NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार के मंत्री शराब कारोबार में लिप्त, नीतीश असहाय: तेजस्वी
"जिस राज्य में शराबबंदी लागू है वहां के मंत्री के परिसर से शराब की बोतलों की बरामदगी के मुद्दे पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।"
भाषा
11 Mar 2021
तेजस्वी

पटना:   राजद नेता तेजस्वी यादव ने बृहस्पतिवार को बिहार में नीतीश सरकार पर सीधा हमला किया और आरोप लगाया कि राज्य सरकार में भाजपा के एक मंत्री अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त हैं जबकि 'कमजोर एवं लाचार' नजर आ रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस मामले में कार्रवाई करने में असमर्थ हैं।

इससे पहले बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने राजस्व और भूमि सुधार मंत्री राम सूरत कुमार के मुजफ्फरपुर परिसर में शराब की कई बोतलें और कार्टन बरामद होने का आरोप लगाते हुए कहा था कि दोनों सदन के सदस्यों और राज्य के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि वास्तविकता क्या है।

उन्होंने कहा था कि जिस राज्य में शराबबंदी लागू है वहां के मंत्री के परिसर से शराब की बोतलों की बरामदगी के मुद्दे पर भी सरकार को जवाब देना चाहिए।

पटना में प्रेसवार्ता के दौरान कुछ कागजात दिखाते हुए तेजस्वी ने कहा, ' यह अर्जुन मेमोरियल स्कूल से संबंधित दस्ताावेज एवं प्राथमिकी की कुछ प्रतियां हैं जिसके संस्थापक मंत्री हैं जबकि उनके भाई इस स्कूल के व्यवस्थापक हैं। कोई भी चाहे तो जा कर इनकी प्रमाणिकता की जांच कर सकता है।'

पिछले साल नवंबर में मुजफ्फरपुर में इस स्कूल से शराब बरामद की गई थी। राम सूरत राय जिले की औराई सीट से विधायक हैं।

राजद नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करने की चुनौती दी और आरोप लगाया कि ऐसा जान पड़ता है कि जब भी 'हम उनकी सरकार की किसी गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हैं तो वह बेखबर नजर आते हैं।'

जदयू नेता मेवा लाल चौधरी के मामले का हवाला देते हुए तेजस्वी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, ' मुख्यमंत्री किस तरह अपने मंत्रिमंडल में दागी लोगों को जगह देकर चिंता मुक्त हो जाते हैं। जबकि, अखबार इस मामले को लगातार उठा रहे हैं। हमारे द्वारा इस मामले को जोर-शोर से उठाने तक उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया।'

मेवा लाल चौधरी को गत नवंबर में शिक्षा मंत्री का पदभार ग्रहण करते ही उस समय इसे छोड़ना पड़ गया था, जब उनका नाम एक कृषि विश्वविद्यालय से संबंधित घोटाले में सामने आया।

सदन में आरोपों के बाद राजस्व और भूमि सुधार मंत्री राम सूरत कुमार ने बुधवार को आरोपों को झूठा करार देते हुए कहा था कि वह न तो कोई स्कूल चलाते हैं और न ही उनके स्वामित्व वाली जमीन के टुकड़े या जमीन से कोई शराब जब्ती की गई है।

उन्होंने ने कहा था ,‘‘मैं न केवल राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफा दूंगा बल्कि दोषी पाए जाने पर राजनीतिक जीवन भी छोड़ दूंगा।’’

तेजस्वी ने कहा, ‘‘ जिस समय हम सदन मे यह मुद्दा उठा रहे थे, उस समय वह कहां थे? अब हम आरोप लगा रहे हैं कि वह स्कूल संचालन में पूरी तरह शामिल हैं, जहां से शराब जब्त की गई थी।’’

Bihar
Illegal liquor
Nitish Kumar
Tejashwi Yadav

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • Farm Laws Repealed
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान एकता के आगे झुकी मोदी सरकार
    19 Nov 2021
    पिछले एक साल से चल रहे किसान आंदोलन की आज बड़ी जीत हुई है। मोदी सरकार ने कृषि क़ानून वापस लेने का ऐलान किया है। यह सिर्फ किसानों के लिए नहीं, बल्कि भारत के लोकतंत्र की जीत है।
  • law
    विक्रम हेगडे
    भारतीय अंग्रेज़ी, क़ानूनी अंग्रेज़ी और क़ानूनी भारतीय अंग्रेज़ी
    19 Nov 2021
    न्यायिक फ़ैसलों और दूसरे क़ानूनी दस्तावेज़ों में साहित्यिक श्रेष्ठता का होना ज़रूरी नहीं है।
  • education
    प्रियंका ईश्वरी
    बिहार के बाद बंगाल के स्कूली बच्चों में सबसे ज़्यादा डिजिटल विभाजन : एएसईआर सर्वे
    19 Nov 2021
    एनुअल स्टेटस ऑफ़ एजुकेशन रिपोर्ट 2021 की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, स्कूली बच्चों के घरों में कम से कम एक स्मार्टफ़ोन होने के मामले में केरल(97.5%), हिमाचल प्रदेश(95.6%) और मणिपुर(92.9%) सबसे आगे हैं।
  • sc
    सोनिया यादव
    "पॉक्सो मामले में सबसे ज़रूरी यौन अपराध की मंशा, न कि ‘स्किन टू स्किन’ टच!"
    19 Nov 2021
    शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सेक्शुअल मंशा से छूना भी अपराध है। धारा 7 के तहत टच और फिजिकल कॉन्टैक्ट को “स्किन टू स्किन टच” तक सीमित करना न केवल संकीर्ण होगा, बल्कि प्रावधान की बेतुकी…
  • Farmer wins, hate is defeated
    न्यूज़क्लिक टीम
    जीत गया किसान, नफरत हार गई!
    19 Nov 2021
    पिछले एक साल से जिन 3 कृषि कानूनों को लेकर किसान आंदोलन कर रहा है आज मोदी सरकार ने उसको ख़ारिज करने का फ़ैसला लिया है, लेकिन संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि जब तक मोदी सरकार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License