NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
आधी आबादी
उत्पीड़न
महिलाएं
भारत
बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
राजधानी पटना में गाय घाट स्थित महिला रिमांड होम से भागी एक युवती ने इस रिमांड होम की अधीक्षिका वंदना गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वहां खूबसबरत लड़कियां मैम को प्यारी होती हैं। उसने कहा कि वहां गंदा काम होता है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
02 Feb 2022
बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम
TOI

बिहार के रिमांड होम को लेकर एक बार फिर चौंकाने वाली बात सामने आई है। राजधानी पटना में गाय घाट स्थित महिला रिमांड होम से भागी एक युवती ने इस रिमांड होम की अधीक्षिका वंदना गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वहां खूबसूरत लड़कियां मैम को प्यारी होती हैं। उसने कहा कि वहां गंदा काम होता है। बीते रविवार को एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें युवती कई तरह के आरोप लगा रही है। इस घटना के सामने आने के बाद नीतीश सरकार एक बार फिर चौतरफा घिर गई। रिमांड होम की स्थिति और उसके संचालन को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। ज्ञात हो कि मार्च 2018 में सामने आए मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। माना जा रहा था कि इस घटना के बाद बिहार स्थित शेल्टर होम की स्थिति बदल जाएगी लेकिन पटना के इस रिमांड होम ने सरकार और प्रशासन की निष्क्रियता को उजागर कर दिया है।

वायरल हुए वीडियो में रिमांड होम से भागी युवती ने इसकी अधीक्षिका पर लड़कियों के शारीरिक व मानसिक शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप लगाने वाली युवती ने आरोप लगाया है कि वहां गंदा काम होता है। उसने कहा है कि अधीक्षिका के आदेश से लड़कियों को नशे का इंजेक्शन देकर अवैध धंधा करने के लिए मजबूर किया जाता है।

बिहार में फिर से शेल्टर होम कांड?

पटना के एक रिमांड होम में रह चुकी लड़की ने रक्षागृह की अधीक्षिका पर संगीन आरोप लगाए हैं. लड़की का दावा है कि रिमांडहोम में रहने वाली लड़कियों का शारीरिक-मानसिक शोषण किया जाता है, उन्हें बाहर लोगों के पास भेजा जाता है और बाहर के लोग अंदर आते हैं. pic.twitter.com/qWe8cuR1nR

— Utkarsh Singh (@UtkarshSingh_) January 31, 2022

न्यूज-18 की रिपोर्ट के मुताबिक इस घटना के सामने आने के बाद समाज कल्याण विभाग ने आनन-फानन में एक टीम गठित कर इस पूरे मामले की जांच करवाने का दावा किया है। जांच टीम की रिपोर्ट के मुताबिक आरोप लगाने वाली युवती के व्‍यवहार में स्थिरता नहीं दिखी।

उधर मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले को लेकर पीआईएल दाखिल करने वाले पटना व्यवहार न्यायालय के अधिवक्ता केडी मिश्रा ने न्यूज 18 से कहा है कि गायघाट स्थित रिमांड होम की अधीक्षिका वंदना गुप्ता बतौर चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर समाज कल्याण विभाग में तैनात हैं। उन्हें केवल प्रभार में कुछ महीनों तक गायघाट स्थित महिला रिमांड होम में अधीक्षिका के पद पर रखा जा सकता था लेकिन वह पिछले कई सालों से महिला रिमांड होम में तैनात हैं।

अधिवक्ता केडी मिश्रा के अनुसार डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने रिमांड होम का निरीक्षण कर एक रिपोर्ट भी समाज कल्याण विभाग को सौंपी थी और वहां की व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा किया था। इसमें उक्त अधीक्षिका को हटाने की सिफारिश की थी लेकिन इसके बावजूद समाज कल्याण विभाग इस पूरे मामले में लापरवाह बना रहा है।

ज्ञात हो कि टाटा इंस्टिच्ट्युट ऑफ सोशल साइंसेज ने बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के निर्देश पर वर्ष 2017 में बिहार के बाल संरक्षण गृह का ऑडिट किया था और रिपोर्ट मार्च 2018 में सामने आई थी। इस रिपोर्ट में बाल संरक्षण गृह में युवतियों के यौन शोषण और हत्या के सनसनीखेज मामलों का खुलासा किया गया था, जिसके बाद बिहार समेत पूरे देश में हड़कंप मच गया था। इस रिपोर्ट में कहा गया कि मुजफ्फरपुर में चल रहे बालिका गृह सेवा संकल्प एवं विकास समिति में लड़कियों का यौन शोषण हो रहा है। काउंसिलिंग में 29 बच्चियों के रेप का मामला सामने आया था। वहीं इनमें से तीन बच्चियों के गर्भवती होने की बात भी सामने आई थी। करीब 40 से अधिक बच्चियों के रेप का मामला सामने आया था।

पटना स्थित रिमांड होम से भागी युवती का वीडियो सामने आने के बाद से नीतीश सरकार चारों ओर से घिर गई है। इसको लेकर सीपीआइएम के प्रदेश सचिव अवेधश कुमार ने इस बालिका संरक्षण गृह के कार्यकलाप की जांच करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि संरक्षण गृह की बालिका द्वारा संस्थान की संचालिका वंदना गुप्ता पर लगाए गए गंभीर आरोपों की जांच हो और तत्काल प्रभाव से उसे हटाया जाए। उन्होंने कहा है कि बिहार सरकार ने इस आरोप को दरकिनार कर वंदना गुप्ता को एकतरफा तौर पर निर्दोष करार दिया है जो बेहद शर्मनाक है।

अवधेश ने कहा कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड के समय भी बिहार सरकार ने इसी मानसिकता का परिचय दिया था लेकिन लंबे आंदोलन के बाद उस गृह के संचालक की गिरफ्तारी हुई और उसे जेल की सजा भी हुई, उन्होंने कहा- लगता है कि बिहार सरकार तमाम यौन अपराधियों से जुड़े लोगों को बचाने में ही लगी रहती है क्योंकि इसकी जद में नौकरशाह और राजनेता भी आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी मांग करती है कि गायघाट स्थित बालिका संरक्षण गृह के कार्यकालापों की निष्पक्ष जांच की जाए और वंदना गुप्ता को मुअत्तल कर अपराधियों को सजा देने के साथ -साथ अपराध से पर्दा उठाने वाली युवती को सुरक्षा प्रदान किया जाए।

 

ये भी पढ़ें: शेल्टर होम्स में बढ़ती यौन हिंसा, बिलासपुर में उज्ज्वला गृह के कर्मचारियों पर बलात्कार के आरोप!

PATNA
Bihar
Shelter Home Case
Gayeghat
Girls
rape
muzaffarpur

Related Stories

पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

बिहारः पांच वर्ष की दलित बच्ची के साथ रेप, अस्पताल में भर्ती

बिहारः बंधक बनाकर नाबालिग लड़की से गोरखपुर में 1 महीने तक किया गैंगरेप

पत्रकार हत्याकांड- कैसे मेडिकल माफिया का अड्डा बन गया छोटा सा कस्बा बेनीपट्टी?

बिहारः ग़ैर-क़ानूनी निजी क्लिनिक का पर्दाफ़ाश करने वाले पत्रकार की हत्या

बिहारः नाबालिग लड़की से गैंगरेप, एक आरोपी हिरासत में


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    अब साहित्य का दक्षिण टोला बनाने की एक कोशिश हो रही है: जयप्रकाश कर्दम
    13 Feb 2022
    इतवार विशेष: दलित साहित्य और दलित लेखकों के साथ भेदभाव हो रहा है जैसे गांव में होता है न, दलित बस्ती दक्षिण टोला। दलित साहित्य को भी यह मान लीजिए कि यह एक दक्षिण टोला है। इस तरह वे लोग दलित साहित्य…
  • Saharanpur
    शंभूनाथ शुक्ल
    यूपी चुनाव 2022: शांति का प्रहरी बनता रहा है सहारनपुर
    13 Feb 2022
    बीजेपी की असली परीक्षा दूसरे चरण में हैं, जहां सोमवार, 14 फरवरी को वोट पड़ेंगे। दूसरे चरण में वोटिंग सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूँ, शाहजहांपुर ज़िलों की विधानसभा…
  • Uttarakhand
    कृष्ण सिंह
    चुनाव 2022: उत्तराखंड में दलितों के मुद्दे हाशिये पर क्यों रहते हैं?
    13 Feb 2022
    अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद भी दलित समाज के अस्तित्व से जुड़े सवाल कभी भी मुख्यधारा के राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रश्न नहीं रहे हैं। पहाड़ी जिलों में तो दलितों की स्थिति और भी…
  • Modi
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: अगर आरएसएस न होता...अगर बीजेपी नहीं होती
    13 Feb 2022
    "...ये तो अंग्रेजों की चापलूसी में लगे थे। कह रहे थे, अभी न जाओ छोड़ कर, कि दिल अभी भरा नहीं"
  • election
    अनिल जैन
    ख़बरों के आगे-पीछे: चुनाव आयोग की साख पर इतना गंभीर सवाल!
    13 Feb 2022
    हर हफ़्ते की कुछ खबरें और उनकी बारिकियाँ बड़ी खबरों के पीछे छूट जाती हैं। वरिष्ठ पत्रकार जैन हफ़्ते की इन्हीं कुछ खबरों के बारे में बता रहे हैं। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License