NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार की चरमराई चिकित्सा व्यवस्था ने दर्जनों ग़रीब लोगों की आंखें छीन ली, संक्रमण से एक महिला की मौत
ऑपरेशन कराने वाले इन मरीज़ों में से 16 मरीज़ों की आंखें संक्रमित होने के चलते एसकेएमसीएच में गुरुवार तक निकाली जा चुकी हैं, वहीं 10 लोगों की आंखें संक्रमति होने के कारण आज यानी शुक्रवार को निकाले जाने की बात कही गई है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Dec 2021
bihar
फ़ोटो साभार: प्रभात खबर

बिहार की चौपट चिकित्सा व्यवस्था का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आती रहती है जब इलाज में लापरवाही के चलते लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती है या शरीर का कोई अंग खोना पड़ता है।

हाल में बिहार के मुजफ्फरपुर में एक ट्रस्ट द्वारा संचालित आई हॉस्पिटल में नियमों को ताक पर रखकर एक ही दिन में 65 लोगों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन कर दिया गया जिनमें दर्जनों लोगों का ऑपरेशन संक्रमण के चलते नाकाम हो गया और उनकी आंखों को निकालने की नौबत आ गई। हॉस्पिटल में 22 नवंबर को शिविर लगाकर उन 65 लोगों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था जो गरीब पृष्ठभूमि से थेँ। ऑपरेशन कराने वाले इन मरीजों में से 16 मरीजों की आंखें संक्रमित होने के चलते एसकेएमसीएच में गुरूवार तक निकाली जा चुकी हैं, वहीं 10 लोगों की आंखें संक्रमति होने के कारण आज यानी शुक्रवार को निकाली जानी है।

एफ़आईआर दर्ज

अस्पताल की इस लापरवाही के चलते गुरुवार को अस्पताल के सचिव और डॉक्टरों समेत 14 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी। सिविल सर्जन डॉ. विनय शर्मा और एडिशनल चीफ मेडिकल ऑफिसर ने संयुक्त रूप से आई हॉस्पिटल प्रबंधन की लापरवाही को लेकर थाने में एफआइआर दर्ज कराई है। इस एफआइआर में ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर एनडी साहू और डॉ. समीक्षा सहित चार डॉक्टर और पांच पैरा मेडिकल स्टॉफ शामिल हैं। इन पर जानबूझ कर लापरवाही, हत्या के प्रयास और अंगभंग करने जैसे जुर्म की धाराएं (307,325,326,336,337) लगाई गई है। इसके साथ ही अस्पताल प्रबंधन पर भी कई संगीन आरोप लगाए गए हैं। एसएसपी ने कहा कि एफआईआर दर्ज होते ही जांच शुरू कर दी गई है। यह अस्पताल वर्ष 1973 से एक ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जा रहा है। वर्तमान में इसके सचिव दिलीप जालान है।

दस लोगों में से चार लोगों को बुधवार को ही मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच के स्पेशल वार्ड में भर्ती किया गया था, जबकि गुरुवार को छह लोगों को भर्ती कराया गया। इन मरीजों की जांच डॉक्टरों की टीम करती रही लेकिन अंत में निर्णय लिया गया कि शुक्रवार को इनकी आंखों का ऑपरेशन किया जाएगा।

प्रभात खबर के मुताबिक मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने वाली एक महिला रूबैदा खातून की मौत गुरुवार हो गई। 58 वर्षीय रूबैदा बंदरा प्रखंड के रामपुरदयाल की रहने वाली है। रुबैदा के बेटे अकबर अली ने बताया कि आई हास्पिटल में उसकी मां का मोतियाबिंद का ऑपरेशन हुआ था। वहां से घर आने के दो दिनों के बाद 27 नवंबर को आंख में दर्द होने लगा।

नियमों को ताक पर रख ऑपरेशन

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तीन-तीन घंटे की दो शिफ्ट में 65 लोगों की आंखों का ऑपरेशन कर दिया गया था जो कि एमसीआई की गाइटलाइंस के बिल्कुल विपरीत है। इस गाइडलाइंस के मुताबिक एक डॉक्टर दो शिफ्ट में 30 से ज्यादा ऑपरेशन नहीं कर सकता है।

डॉक्टरों की चूक से संक्रमण

उधर पटना से पहुंची जांच टीम के अधिकारी ने कहा कि कई स्तरों पर जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट में अस्पताल का दोष सामने आया तो उसका लाइसेंस रद्द किया जाएगा। जांच टीम ने यह भी कहा है कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों की चूक से मरीजों में संक्रमण हुआ है़। इस टीम में शामिल वरिष्ठ अधिकारी डॉ. हर्षवर्धन ओझा ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि तीन दिनों तक आंकड़े को दबाकर क्यों रखा गया। मरीजों को दी गई दवा से भी वे सन्तुष्ट नहीं थे। मामला बढ़ता देख राज्य सरकार ने सभी पीड़ितों का इलाज सरकारी खर्च पर कराने की घोषणा की है।

एनएचआरसी ने मांगी रिपोर्ट

मरीजों की आंखें निकालने की खबर का संज्ञान राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने लिया। आयोग ने पाया है कि लापरवाही से आंखों का ऑपरेशन करना, मेडिकल प्रोटोकॉल के नियमों के उल्लंघन का एक गंभीर मामला है। आयोग ने मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और इस मामले में 4 हफ्ते में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

ऑपरेशन पर रोक

मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने मीडिया से कहा कि उक्त आई हॉस्पिटल को अगले आदेश तक किसी भी तरह का ऑपरेशन करने से रोक दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि हमने उन सभी मरीजों का ब्योरा हासिल कर लिया है जिनका इस शिविर में ऑपरेशन किया गया था। उनका पता लगाया जा रहा है और जांच के लिए ले जाया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि संक्रमण के प्रकार का पता लगाने के लिए नमूने इकट्ठा किए गए हैं और परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।

Bihar
muzaffarpur
Motiabind Operation
Cataracts operation
Nitish Kumar
Bihar Health Care Facilities

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • Lenin
    अनीश अंकुर
    लेनिन: ‘‘कल बहुत जल्दी होता... और कल बहुत देर हो चुकी होगी... समय है आज’’
    22 Apr 2022
    लेनिन के जन्म की 152वीं सालगिरह पर पुनर्प्रकाशित: कहा जाता है कि सत्रहवी शताब्दी की अंग्रेज़ क्रांति क्रामवेल के बगैर, अठारहवीं सदी की फ्रांसीसी क्रांति रॉब्सपीयर के बगैर भी संपन्न होती लेकिन बीसवीं…
  • न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,451 नए मामले, 54 मरीज़ों की मौत 
    22 Apr 2022
    दिल्ली सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए, 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को बूस्टर डोज मुफ्त देने का ऐलान किया है। 
  • पीपल्स डिस्पैच
    नाटो देशों ने यूक्रेन को और हथियारों की आपूर्ति के लिए कसी कमर
    22 Apr 2022
    जर्मनी, कनाडा, यूके, नीदरलैंड और रोमानिया उन देशों में शामिल हैं, जिन्होंने यूक्रेन को और ज़्यादा हथियारों की आपूर्ति का वादा किया है। अमेरिका पहले ही एक हफ़्ते में एक अरब डॉलर क़ीमत के हथियारों की…
  • एम. के. भद्रकुमार
    सामूहिक विनाश के प्रवासी पक्षी
    22 Apr 2022
    रूसियों ने चौंकाने वाला दावा किया है कि, पेंटागन की जैव-प्रयोगशालाओं में तैयार किए गए डिजिटलीकृत प्रवासी पक्षी वास्तव में उनके क़ब्ज़े में आ गए हैं।
  • रश्मि सहगल
    उत्तराखंड समान नागरिक संहिता चाहता है, इसका क्या मतलब है?
    21 Apr 2022
    भाजपा के नेता समय-समय पर, मतदाताओं का अपने पक्ष में ध्रुवीकरण करने के लिए, यूसीसी का मुद्दा उछालते रहते हैं। फिर, यह केवल एक संहिता का मामला नहीं है, जो मुसलमानों को फिक्रमंद करता है। यह हिंदुओं पर…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License