NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
रामदेव की टिप्पणियों के ख़िलाफ़ चिकित्सकों का देशभर में ‘काला दिवस’ प्रदर्शन
चिकित्सकों की मांग है कि या तो रामदेव बिना शर्त माफी मांगें या उनके खिलाफ महामारी रोग अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Jun 2021
cartoon

नयी दिल्ली: ऐलोपैथी के संबंध में रामदेव की आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर चिकित्सकों ने देशभर में उनके ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। अलग-अलग राज्यों में उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत की गई है। इसके अलावा आज मंगलवार को देश के कई हिस्सों में चिकित्सकों ने राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत प्रदर्शन किया।

चिकित्सकों की मांग है कि या तो रामदेव बिना शर्त माफी मांगें या उनके खिलाफ महामारी रोग अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।

फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) ने प्रदर्शन का आह्वान 29 मई को किया था और इस बात पर जोर दिया था कि आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी।

दिल्ली के रेजिडेंट चिकित्सकों ने काली पट्टियां और रिबन पहनकर प्रदर्शन किया।

फोर्डा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘रामदेव की टिप्पणियों के विरोध में हमारा प्रदर्शन मंगलवार सुबह शुरू हुआ। वह तो ऐलोपैथी के बारे में बोलने तक की योग्यता नहीं रखते हैं। इससे चिकित्सकों का मनोबल प्रभावित हुआ है जो (कोविड-19) महामारी से हर दिन लड़ रहे हैं। हमारी मांग है कि वह सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगे, अन्यथा महामारी रोग अधिनियम के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।’’

उन्होंने बताया कि एम्स, सफदरजंग अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज-अस्पताल, हिंदूराव अस्पताल, संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, बी.आर. आंबेडकर अस्पताल के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) इस आंदोलन में शामिल हो चुके हैं तथा कुछ अन्य भी शामिल होने वाले हैं।

फोर्डा के अधिकारी ने बताया, ‘‘विरोध स्वरूप कई चिकित्सकों ने बांहों पर काली पट्टी बांधी है। अन्य शहरों के चिकित्सक भी आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।’’

कुछ चिकित्सकों ने विरोध संदेश लिखे प्लेकार्ड ले रखे थे जबकि अन्य ने ऐसी पीपीई किट पहन रखी थीं, जिनके पीछे ‘काला दिवस प्रदर्शन’ लिखा था।

फोर्डा इंडिया ने एक बयान जारी करके शनिवार को कहा था कि रामदेव के बयानों के प्रति आपत्ति जताए जाने के बावजूद ‘‘अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। हम स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित किए बिना कार्यस्थलों पर एक जून, 2021 को राष्ट्रव्यापी काला दिवस प्रदर्शन की घोषणा कर रहे हैं’’।

बयान में कहा गया है, ‘‘हम मांग करते हैं कि वह सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगे या उनके खिलाफ महामारी रोग कानून, 1897 की प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।’’

फोर्डा ने यह भी आरोप लगाया कि रामदेव की टिप्पणी ने लोगों में ‘‘टीकों को लेकर हिचकिचाहट’’ भी बढ़ाई है।

एम्स आरडीए ने एक बयान में कहा कि रामदेव की ऐसी ‘‘अपमानजक टिप्पणियां स्वास्थ्य सेवा कर्मियों के खिलाफ हिंसा भड़काएंगी और इससे जन स्वास्थ्य प्रणाली पूरी तरह ठप हो जाएगी।’’

रामदेव को वायरल हुई वीडियो क्लिप में दिए गए उस बयान को वापस लेने के लिए हाल में मजबूर होना पड़ा था जिसमें वह कोरोना वायरस संक्रमण के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही कुछ दवाओं पर सवाल उठाते और यह कहते सुने गए कि ‘‘कोविड-19 के लिए एलोपैथिक दवाएं लेने से लाखों लोग की मौत हो गई।’’

इस टिप्पणी का चिकित्सकों के संघ ने जोरदार विरोध किया, जिसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने उनसे ‘‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’’ बयान वापस लेने के लिए कहा।

एक दिन बाद, योग गुरु ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक ‘‘खुले पत्र’’ में भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) से 25 प्रश्न पूछे। इसमें पूछा गया था कि क्या एलोपैथी ने उच्च रक्तचाप और टाइप -1 और टाइप-2 मधुमेह जैसी बीमारियों के लिए स्थायी राहत प्रदान की है।

गुजरात के डॉक्टरों ने रामदेव के ख़िलाफ़ कार्रवाई के लिए पुलिस से किया संपर्क

अहमदाबाद: गुजरात में डॉक्टरों का प्रतिनिधित्व करने वाले अहम संगठनों ने आधुनिक चिकित्सा पद्धति और उसके चिकित्सकों के विरुद्ध कथित रूप से अपमाननजक टिप्पणियां करने को लेकर रामदेव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करते हुए सोमवार को यहां अहमदाबाद पुलिस से संपर्क किया।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की गुजरात इकाई और अहमदाबाद मेडिकल एसोसिएशन के वरिष्ठ डॉक्टरों एवं पदाधिकारियों ने नवरंगपुरा पुलिस को अलग-अलग आवेदन दिए तथा रामदेव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

एलोपैथी और टीकों के खिलाफ टिप्पणियां कर रामदेव विवादों में घिर गए हैं।

दोनों ही संगठनों ने पुलिस से रामदेव के विरुद्ध महामारी रोग अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की अपील की।

पुलिस ने कहा कि उसे डॉक्टरों से ज्ञापन मिले हैं।

पुलिस उपायुक्त (जोन-1) रवींद्र पटेल ने कहा, ‘‘....उन्होंने जो मुद्दा उठाया है, वह हमारे क्षेत्राधिकार के बाहर है।’’ उन्होंने कहा कि कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है।

पश्चिम बंगाल में रामदेव के ख़िलाफ़ पुलिस में शिकायत दर्ज

कोलकाता: भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) की बंगाल इकाई ने रामदेव के खिलाफ उनकी इस टिप्पणी के लिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि डॉक्टरों सहित कई कोविड-19 रोगियों की मौत हो गई क्योंकि आधुनिक दवाएं बीमारी का इलाज नहीं कर सकती हैं।

संगठन ने कोलकाता के सिंथी थाने में शिकायत दर्ज कराई है जिसमें रामदेव पर महामारी के दौरान "भ्रामक और झूठी जानकारी" देने के साथ जनता के बीच भ्रम पैदा करने का आरोप लगाया गया है।

आईएमए की बंगाल शाखा ने शुक्रवार को दर्ज शिकायत में कहा, "रामदेव ने कहा है कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति के कारण कोविड के मरीज अधिक पीड़ित हैं और मर रहे हैं, जो कोरोना वायरस का इलाज नहीं कर सकती। उन्होंने यह भी कहा है कि टीके की दोनों खुराक लेने के बाद भी 10,000 से ज्यादा डॉक्टरों की मौत हो चुकी है, जो कि बिल्कुल गलत है।"

गौरतलब है कि एक वायरल वीडियो क्लिप में, रामदेव को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि "कोविड-19 के लिए एलोपैथिक दवाएं लेने से लाखों लोग मर गये।" उन्हें कोरोना वायरस के इलाज के लिए इस्तेमाल की जा रही कुछ दवाओं पर सवाल उठाते हुए भी सुना जा सकता है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

Ramdev
Ayurveda
Allopathy
Ramdev on Allopathy
Doctors Protest
Federation of Resident Doctors Association
COVID-19
IMA

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    यूपी: अयोध्या में चरमराई क़ानून व्यवस्था, कहीं मासूम से बलात्कार तो कहीं युवक की पीट-पीट कर हत्या
    19 Mar 2022
    कुछ दिनों में यूपी की सत्ता पर बीजेपी की योगी सरकार दूसरी बार काबिज़ होगी। ऐसे में बीते कार्यकाल में 'बेहतर कानून व्यवस्था' के नाम पर सबसे ज्यादा नाकामी का आरोप झेल चुकी बीजेपी के लिए इसे लेकर एक बार…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    ट्रेड यूनियनों की 28-29 मार्च को देशव्यापी हड़ताल, पंजाब, यूपी, बिहार-झारखंड में प्रचार-प्रसार 
    19 Mar 2022
    दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने के लिए सभी ट्रेड यूनियन जुट गए हैं। देश भर में इन संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठकों का सिलसिला जारी है।
  • रवि कौशल
    पंजाब: शपथ के बाद की वे चुनौतियाँ जिनसे लड़ना नए मुख्यमंत्री के लिए मुश्किल भी और ज़रूरी भी
    19 Mar 2022
    आप के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान के सामने बढ़ते क़र्ज़ से लेकर राजस्व-रिसाव को रोकने, रेत खनन माफ़िया पर लगाम कसने और मादक पदार्थो के ख़तरे से निबटने जैसी कई विकट चुनौतियां हैं।
  • संदीपन तालुकदार
    अल्ज़ाइमर बीमारी : कॉग्निटिव डिक्लाइन लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी का प्रमुख संकेतक है
    19 Mar 2022
    आम तौर पर अल्ज़ाइमर बीमारी के मरीज़ों की लाइफ़ एक्सपेक्टेंसी 3-12 सालों तक रहती है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    स्लोवेनिया : स्वास्थ्य कर्मचारी वेतन वृद्धि और समान अधिकारों के लिए कर रहे संघर्ष
    19 Mar 2022
    16 फ़रवरी को स्लोवेनिया के क़रीब 50,000 स्वास्थ्य कर्मचारी काम करने की ख़राब स्थिति, कम वेतन, पुराने नियम और समझौते के उल्लंघन के ख़िलाफ़ हड़ताल पर चले गए थे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License