NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहारः ज़हरीली शराब से दो और लोगों की गई जान, तीन दिन पहले हुई थी पांच लोगों की मौत
सीपीआइएमएल के प्रदेश कमेटी के सदस्य रणविजय कुमार ने कहा कि शराब को लेकर नीतीश सरकार की नीति फेल कर गई है। शराबबंदी सिर्फ कहने की बात है। यह पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। इसको स्वीकार करने में नीतीश कुमार को परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री ने इसको प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है। 
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Nov 2021
liquid liquor
'प्रतीकात्मक फ़ोटो'

बिहार में जहरीली शराब से मौत होने का मामला थम नहीं रहा है। यहां जिस तरह जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत और शराब की तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं ऐसे में लगता है कि बिहार में शराबबंदी क़ानून केवल कागजों पर है। तीन दिन पहले मुज़फ़्फ़रपुर जिले के सरैया थाना इलाके में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत का मामला सामने आया था और अब सकरा प्रखंड के बारियारपुर ओपी के बाजी राउत गांव के दो युवकों की मौत जहरीली शराब पीने से हो गई। वहीं एक व्यक्ति का इलाज चल रहा है। मृतकों की पहचान 38 वर्षीय अशोक पंडित और 36 वर्षीय संत कुमार पंडित के रूप में हुई है। अशोक की मौत शुक्रवार की देर रात स्थानीय अस्पताल में हो गई। अशोक पंडित की पत्नी ने मीडिया को शराब पीने से मौत की बात कही है। 

पांच लोगों की मौत

मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना इलाके के रूपौली और विशहर पट्टी गांव में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई जिसके बाद से इस इलाके में हड़कंप मच गया। चार अन्य लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतकों की पहचान अवनीश सिंह (35), मुन्ना सिंह (32), धीरेश सिंह (42), विपुल शाही (30) और विकास मित्र अविनाश कुमार के रुप में की गई है। पुलिस की तरफ से चार लोगों की मौत की पुष्टि की गई थी। ये मामला 28 अक्टूबर की रात को सामने आया। इस मामले में अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए सरैया के थानेदार पुलिस अवर निरीक्षक रविंदर कुमार यादव और प्रभारी थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक मो.कलामुद्दीन को सस्पेंड कर दिया गया है। 

मीडिया से बातचीत में एसएसपी जयंतकांत ने कहा कि एफएसएल की टीम ने घटनास्थल पर जांच की तो वहां से शराब की बोतल और होमयोपैथी दवा बरामद हुई थी। उन्होंने कहा कि एफएसएल टीम को प्रारंभिक जांच में मिथाइल अल्कोहल होने की बात सामने आई है। उधर मुजफ्फरपुर में हुए इस कांड में संतोष कुमार समेत अन्य छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार संतोष कुमार पिछले एक महीने से शराब की तस्करी कर रहा था। शराब बनाने और तस्करी करने वालों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। 

शराबबंदी के बावजूद घटना में कमी नहीं

बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून अप्रैल 2016 में लागू कर दिया गया था। इस कानून के लागू होने के बावजूद इस साल अब तक 13 घटनाएं सामने आई हैं जिसमें जहरीली शराब से करीब 66 लोगों की मौत हो गई। जहरीली शराब से मौत का सबसे बड़ा मामला इस साल होली के ठीक बाद नवादा जिले में सामने आया था। यहां टाउन थाना क्षेत्र के गांवों में इसके इस्तेमाल के चलते करीब 16 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद फिर जुलाई महीने में पश्चिमी चंपारण के लौरिया में करीब करीब इतनी ही संख्या में लोगों की मौत का मामला सामने आया था। वहीं 12 अक्टूबर को वैशाली जिला के राजापाकर थाना के बैकुंठपुर गांव में 55 वर्षीय रंजीत कुमार सिंह की मौत हो गई थी। वहीं 24 अक्टूबर को सीवान के गुथानी थाना क्षेत्र के बेलौरी में जहरीली शराब से चार लोगों की मौत हो गई थी।

मुज़फ़्फ़रपुर में अब तक चार घटना 

जहरीली शराब से मौत को लेकर जनवरी के बाद से जिले में यह चौथा मामला सामने आया है। महज तीन दिन पहले सरैया इलाके में जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले जिले के कटरा थाना क्षेत्र में इस साल 17-18 फरवरी को जहरीली शराब पीने से पांच लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद मुजफ्फरपुर के मनियार स्थित विशनपुर गिद्दा में 26 फरवरी को जहरीली शराब से दो लोगों की मौत हो गई थी। 

शराबकांड के बाद सरकार पर विपक्ष हमलावर

सीपीआइएमएल के प्रदेश कमेटी के सदस्य व ऐक्टू के प्रदेश सचिव रणविजय कुमार ने कहा कि "शराब को लेकर नीतीश सरकार की नीति फेल कर गई है। शराबबंदी सिर्फ कहने की बात है। यह पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है। इसको स्वीकार करने में नीतीश कुमार को परेशानी हो रही है। मुख्यमंत्री ने इसको प्रतिष्ठा का विषय बना लिया है। जितना शराबकांड हो रहा उसकी गहराई से जांच की जाए तो उसमें शासन-प्रशासन, जदयू-भाजपा के लोग बड़े पैमाने पर शामिल पाए जाएंगे। नालंदा जिले के जदयू के जिलाध्यक्ष के घर से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब पकड़ा गया था तो एसपी को बदल दिया गया था। इनका फॉर्मूला है कि आम लोगों के लिए प्रतिबंधित रहेगा और उनके लिए चालू रहेगा। आम लोगों की कमाई को इस कानून की आड़ में खत्म करने का केवल ये गोरखधंधा है। बिहार की जनता के लिए शराबबंदी है और जदयू-भाजपा के लिए शराब चालू है।"

आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने एनबीटी से कहा कि "राज्य में शराबबंदी केवल दिखावा है और इसने समानांतर अर्थव्यवस्था को जन्म दिया है। उन्होंने कहा कि शराब बनाने, तस्करी और घरेलू आपूर्ति हर जगह आम है, खासकर गांवों में। पुलिसकर्मी भी शराब की तस्करी में शामिल लोगों को संरक्षण देते हैं जिससे निर्दोष लोगों की मौत जहर से होती है।"

Bihar
muzaffarpur
Poisonous liquor
Illegal liquor
Death by poisonous liquor

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • JP Nadda in Chamoli PC DIPR
    वर्षा सिंह
    उत्तराखंड: सैन्य धाम ही नहीं स्वास्थ्य धाम भी ज़रूरी, चुनाव में सेहत मुद्दा नहीं
    23 Nov 2021
     “कोविड के बीच चुनाव में स्वास्थ्य मोर्चे पर सुधार का मुद्दा कौन उठाएगा? मुद्दा तो राजनीतिक दल ही उठाते हैं। यहां न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष ज़मीनी मुद्दों पर बात कर रहा है। सवाल मतदाता पर भी है…
  • kisan
    अफ़ज़ल इमाम
    कृषि कानूनों की वापसी का कारण सिर्फ़ विधानसभा चुनाव नहीं
    23 Nov 2021
    ऐतिहासिक किसान आंदोलन महज 3 काले कानूनों की वापसी और एमएसपी के कानून बनाने आदि की कुछ मांगों तक सीमित नहीं रह गया है। यह हर किस्म के दमन, नाइंसाफी, देश की संपत्तियों व संसाधनों की लूट और सत्ता के…
  • fiscal
    प्रभात पटनायक
    मोदी सरकार की राजकोषीय मूढ़ता, वैश्वीकृत वित्तीय पूंजी की मांगों से मेल खाती है
    23 Nov 2021
    राजकोषीय मूढ़ता मेहनतकश जनता पर दो तरह से हमला करती है। वह एक ओर तो बेरोज़गारी को ज़्यादा बनाए रखती है और दूसरी ओर मुद्रास्फ़ीति को बढ़ाने के ज़रिए, उनकी प्रति व्यक्ति वास्तविक आय को घटाती है।
  • MSRTC
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    एमएसआरटीसी हड़ताल 27वें दिन भी जारी, कर्मचारियों की मांग निगम का राज्य सरकार में हो विलय!
    23 Nov 2021
    एमएसआरटीसी कर्मचारियों के एक समूह ने बिना शर्ट पहने मुंबई मराठी पत्रकार संघ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और ठाकरे सरकार से प्रत्येक डिपो के एक कर्मचारी प्रतिनिधि से सीधे बात करने को कहा।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में करीब 10 महीने बाद कोरोना के 8 हज़ार से कम नए मामले सामने आए 
    23 Nov 2021
    देश मेंएक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.33 फ़ीसदी यानी 1 लाख 13 हज़ार 584 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License