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बिहार : सातवें चरण की बहाली शुरू करने की मांग करते हुए अभ्यर्थियों ने सिर मुंडन करवाया
धरना स्थल पर राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए अभ्यर्थियों ने सातवें चरण की बहाली शुरू करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हवन किए और सिर मुंडवा कर विरोध जताया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
11 May 2022
बिहार : सातवें चरण की बहाली शुरू करने की मांग करते हुए अभ्यर्थियों ने सिर मुंडन करवाया
ETV

बिहार में शिक्षक नियोजन के सातवें चरण की बहाली फिलहाल रुकी हुई है जिसको लेकर राजधानी पटना में बड़ी संख्या में सीटेट और बीटेट पास अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए हैं। धरना स्थल पर राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए अभ्यर्थियों ने सातवें चरण की बहाली शुरु करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हवन किए और सिर मुंड़वा कर विरोध जताया। ज्ञात हो कि सातवें चरण की शिक्षकों की बहाली काफी दिनों से रुकी हुई है।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार हमारी मांगों के अनसुना कर रही है। हमें झूठा आश्वासन दिया जा रहा है। इसलिए जब तक सरकार हमलोगों की मांग पूरी नहीं करेगी हम धरना प्रदर्शन करते रहेंगे।

एसटेट पास एक अभ्यर्थी मृत्युंज कुमार ईटीवी से बात करते हुए कहा कि, 'आज बाल मुंडन इसलिए करवा रहे हैं कि इससे शिक्षा मंत्री को शांति मिले. हवन भी उसी मकसद से हम लोग कर रहे हैं. हम लोगों का जब तक सातवें चरण के नियोजन की तिथि की घोषणा नहीं हो जाएगी. तब तक हम लोग ऐसे ही धरना प्रदर्शन करते रहेंगे।'

कुमार ने भी बाल मुंडन करवाया और साफ-साफ कहा कि सरकार हमारी बातों को नहीं सुन रही है। सिर्फ झूठा आश्वासन मिल रहा है। आज हम लोगों ने हवन किया है, बाल मुंडन करवाया है ताकि भगवान सरकार को शक्ति दें कि हम लोगों का नियोजन समय से वो करा पाएं। वैसे जब तक सरकार नियोजन नहीं करवाएगी तब तक हम लोग लगातार ऐसे ही धरना प्रदर्शन करके सरकार का विरोध करते रहेंगे।

ज्ञात हो कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थी गत 7 मई से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले इन अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से लेकर कारगिल चौक तक अपनी मांगों को लेकर पैदल यात्रा भी की थी। अभ्यर्थियों की मांगों में प्राथमिक शिक्षक बहाली के लिए सातवें चरण की विज्ञप्ति अविलंब जारी करने, बहाली को ऑनलाइन सेंट्रलाइज माध्यम से पूर्ण करने, मई 2022 तक जो भी पद रिक्त है उन सभी रिक्तियों पर अविलंब बहाली करने की मांग शामिल हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्तावित सातवें चरण में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में 83 हजार 277 से अधिक रिक्तियां हैं। इनमें सबसे अधिक 49 हजार 361 रिक्तियां 6421 उच्च माध्यमिक स्कूलों के लिए होंगी। माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में नियुक्तियों के लिए नियमावली तैयार की जा रही है। माध्यमिक स्कूलों में 33 हजार 916 पद रिक्त हैं। 5425 माध्यमिक स्कूलों में प्रति स्कूल छह-छह शिक्षकों की नियुक्ति की जानी हैं। ये शिक्षक हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान के होंगे। साथ ही उर्दू, संस्कृत आदि के लिए 5791 और कंप्यूटर शिक्षक के लिए एक हजार पदों पर नियुक्त होनी है। लेकिन विभाग ने अभी इसकी तारीख तय नहीं की है, जिसका अभ्यर्थियों को बेसब्री से इंतजार है। इनका कहना के सरकार बेवजह नियुक्ती में देर कर रही है।

बता दें कि बिहार की विपक्षी पार्टियों द्वारा राज्य की शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा अक्सर उठाया जाता रहा है लेकिन स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है। प्रदेश की विधानसभा में बजट सत्र के दौरान विधानसभा परिसर में सीपीआइएमएल के विधायकों द्वारा शिक्षा व्यवस्था में सुधार और खाली पदों पर शिक्षकों की भर्ती करने समेत अन्य मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान सीपीआइएमएल से पालीगंज के विधायक संदीप सौरभ ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि “2.75 लाख शिक्षक के पद निचले स्तर पर खाली हैं और कॉलेज लेवल पर अभी भी करीब 70 प्रतिशत शिक्षक के पद खाली हैं। पढ़ने-लिखने वाले गरीब के बच्चे शिक्षा महंगी होने के चलते वे इससे दूर हो रहे हैं।"

बता दें कि हाल ही में छठे चरण की बहाली प्रक्रिया समाप्त हुई थी और सातवें चरण की बहाली को लेकर अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं।

ज्ञात हो कि माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) 2019 का नोटिफिकेशन वर्ष 2019 के सितंबर महीने में जारी हुआ था। इसकी ऑफलाइन परीक्षा 28 जनवरी 2020को हुई थी। इस परीक्षा में चार केंद्रों पर आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न पूछे जाने पर हंगामा हुआ था। इसके बाद छात्रों ने हाईकोर्ट का रुख किया था। अनियमिता पाए जाने पर परीक्षा रद्द कर दी गई थी। तब बिहार बोर्ड ने नोटिफिकेशन के एक साल बाद सितंबर 2020 में ऑनलाइन परीक्षा ली थी। इसमें आउट ऑफ सिलेबस का आरोप लगाते हुए कुछ अभ्यर्थियों ने एक बार फिर अदालत का दरवाजा खटखटाया। तब हाईकोर्ट ने 26 नवंबर 2020 को रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी थी।

अदालत ने सुनवाई के दौरान बोर्ड की ऑनलाइन परीक्षा को सही करार दिया और साथ ही ऑनलाइन एसटीईटी के परिणाम घोषित करने को हरी झंडी दे दी। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की एकलपीठ ने आदित्य प्रकाश एवं अन्य की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया था।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था। जिसके बाद राज्य में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया था। बिहार में एसटीईटी परीक्षा का आयोजन 8साल बाद वर्ष 2019 में हुआ था। अदालत के आदेश पर एसटीईटी रिजल्ट 2019 घोषित किया गया। राज्य में साल2020में 9से 21सितंबर तक एसटीईटी परीक्षा का आयोजन किया गया था। एसटीईटी की इस परीक्षा से पहले साल2011में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था।

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