NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
सीएबी-एनआरसी के ख़िलाफ़ वामदलों का 19 को बिहार बंद
19 दिसंबर भारत के स्वाधीनता आंदोलन का ऐतिहासिक दिन है, इसी दिन ‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है’ के गायक रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान और रोशन सिंह को अंग्रेजों ने फांसी दी थी।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Dec 2019
bihar bandh

वाम दलों द्वारा सीएबी व एनआरसी के ख़िलाफ़ 19 दिसंबर को आयोजित देशव्यापी प्रतिवाद के तहत बिहार बंद किया जाएगा। 19 दिसंबर का दिन स्वतंत्रता आंदोलन के महान नायकों और ‘सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है’ के गायक रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खान और रोशन सिंह की शहादत दिवस भी है। इसी दिन अंग्रेजी हुकूमत ने इन तीन क्रांतिकारियों को गोरखपुर, फैजाबाद व नैनीजेल (इलाहाबाद) में फांसी के तख्तों पर लटका दिया था। इस ऐतिहासिक दिन के मौके पर वाम दलों ने 19 दिसंबर को ही बिहार बंद करने का आह्वान किया है। उधर राष्ट्रीय जनता दल ने 21 दिसंबर को बंद की अपील की है। वामदलों के नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाकपा-माले के पोलित ब्यूरो सदस्य धीरेन्द्र झा व राजाराम, सीपीआई के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह, सीपीआईएम के केंद्रीय कमिटी के सदस्य अरूण मिश्रा व गणेश शंकर सिंह और आरएसपी के विरेन्द्र ठाकुर सहित कई बड़े नेता उपस्थित थें।

इसके पूर्व 13 दिसंबर को सीपीआई, सीपीआई(एम), भाकपा-माले, एआईएफबी और आरएसपी की संयुक्त बैठक सीपीआई राज्य कार्यालय में की गई जहां बिहार बंद का निर्णय लिए गया था। ये बंद मोदी सरकार की नागरिकता संशोधन कानून-एनआरसी देश के संविधान की मौलिक संरचना और आज़ादी के आंदोलन के सम्पूर्ण मूल्यों के ख़िलाफ़ है।

नेताओं ने कहा, इस बंद के दौरान रेप की बढ़ती घटनाओं और दलित-ग़रीबों की समस्याओं से जुड़े सवालों को भी मज़बूती से उठाया जाएगा।

बंद का अपील करते हुए संविधान, राष्ट्र की एकता-अखण्डता और सत्ता संरक्षित बलात्कार संस्कृति के ख़िलाफ़ आंदोलन तेज़ करने का आह्वान किया गया है।

वाम नेताओं ने कहा कि "मोदी-अमित शाह सरकार का नागरिकता संशोधन कानून व एनआरसी पूरी तरह संविधान की मौलिक संरचना तथा आज़ादी के आंदोलन के संपूर्ण मूल्यों के ख़िलाफ़ है। नेताओं ने कहा कि आज पूरे देश में इसका विरोध हो रहा है। पिछले कई दिनों से पूर्वोत्तर के राज्यों में आंदोलन जारी है। दुर्भाग्य यह कि आंदोलनकारियों को बर्बर पुलिसिया दमन का सामना करना पड़ रहा है। असम में अबतक कई लोगों की मौत हो चुकी है। वाम दलों ने पुलिस की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। पूर्वोत्तर के कई इलाक़ों में कर्फ्यू लगी हुई है जो बेहद चिंताजनक है। उनका कहना है कि मोदी-शाह ने पूरे देश को धधकती आग में झोक दिया है।”

वामदलों ने अपने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि "भाजपा द्वारा एनआरसी (नागरिकता का राष्ट्रीय रजिस्टर) योजना के कारण असम की जनता, ख़ासकर ग़रीब, वंचित समुदाय व अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। इसके नतीजे को आज पूरा देश देख रहा है।

नागरिकता सूची से 19 लाख 60 हज़ार लोगों को बाहर कर दिया गया जिसमें क़रीब 13 लाख हिंदू समुदाय के ग़रीब लोग हैं। नागरिकता खोए लोगों को डिटेंशन कैंपों में बंद कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। कैंपों में अभी तक 6 महीने के छोटे बच्चे से लेकर वृद्ध तक कुल 29 निर्दोष नागरिक मारे जा चुके हैं।

लेकिन इससे सबक लेने की बजाए सरकार उलटे एनआरसी को पूरे देश में थोप रही है। एनआरसी की ही अगली कड़ी में धार्मिक भेदभाव पर आधारित सीएबी लाया गया जिसका सबसे ज़्यादा शिकार देश के ग़रीब व वंचित लोग होंगे। देश के करोड़ों नागरिकों को नागरिकता-विहीन करने की इस साजिश को नाकाम करना होगा। नागरिकता से ही हमारे सारे अधिकार बनते हैं। यह स्वागतयोग्य है कि इसके ख़िलाफ़ आंदोलन की आग पूरे देश में फैल रही है।”

वाम नेताओं ने बिहार सहित पूरे देश में महिलाओं पर बढ़ती यौन हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि बंद में इसे भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। विगत दिनों पटना के बीएन काॅलेज की एक छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार का विरोध कर रहे छात्र-छात्राओं पर बर्बर लाठीचार्ज व दमन की कड़ी निंदा की गई। बंद में बलात्कार मामले से जुड़ी वर्मा कमेटी की सिफारिशों को लागू करने का मुद्दा उठाया जाएगा।

वहीं उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली योजना के नाम पर आज पूरे बिहार में लाखों दलित-ग़रीबों को बेघर करने का नोटिस मिल गया है। यह बहुत ही अन्यायपूर्ण है।

CAB
CAB Protest In all over India
bihar band
Protest against NRC
left parties
CPIM
CPI
AIFB
RSP
BJP
violence against women
rape in india
Narendra modi
Amit Shah

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल


बाकी खबरें

  • jammu and kashmir
    अजय सिंह
    मुद्दा: कश्मीर में लाशों की गिनती जारी है
    13 Jan 2022
    वर्ष 2020 और वर्ष 2021 में सेना ने, अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर 197 मुठभेड़ अभियानों को अंजाम दिया। इनमें 400 से ज्यादा कश्मीरी नौजवान मारे गये।
  • Tilka Majhi
    जीतेंद्र मीना
    आज़ादी का पहला नायक आदिविद्रोही– तिलका मांझी
    13 Jan 2022
    ब्रिटिश साम्राज्य की स्थापना के बाद प्रथम प्रतिरोध के रूप में पहाड़िया आदिवासियों का यह उलगुलान राजमहल की पहाड़ियों और संथाल परगना में 1771 से लेकर 1791 तक ब्रिटिश हुकूमत, महाजन, जमींदार, जोतदार और…
  • marital rape
    सोनिया यादव
    मैरिटल रेप को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, क्या अब ख़त्म होगा महिलाओं का संघर्ष?
    13 Jan 2022
    गैर-सरकारी संगठनों द्वारा दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि मैरिटल रेप के लिए भी सज़ा मिलनी चाहिए। विवाहिता हो या नहीं, हर महिला को असहमति से बनाए जाने वाले यौन संबंध को न कहने का हक़…
  • muslim women
    अनिल सिन्हा
    मुस्लिम महिलाओं की नीलामीः सिर्फ क़ानून से नहीं निकलेगा हल, बडे़ राजनीतिक संघर्ष की ज़रूरत हैं
    13 Jan 2022
    बुल्ली और सुल्ली डील का निशाना बनी औरतों की जितनी गहरी जानकारी इन अपराधियों के पास है, उससे यह साफ हो जाता है कि यह किसी अकेले व्यक्ति या छोटे समूह का काम नहीं है। कुछ लोगों को लगता है कि सख्त कानूनी…
  • up elections
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी चुनाव 2022: बीजेपी में भगदड़ ,3 दिन में हुए सात इस्तीफ़े
    13 Jan 2022
    सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि रोजाना राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार के एक-दो मंत्री इस्तीफा देंगे और 20 जनवरी तक यह…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License