NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
बिहार: वायरल फीवर की चपेट में बच्चे, कोविड और चमकी बुखार की तरह लाचार हेल्थ सिस्टम
पीएमसीएच के शिशु रोग विभाग में 67 बच्चें भर्ती हैं। साथ ही एनएमसीएच बच्चा वार्ड में 84 बेड हैं। सभी बेड पर मरीज हैं। पीएमसीएच और एनएमसीएच के अलावा आइजीआइएमएस और पटना एम्स और दानापुर, बिहटा, मसौढ़ी, पालीगंज व बिहटा अनुमंडलीय अस्पताल में भी वायरल फीवर से पीड़ित बच्चों का इलाज चल रहा है।
राहुल कुमार गौरव
11 Oct 2021
Viral Fever
पीएमसीएच का शिशु रोग विभाग

8 साल की मासूम ब्यूटी अपने घर सिवान से 135 किलोमीटर दूर, पटना के पीएमसीएच अस्पताल में 20 दिनों से वायरल बुखार और निमोनिया से लड़ रही है। ब्यूटी की तबीयत में अभी उतना सुधार नहीं हुआ है कि उसे अस्पताल से रिलीज किया जा सके। लेकिन अस्पताल की सुविधा और घर की तंगी हालात की वजह से ब्यूटी वापस अपने घर की ओर जा रही है।

ब्यूटी के पिता सुरेंद्र मंडल न्यूज़क्लिक को बताते हैं कि, "ब्यूटी का प्लेटलेट अचानक गिर गया था। तभी दूसरे दिन हम लोग भागते हुए पटना आए। घर की हालात इतनी अच्छी नहीं है कि प्राइवेट हॉस्पिटल जा पाते इसलिए पीएमसीएच आ गए। लेकिन शुरुआत में अस्पताल में एडमिट नहीं किया गया। हम लोग बाहर ही चादर बिछा कर तीन दिन तक ब्यूटी का इलाज करवाए।"

आगे सुरेंद्र मंडल बताते हैं- "इलाज के दौरान अधिकतर दवाई अस्पताल के बाहर से ही मंगवानी पड़ीं । ऐसे में सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल में क्या ही फर्क रहेगा। ब्यूटी पूरी तरह ठीक तो नहीं है लेकिन घर जाकर हो जाएगी। ऐसा लगता है हॉस्पिटल की बदतर स्थिति ब्यूटी को और भी बीमार कर रही है" 

ब्यूटी कुमारी (7वर्ष) सीवान जिला 

पीएमसीएच के शिशु रोग विभाग में 67 बच्चें भर्ती हैं। साथ ही एनएमसीएच बच्चा वार्ड में 84 बेड हैं। सभी बेड पर मरीज हैं। पीएमसीएच और एनएमसीएच के अलावा आइजीआइएमएस और पटना एम्स और दानापुर, बिहटा, मसौढ़ी, पालीगंज व बिहटा अनुमंडलीय अस्पताल में भी वायरल फीवर से पीड़ित बच्चों का इलाज चल रहा है।

शुरू में लगा चमकी बुखार है

पटना के अलावा मुजफ्फरपुर, सारण, गोपालगंज, सीवान और पश्चिमी चंपारण के शहर से लेकर गांव तक वायरल फीवर की हवा पहुंच चुकी है। हालांकि बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या में कमी आ रही है।

शिवानी कुमारी (10 साल) नालंदा जिला

सारण जिले के अमनौर प्रखंड के सिरसा खेमकरण गांव से आई सुनिता देवी अपनी 7 साल की बेटी का इलाज पीएमसीएच में करवा रही है।

ये भी पढ़ें: EXCLUSIVE :  यूपी में जानलेवा बुखार का वैरिएंट ही नहीं समझ पा रहे डॉक्टर, तीन दिन में हो रहे मल्टी आर्गन फेल्योर!

वो न्यूजक्लिक को बताती हैं कि, "हमारे गांव की महादलित बस्ती में बीते दस से पंद्रह दिनों में करीब दो दर्जन बच्चे तेज बुखार की चपेट में आए हैं। शुरू में हमें लगा, फिर चमकी बुखार का प्रकोप शुरू हो गया हैं। लेकिन किसी में चमकी बुखार की पुष्टि नहीं हुई। बच्चों को वायरल फीवर ही है। जिसमें कई का इलाज़ सारण के ही अस्पताल में चल रहा है। और जिस की स्थिति थोड़ी भी खराब हुई वह पटना में इलाज करवा रहा है।"

दावों के विपरीत जमीनी हालत

बिहार में डेंगू और वायरल फीवर से मासूम बच्चों की मौत होने का सिलसिला थम रहा है। पिछले महीने में डेंगू और वायरल फीवर की वजह से कई जानें चली गई है। जिसमें अधिकांश छोटे-छोटे बच्चे हैं।  

इससे पहले कोरोना महामारी की दो लहरों का दंश झेल चुके बिहार के मुखिया नीतीश कुमार ने इस साल के मई महीने में ही ऐलान कर दिया था कि उनकी सरकार कोविड की तीसरी लहर से निपटने के लिए तैयार है।

लेकिन असलियत में बिहार का हेल्थ सिस्टम इतना लचर है कि इलाज के अभाव में माता पिता अपने बच्चों को गोद में लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। 

गंदगी, बीमारी और मौत

वायरल फीवर! इस बीमारी के सामान्य लक्षणों में कंपकंपी और बहुत तेज बुखार शामिल हैं। लेकिन मुजफ्फरपुर जिले के सुधीर यादव बताते हैं कि, "पिछले 20 दिनों में हमारे गांव में बुखार के मरीज तेजी से बढ़े। फिर सरकार और स्वास्थ्य दल के द्वारा गांव में फॉगिंग (मच्छर नियंत्रण के लिए) की गई। पूछने पर सरकारी कर्मचारियों ने बताया था कि 'मलेरिया हो या डेंगू, ये बुखार गंदगी और मच्छर से फैलते हैं" 

डाक्टरों का क्या कहना है

पीएमसीएच की शिशु रोग विभाग की एक डॉक्टर अपना नाम न बताने की शर्त पर बताती है कि, "पटना में डेंगू और स्वाइन फ्लू के बाद अब चिकनगुनिया व जेइ के मरीजों का जिले में मिलने का सिलसिला जारी है। इसलिए जिले के सभी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट जारी करते हुए डेंगू जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। 

आगे वो बताती  हैं- "पहले से स्थिति बेहतर है। अगर बेड बढ़ाने की जरूरत होगी तो हमारे पास उपलब्ध है। अधिकांश बच्चों को दवा देकर घर पर इलाज कराने के लिए भेजा जा रहा है।" 

पीएमसीएच का शिशु रोग विभाग

अगर अभी कोरोना की तीसरी लहर आ जाए तो क्या बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था स्थिति को संभाल सकती है? इस सवाल के जबाव पर डॉक्टर साहिबा खामोश हो गईं। और बिना कुछ उत्तर दिए चली गईं।

माता-पिता के बीच जागरुकता की कमी

पीएमसीएच की एक स्टाफ न्यूज़ क्लिक को बताती हैं कि "बीमारियों के प्रकोप और इलाकों में स्वच्छता की कमी के अलावा, बच्चों की खराब प्रतिरोधक क्षमता संक्रमण की गंभीरता को और बढ़ा रहे हैं। इन बच्चों का लंबे समय तक बाहरी वातावरण से संपर्क नहीं हुआ है। इस सब के बाद अब अचानक सब कुछ खुल गया है।"

ये भी पढ़ें: फ़िरोज़ाबाद में डेंगू, वायरल बुखार का क़हर; स्वास्थ्य सुविधा चरमाराई, बच्चे सबसे अधिक प्रभावित

वे आगे बताती हैं- "अब भी घरों से रुका हुआ पानी निकालने में घोर लापरवाही बरती जा रही है। संक्रमित बच्चों के माता-पिता के बीच जागरुकता की कमी के कारण बड़ी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं।"

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

Bihar
Viral Fever
Bihar Healthcare
Bihar Health Care Facilities
Children’s Death
Mystery fever
dengue
malaria
Chikungunya
Chamki Fever
Nitish Kumar
Nitish Kumar Government

Related Stories

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी

बिहारः पिछले साल क़हर मचा चुके रोटावायरस के वैक्सीनेशन की रफ़्तार काफ़ी धीमी

बिहारः मुज़फ़्फ़रपुर में अब डायरिया से 300 से अधिक बच्चे बीमार, शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती

बिहार की राजधानी पटना देश में सबसे ज़्यादा प्रदूषित शहर

लोगों को समय से पहले बूढ़ा बना रहा है फ्लोराइड युक्त पानी

बिहार में फिर लौटा चमकी बुखार, मुज़फ़्फ़रपुर में अब तक दो बच्चों की मौत

शर्मनाक : दिव्यांग मरीज़ को एंबुलेंस न मिलने पर ठेले पर पहुंचाया गया अस्पताल, फिर उसी ठेले पर शव घर लाए परिजन

नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग

बिहार में नवजात शिशुओं के लिए ख़तरनाक हुआ मां का दूध, शोध में पाया गया आर्सेनिक

बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाः मुंगेर सदर अस्पताल से 50 लाख की दवाईयां सड़ी-गली हालत में मिली


बाकी खबरें

  • ghazipur
    भाषा
    गाजीपुर अग्निकांडः राय ने ईडीएमसी पर 50 लाख का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया
    30 Mar 2022
    दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने दो दिन पहले गाजीपुर लैंडफिल साइट (कूड़ा एकत्र करने वाले स्थान) पर भीषण आगजनी के लिये बुधवार को डीपीसीसी को ईडीएमसी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाने और घटना के…
  • paper leak
    भाषा
    उत्तर प्रदेश: इंटर अंग्रेजी का प्रश्न पत्र लीक, परीक्षा निरस्त, जिला विद्यालय निरीक्षक निलंबित
    30 Mar 2022
    सूत्रों के अनुसार सोशल मीडिया पर परीक्षा का प्रश्न पत्र और हल किया गया पत्र वायरल हो गया था और बाजार में 500 रुपए में हल किया गया पत्र बिकने की सूचना मिली थी।
  • potato
    मोहम्मद इमरान खान
    बिहार: कोल्ड स्टोरेज के अभाव में कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर आलू किसान
    30 Mar 2022
    पटनाः बिहार के कटिहार जिले के किसान राजेंद्र मंडल, नौशाद अली, मनोज सिंह, अब्दुल रहमान और संजय यादव इस बार आलू की बम्पर पैदावार होने के बावजूद परेशान हैं और चिंतित हैं। जि
  • east west
    शारिब अहमद खान
    रूस और यूक्रेन युद्ध: पश्चिमी और गैर पश्चिमी देशों के बीच “सभ्य-असभ्य” की बहस
    30 Mar 2022
    “किसी भी अत्याचार की शुरुआत अमानवीयकरण जैसे शब्दों के इस्तेमाल से शुरू होती है। पश्चिमी देशों द्वारा जिन मध्य-पूर्वी देशों के तानाशाहों को सुधारवादी कहा गया, उन्होंने लाखों लोगों की ज़िंदगियाँ बरबाद…
  • Parliament
    सत्यम श्रीवास्तव
    17वीं लोकसभा की दो सालों की उपलब्धियां: एक भ्रामक दस्तावेज़
    30 Mar 2022
    हमें यह भी महसूस होता है कि संसदीय लोकतंत्र के चुनिंदा आंकड़ों के बेहतर होने के बावजूद समग्रता में लोकतंत्र कमजोर हो सकता है। यह हमें संसदीय या निर्वाचन पर आधारित लोकतंत्र और सांवैधानिक लोकतंत्र के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License