NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
बिहारः बंधक बनाकर नाबालिग लड़की से गोरखपुर में 1 महीने तक किया गैंगरेप
शौच के लिए घर से निकली नाबालिग लड़की को तीन युवक अपहरण कर गोरखपुर ले गए और एक महीने तक बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
16 Nov 2021
stop

नीतीश सरकार एक तरफ जहां महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार बात करती रही है, वहीं दूसरी तरफ गैंगरेप की घटनाएँ थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कुछ दिनों पहले छठ पूजा के दौरान बिहार के नालंदा में नाबालिग से गैंगरेप की घटना सामने आई थी। अब पश्चिम चंपारण में इस तरह की घटना सामने आई है जहां तीन युवक एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसे गोरखपुर ले गए और एक महीने तक बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। एक अधिकारी ने सोमवार को मीडिया से ये जानकारी साझा की।

पीड़िता के पिता द्वारा जिले के गौहाना थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार पीड़िता 7 अक्टूबर को शौच के लिए घर से निकली थी। तभी आरोपी अनिल और उसके दो दोस्त जो तिपहिया वाहन पर थे, उन्होंने लड़की को एक खेत से अगवा कर लिया जब वह घर वापस जा रही थी। इसके बाद वे उसे नरकटियागंज रेलवे स्टेशन ले गए।

जब लड़की इन बदमाशों से बच कर निकल आई तो पीड़िता के पिता ने रविवार को कहा, "नरकटियागंज जाते समय, उन्होंने उसे बेहोश करने के लिए एक दवा का इंजेक्शन लगाया। उसके बाद, वे उसे गोरखपुर ले गए और एक कमरे में कैद कर दिया। जब उसे होश आया तो उसने खुद को एक कमरे में बंद पाया। 

पीड़िता के पिता ने कहा कि "जब मेरी बेटी 7 अक्टूबर से घर नहीं लौटी तो हमने स्थानीय पुलिस से तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने को कहा लेकिन उन्होंने इसे 20 अक्टूबर को दर्ज किया।"

पीड़िता के बयान के मुताबिक तीनों आरोपियों ने उसे एक कमरे में बंद कर रखा था और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वे हर दिन घंटों पर उसके साथ मारपीट भी करते थे। रविवार को पीड़िता तीनों बदमाशों के चंगुल से किसी तरह भागने में सफल रही। नरकटियागंज पहुंचने के लिए उसने ट्रेन का किराया देने वाले शख्स की मदद ली।

हालांकि, जब वह नरकटियागंज रेलवे स्टेशन पहुंची तो वहां पहले से ही मौजूद तीनों ने उसे इंजेक्शन लगाया और बेहोशी की हालत में उसे घर के पीछे एक गली में छोड़ दिया।

पश्चिमी चंपारण जिले के नरकटियागंज रेंज के एसडीपीओ कुंदन कुमार ने मीडिया को बताया, "हमने पीड़िता का मेडिकल कराया है, जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।"

ज्ञात हो कि छठ पूजा के दौरान 9 नवंबर को नालंदा में एक नाबालिग लड़की के साथ तीन दरिंदों ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। इससे पहले अक्टूबर की 16 तारीख को औरंगाबाद में बीए फाइनल की 20 वर्षीय छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया था। छात्रा शाम के समय पास ही रहने वाली एक सहेली के घर जा रही थी तभी एक बदमाश ने उसे अगवा कर लिया था। वह उसे सुनसान जगह पर ले गया जहां उसने और उसके अन्य दो साथियों ने दुष्कर्म किया था। इसके बाद छात्रा को झाड़ी में फेंककर बदमाश फरार हो गए थे।

उधर बेगूसराय में 11 अक्टूबर को गैंगरेप की घटना सामने आई थी। नवरात्र के दौरान कुछ दरिंदों ने 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी का ना सिर्फ अपहरण किया था बल्कि दो युवकों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था। वारदात के बाद बदमाश उसे सुबह में सुनसान जगह पर छोड़ कर भाग गए थे।

4 अक्टूबर को पटना में ही एक महिला को बंधक बनाकर गैंगरेप करने का मामला सामने आया था। पटना के फतुहा इलाके में चार दरिंदों ने 30 वर्षीय महिला को बंधक बनाकर उसके साथ गैंगरेप किया था। आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम देने के बाद 3 अक्टूबर की शाम को उसे एनएच-30 के पास पानी के गड्ढे में फेंक दिया और भाग गए।

पीड़िता ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा था कि आरोपियों ने उसे रविवार तक बंधक बनाकर रखा और एक-एक कर उसके साथ रेप करते रहे। पुलिस के मुताबिक महिला नियमित रूप से अपनी नौकरी के लिए बिहार शरीफ से पटना साहिब आती थी। 3 अक्टूबर को वह राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन में आई और पटना साहिब रेलवे स्टेशन पर उतर गई थी।

पीड़िता के अनुसार पटना साहिब स्टेशन एक ऑटो से वो फतुहा पहुंची थी। वहां से आगे जाने के लिए दूसरी गाड़ी न मिलने के चलते वह पैदल जाने लगी थी। इसी बीच कुछ गुंडों ने उसे सड़क पर अकेले चलते हुए देखा और उसे जबरदस्ती एक ऑटो में बिठाकर एक अज्ञात स्थान पर ले गए, जहां उन्होंने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था।

वहीं बिहार की राजधानी पटना 26 सितंबर को गैंगरेप की घटना सामने आई थी। बिहार की राजधानी पटना में इस रात एक गर्भवती महिला के साथ गैंगरेप की शर्मनाक वारदात को अंजाम दिया गया था। ये वारदात बेऊर थाना इलाके में उस समय अंजाम दी गई थी जब महिला घर से खाना खाकर टहलने के लिए निकली थी। इसी दौरान तीन लोगों ने उसे अगवा कर लिया था और एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।

19 सितंबर को बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान थाना इलाके में स्थित नामी-गिरामी होटल के कमरा नंबर-512 में कोलकाता की एक महिला एंकर के साथ करीब दो घंटे तक दरिंदगी हुई थी। पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा था कि वह अपनी अस्मत बचाने के लिए चीखती-चिल्लाती रही लेकिन होटल में हो रही तीन बड़ी शादियों में बज रहे डीजे के शोर में उसकी आवाज दब गई थी। दरिंदगी के बाद आरोपियों ने बार बार मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी।

एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार पूरे देश में वर्ष 2020 में रेप के प्रतिदिन औसतन करीब 77 मामले दर्ज किए गए थे। पिछले साल दुष्कर्म के कुल 28,046 मामले दर्ज किए गए। देश में इसके सबसे अधिक मामले राजस्थान में दर्ज किए गए जबकि यूपी दूसरे नंबर पर रहा।

Bihar
rape case
Nitish Kumar
bihar police
crimes against women
Women Rights
Women safety and security

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

तेलंगाना एनकाउंटर की गुत्थी तो सुलझ गई लेकिन अब दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

पिता के यौन शोषण का शिकार हुई बिटिया, शुरुआत में पुलिस ने नहीं की कोई मदद, ख़ुद बनाना पड़ा वीडियो

बिहार: आख़िर कब बंद होगा औरतों की अस्मिता की क़ीमत लगाने का सिलसिला?

बिहार: 8 साल की मासूम के साथ बलात्कार और हत्या, फिर उठे ‘सुशासन’ पर सवाल

यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या

मध्य प्रदेश : मर्दों के झुंड ने खुलेआम आदिवासी लड़कियों के साथ की बदतमीज़ी, क़ानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया


बाकी खबरें

  • loksabha
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संसद में चर्चा होना देशहित में- मोदी, लेकिन कृषि क़ानून निरस्त करने का बिल बिना चर्चा के ही पास!
    29 Nov 2021
    सरकार की कथनी-करनी का फ़र्क़ एक बार फिर तुरंत देश के सामने आ गया। आज सुबह संसद सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया से कहा कि संसद में चर्चा होना देशहित में है और सरकार हर सवाल का जवाब…
  • TN
    श्रुति एमडी
    तमिलनाडु इस सप्ताह: राज्य सरकार ने सस्ते दामों पर बेचे टमाटर, श्रमिकों ने किसानों के प्रति दिखाई एकजुटता 
    29 Nov 2021
    इस सप्ताह, तमिलनाडु ने 52,549 करोड़ रूपये की 82 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए सभी क्षेत्रों के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इसके साथ ही सरकार ने थूथुकड़ी, नागापट्टिनम और…
  • alok dhanwa
    अनिल अंशुमन
    ‘जनता का आदमी’ के नाम ‘जनकवि नागार्जुन स्मृति सम्मान’: नए तेवर के कवि आलोक धन्वा हुए सम्मानित
    29 Nov 2021
    यह सम्मान 2020 में ही दिल्ली में नागार्जुन जी के स्मृति दिवस पर दिया जाना था। लेकिन कोरोना महामारी के कारण यह संभव नहीं हो सका। इसलिए महामारी प्रकोप के कम होते ही यह सम्मान आलोक धन्वा के प्रिय शहर…
  • Assam
    संदीपन तालुकदार
    असम: नागांव ज़िले में स्वास्थ्य ढांचा उपलब्ध होने के बावजूद कोविड मरीज़ों को स्थानांतरित किया गया
    29 Nov 2021
    महामारी ने स्वास्थ्य सुविधा संकट की परतें खोलकर रख दी हैं और बताया कि कैसे एम्स की सुविधा होने पर नागांव बेहतर तरीक़े से महामारी का सामना कर सकता था।
  • Bahgul River
    तारिक़ अनवर
    यूपी के इस गाँव के लोग हर साल बांध बना कर तोड़ते हैं, जानिए क्यों?
    29 Nov 2021
    हालांकि सरकार ने पिछले साल एक स्थायी जलाशय बनाने के लिए 57.46 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की थी, लेकिन इस परियोजना को अभी तक अमल में नहीं लाया गया है और इस साल भी मिट्टी से बांध बनाने की प्रक्रिया…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License