामंती अपराधियों का मनोबल बढ़ा है, जिससे दलित गरीब महिलाओं पर शोषण अत्याचार का ग्राफ बढ़ा है और सामंतवादी सरकार आंख पर पट्टी बांधी हुई है। 

जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामपरी ने इस घटना की कड़ी निंदा की और कहा कि पूरे देश में दलित बच्चियों महिलाओं के साथ शोषण बढ़ रहा है, इसके खिलाफ हमें लड़ाई लड़ने की जरूरत है।

रामपरी ने कहा कि राज्य के अन्दर रोज हो रहीं बलात्कार, हत्या, महिला हिंसा की घटनाओं ने नीतीश और मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, नारी सशक्तीकरण जैसे झूठे नारों की पोल खोल दी है। नीतीश कुमार रोज भाषण देते हैं कि बिहार में कानून का राज है लेकिन अपराधियों को सजा दिलाने के लिए संघर्षरत महिलाओं को बिहार सरकार की पुलिस क्यों बुरी तरह से पीट रही है, इसका जबाव सुशासन बाबू के पास नहीं है।

यह कोई अकेली घटना नहीं है इससे पहले ही मधुबनी के रहिका में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग लड़की के साथ 4 से अधिक लोगों ने गैंगरेप किया। फिर उसका वीडियो बनाकर उसको वायरल कर दिया। मधुबनी जिले का एक दूसरा वीडियो सोशल साइट पर वायरल हुआ है जिसमें बाइक से कहीं जा रहे एक महिला और पुरुष की गाड़ी जबरदस्ती रोककर कुछ गुंडे सरेआम उस महिला को छू रहे हैं, छेड़ रहे हैं और उसकी वीडियो भी बना रहे हैं।

बिहार में चार महीनों में 404 बलात्कार

ये सभी घटनाए बिहार के सुशासन के दावों की पोल खोलती हैं। अब तक सरकार में विपक्ष कानून-व्यवस्था और बढ़ते अपराध पर सरकार पर सवाल करते थे लेकिन बिहार पुलिस के आला अधिकारियों ने जो आंकड़े पेश किए उसके अनुसार राज्य में कानून व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है और अपराधी बेलगाम हैं।

bihar.PNG

 (सोर्स : वेबसाइट, बिहार पुलिस मुख्यालय) 

पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों पर गौर करें तो दुष्कर्म के आंकड़े डराने वाले हैं। राज्य में इस साल अप्रैल महीने तक 404 घटनाएं घट चुकी हैं। यानी हर महीने 101 बलात्कार हो रहे हैं। इसके साथ ही इस दौरान 874 हत्याएँ हुई हैं।

2019 के आंकड़ों की बात करें  तो बिहार में पिछले साल हत्या के कुल 3138 मामले दर्ज किए गए थे तो वही बलात्कार के 1450 मामले दर्ज हुए थे।

NCRB के आंकड़े भी बिहार में क़ानून व्यवस्था की बदहाली की कहानी बता रहे हैं!

इसी साल नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने अपनी जो रिपोर्ट जारी की है, उसमें भी अपराध के बढ़ते हुए ही आंकड़े बताए गए हैं। NCRB ने वर्ष 2018 के लिये जारी अपनी रिपोर्ट में देश भर के 19 मेट्रोपॉलिटन शहरों में होने वाली हत्याओं में पटना को पहले स्थान पर बताया है, तो वहीं अपराध के मामले में बिहार पांचवे स्थान पर रहा। जबकि इससे पहले उसका स्थान छठा था।  महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध में भी बढ़ोतरी हुई है जबकि दहेज के कारण होने वाली हत्या में भी पटना पहले स्थान पर था। जबकि उत्तर प्रदेश का कानपुर दूसरे स्थान पर था।  

Bihar
nitish sarkar
women safety
Rape Cases in Bihar
rape case
crimes against women
violence against women
jdu
BJP
Good Governance
CPM
bihar police

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

ग़ाज़ीपुर; मस्जिद पर भगवा झंडा लहराने का मामला: एक नाबालिग गिरफ़्तार, मुस्लिम समाज में डर

लखीमपुर हिंसा:आशीष मिश्रा की जमानत रद्द करने के लिए एसआईटी की रिपोर्ट पर न्यायालय ने उप्र सरकार से मांगा जवाब


बाकी खबरें

  • Hafte Ki Baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    कृषि क़ानून वापसी के बाद यूपी और पंजाब में संघ-सरकार की मंशा क्या?
    20 Nov 2021
    इस बार #HafteKiBaat में सिर्फ दो बातों की चर्चा: मोदी सरकार ने तीन कृषि कानूनों को क्यों और कैसे वापस लेने का फैसला किया? दूसरी बात कि आगे क्या होगा? यूपी और पंजाब के चुनावों में अब मोदी सरकार और संघ…
  • bitcoin
    सोनिया यादव
    कर्नाटक: बिटकॉइन घोटाला ने सियासत में हलचल क्यों मचा दी है?
    20 Nov 2021
    इस स्कैम ने राज्य की राजननीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है। एक ओर सीएम बोम्मई पार्टी के भीतर की चुनौती से परेशान हैं तो वहीं दूसरी ओर सुस्त जांच को लेकर विपक्ष सरकार पर जमकर निशाना साध रहा है।
  • Modi
    राजेंद्र शर्मा
    कटाक्ष : भक्तों के बीच “थैंक्यू मोदी जी!” का नया शिड्यूल घोषित
    20 Nov 2021
    देख लीजिए, कोविड-19 की तरह, किसान आंदोलन की आपदा में से भी मोदी जी ने अवसर निकाल ही लिया। राजधानी में थैंक्यू मोदी जी सभाओं का शिड्यूल आ गया है। बाकी राज्यों में भी आज-कल में यह सिलसिला शुरू हो जाएगा…
  • Punjab
    तृप्ता नारंग
    पंजाब: अपने लिए राजनीतिक ज़मीन का दावा करतीं महिला किसान
    20 Nov 2021
    पुरुषों और महिलाओं द्वारा पारंपरिक तौर पर जो भूमिका निभाई जाती रही है, उसमें आमूलचूल बदलाव देखने को मिला है, क्योंकि किसान आंदोलन में महिलाओं ने जमकर भागीदारी की है। हालांकि नेतृत्वकारी भूमिका में…
  • The stakes of talks between the President of America and China and the period of peace on the pretext of Afghanistan
    न्यूज़क्लिक टीम
    अमेरिका और चीन के राष्ट्रपति के बीच वार्ता का दांव और अफ़ग़ानिस्तान के बहाने शांति का दौर
    20 Nov 2021
    “पड़ताल दुनिया भर की’ में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने बातचीत की न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से। मुद्दा रहा अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License