NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार मांग रहा है 19 लाख रोज़गार: युवाओं ने निकाली शिक्षा–रोज़गार यात्रा 
मोदी जी द्वारा 2 करोड़ युवाओं को रोज़गार देने की घोषणा वाला हश्र कहीं बिहार में भी न दोहरा दिया जाए, इसी आशंका से राज्यभर के कई छात्र–युवा संगठन सरकार पर दबाव बनाने की तैयारियों में जुट गए हैं।  
अनिल अंशुमन
13 Feb 2021
रोज़गार यात्रा 

कोविड महामारी संक्रमण और लॉकडाउन आफत की मार झेलते बिहारवासियों को जबरन विधान सभा चुनाव झेलना पड़ा था। बावजूद इसके उस चुनाव में रोजगार का सवाल सबसे अहम मुद्दा बन गया था। महागठबंधन नेता तेजस्वी यादव ने घोषणा की थी कि उनकी सरकार बनी तो कैबिनेट की पहली मीटिंग से ही राज्य के 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का फैसला लिया जाएगा। जवाब में एनडीए की तरफ से भाजपा ने भी एक कदम आगे बढ़कर ऐलान कर दिया कि उनकी सरकार बनी तो 19 लाख युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। 

अब जबकि राज्य में एनडीए शासन चल रहा है लेकिन अभी तक 19 लाख रोजगार देने की घोषणा को अमली जामा पहनाने की दिशा में सरकार की ओर से कोई सुगबुगाहट नहीं दिखाई पड़ रही है। राज्य भर के युवा टकटकी लगाए हुए हैं कि कब सरकार और उसके नेतागण चुनाव में किए गए अपने वायदे को पूरा करते हैं। 

मोदी जी द्वारा 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने की घोषणा वाला हश्र कहीं बिहार में भी न दोहरा दिया जाए, इसी आशंका से राज्यभर के कई छात्र–युवा संगठन सरकार पर जमीनी जन दबाव देने की तैयारियों में जुट गए हैं। प्रतिनिधि वामपंथी छात्र–युवा संगठन इंक़लाबी नौजवान सभा और आइसा ने 7 से 15 फरवरी तक पूरे राज्य में ‘शिक्षा–रोजगार यात्रा’ अभियान आयोजित किया है। ‘ 19 लाख रोजगार मांग रहा है युवा बिहार’ तथा ‘नए बिहार के तीन आधार, शिक्षा–स्वास्थ्य और रोजगार’ के आह्वान के साथ उक्त यात्रा के जरिए प्रदेश के व्यापक छात्र–युवाओं को गोलबंद किया जा रहा है। उत्तर बिहार के सुदूरवर्ती और पिछड़े इलाके सुपौल–दरभंगा से लेकर मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर व बेगूसराय समेत उस क्षेत्र के कई जिलों में यह यात्रा पहुँच चुकी है। वहीं मध्य बिहार के औरंगाबाद, पटना, भोजपुर–रोहतास–बक्सर समेत इस जोन में यात्रा का दूसरा जत्था भ्रमण कर रहा है। प्रायः सभी स्थानों पर इस यात्रा के तहत आयोजित छात्र–युवा व नागरिक समाज की गोष्ठियों व नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था व नौजवानों के ज्वलंत सवालों को एकत्र किया जा रहा है। साथ ही यात्रा का नेतृत्व कर रहे जेएनयू से आए छात्र नेताओं द्वारा नुक्कड़ सभाओं से बताया जा रहा है कि किस तरह से मौजूदा एनडीए-मोदी सरकार देश के सबसे अधिक रोज़गार के अवसर उपलब्ध करने वाले रेलवे–कोयला-बैंक–बीमा क्षेत्र जैसे सभी सरकारी उपक्रमों को निजी कंपनियों के हवाले कर रोज़गार के बचे खुचे अवसरों को पूरी निर्दयता के साथ छीन रही है। इस कुचक्र पर छात्र युवाओं का ध्यान न जाए इसलिए गोदी मीडिया और अपने आईटी सेल द्वारा बड़े ही सुनियोजित ढंग से झूठे राष्ट्रवाद की अंध भावनाओं और हिन्दू–मुसलमान खेल के उग्र सांप्रदायिक उन्माद में धकेलकर दिग्भ्रमित करने की हर चंद कवायद कर रही है।

बिहार में भाजपा–जदयू की नितीश कुमार सरकार भी इसी नक़्शे क़दम पर चलकर बिहार के छात्र युवाओं के साथ छल कर रही है। एक महीने में 19 लाख रोज़गार देने की घोषणा से मुकरते हुए रोज़गार के सवाल पर कोई भी लोकतान्त्रिक आवाज़ उठाने पर पाबन्दियाँ लगा रही है। सनद हो कि इसी महीने प्रदेश की सरकार ने पुलिस विभाग से ये काला फारमान जारी करवाया है कि यदि कोई भी छात्र–युवा सरकारी विरोधी आंदोलनों में शामिल पाया जाएगा तो उसे कोई भी सरकारी नौकरी नहीं मिलेगी ।

यात्रा का नेतृत्व कर रहे इंक़लाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय महासचिव अपने संबोधनों में लगातार बता रहें हैं कि बिहार की सरकार यहाँ के छात्र–युवाओं के प्रति ज़रा भी गंभीर नहीं है। तब जबकि बिहार में बेरोजगारी की दर देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक है। लेकिन तब भी सरकार यहां के नौजवानों को सम्मानजनक व स्थायी नौकरी देने की बजाय संविदा–मानदेय और ठेका सिस्टम का गुलाम बना रही है।

घोषणा की गयी है कि ‘शिक्षा–रोज़गार यात्रा’ अभियान का समापन 1 मार्च को बिहार के छात्र युवाओं द्वारा विधान सभा का घेराव के रूप में होगा। इस अभियान की एक विशेषता यह बताई जा रही है कि यह देश में जारी किसान आंदोलन से प्रेरित है। दूसरी, ऐसा पहली बार है जब माले के सभी युवा विधायक गण यात्रा का नेतृत्व करते हुए पूरे बिहार के छात्र–युवाओं से सीधा संपर्क कर उनके ज्वलंत सवालों को एकत्र कर रहें हैं। जिसमें इंक़लाबी नौजवान सभा के राष्ट्रीय महासचिव व माले के अगिआँव ( भोजपुर ) विधायक मनोज मंज़िल तथा आइसा के राष्ट्रीय महासचिव व पालीगंज ( पटना ) विधायक डा. संदीप सौरभ के अलावा युवा विधायक डा. अजित कुशवाहा ( डुमरांव ), किसान नेता तरारी विधायक सुदामा प्रासाद व करकाट विधायक अरुण सिंह, अरवल विधायक महानन्द प्रसाद , दारौली विधायक सत्यदेव राम, सिकटा विधायक वीरेंद्र गुप्ता, खेग्रामस नेता विधायक गोपाल रविदास तथा माले विधायक दल नेता महबूब आलम इत्यादि शामिल हैं। 

सोशल मीडिया में यात्रा की हर दिन वायरल किए जा रहे वीडियो फूटेजों के अनुसार मनोज मंज़िल विभिन्न स्कूलों–कॉलेजों के निरीक्षण उपरांत स्थानीय छात्र–युवा-नागरिक समाज की बैठकें कर रहें हैं। अपने संबोधनों में बिहार सरकार की शिक्षा–रोज़गार विरोधी रवैये की तीखी आलोचना करते हुए बता रहें कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था के चरमराने का मूल कारण है यहाँ के स्कूल–कॉलेजों में समुचित संख्या में शिक्षक–कर्मचारियों की उपलब्धता नहीं होना। तब भी सरकार यहाँ की आवश्यक रिक्तियों पर बहाली नहीं कर रही है। अभी तक चले विधान सभा सत्रों में एक बार भी रोजगार के सवाल पर कोई चर्चा नहीं होने के कारण ही हम लोगों ने यात्रा निकाल कर विधान सभा घेराव का फैसला लिए हैं। 

खबरों के अनुसार प्रमुख विपक्षी दल के युवा राजद ने भी 23 मार्च को बिहार के युवाओं के रोज़गार व अन्य सवालों को लेकर विधान सभा के घेराव की घोषणा की है । इसके पूर्व 8 मार्च को प्रदेश के सभी प्रखंडों तथा 15 मार्च को सभी ज़िला मुख्यालयों पर छात्र युवाओं का महाधरना दिया जाएगा।          

चर्चा उठने लगी है कि कोरोना–लॉकडाउन काल ने प्रवासी बिहारी मजदूरों के भारी पलायन और यहाँ के रोजगार–शिक्षा-स्वास्थ्य की दुरवस्था जैसी स्थितियों को खोलकर सामने ला दिया था। बिहार विधान सभा चुनाव में जब रोज़गार का सवाल एक प्रमुख मुद्दा बन गया था तो 19 लाख रोज़गार देने की घोषणा कर के सत्तासीन हुए भाजपा–जदयू की नितीश कुमार सरकार इन अहम मसलों पर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं?  

Bihar
Rojgar yatra
Nitish Kumar
Nitish Kumar Government
Narendra modi
BJP
unemployment
Unemployment in Bihar
jdu-bjp

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है


बाकी खबरें

  • working women
    सोनिया यादव
    ग़रीब कामगार महिलाएं जलवायु परिवर्तन के चलते और हो रही हैं ग़रीब
    03 Feb 2022
    सीमित संसाधनों में रहने वाली गरीब महिलाओं का जीवन जलवायु परिवर्तन से हर तरीके से प्रभावित हुआ है। उनके स्वास्थ्य पर बुरा होने के साथ ही उनकी सामाजिक सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है, इससे भविष्य में…
  • RTI
    अनुषा आर॰
    गुजरात में भय-त्रास और अवैधता से त्रस्त सूचना का अधिकार
    03 Feb 2022
    हाल ही में प्रदेश में एक आरटीआई आवेदक पर अवैध रूप से जुर्माना लगाया गया था। यह मामला आरटीआई अधिनियम से जुड़ी प्रक्रियात्मक बाधाओं को परिलक्षित करता है। यह भी दिखाता है कि इस कानून को नागरिकों के…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: ये दुःख ख़त्म काहे नहीं होता बे?
    03 Feb 2022
    तीन-तीन साल बीत जाने पर भी पेपर देने की तारीख़ नहीं आती। तारीख़ आ जाए तो रिज़ल्ट नहीं आता, रिज़ल्ट आ जाए तो नियुक्ति नहीं होती। कभी पेपर लीक हो जाता है तो कभी कोर्ट में चला जाता है। ऐसे लगता है जैसे…
  • Akhilesh Yadav
    भाषा
    लोकतंत्र को बचाने के लिए समाजवादियों के साथ आएं अंबेडकरवादी : अखिलेश
    03 Feb 2022
    सपा प्रमुख अखिलेश ने कहा कि, "मैं फिर अपील करता हूं कि हम सब बहुरंगी लोग हैं। लाल रंग हमारे साथ है। हरा, सफेद, नीला… हम चाहते हैं कि अंबेडकरवादी भी साथ आएं और इस लड़ाई को मजबूत करें।"
  • Rahul Gandhi
    भाषा
    मोदी सरकार ने अपनी नीतियों से देश को बड़े ख़तरे में डाला: राहुल गांधी
    03 Feb 2022
    कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि एक किंग हैं, शहंशाह हैं, शासकों के शासक हैं। राहुल गांधी ने दो उद्योगपतियों का उल्लेख करते हुए सदन में कहा कि कोरोना के समय कई…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License