NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
पांच दशक जेल में रहने के बाद ब्लैक पैंथर के कार्यकर्ता के पैरोल पर रिहा होने की उम्मीद
साल 1993 से जलील मुंतक़ीम पैरोल के पात्र थे लेकिन उनके अनुरोधों को न्यूयॉर्क पैरोल बोर्ड द्वारा 11 बार ख़ारिज किया गया।
पीपल्स डिस्पैच
28 Sep 2020
Jalil Muntaqim

पूर्व ब्लैक पैंथर और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता 68 वर्षीय जलील अब्दुल मुंतकीम 49 साल से अधिक समय तक हिरासत में रहने के बाद रिहा होंगे। एंथनी बॉटम के रूप में पहचाने जाने वाले मुंतकीम को न्यूयॉर्क के पुलिस विभाग के दो अधिकारियों की हत्याओं के लिए पहली बार 19 साल की उम्र में क़ैद किया गया था। COVID-19 के चलते अस्पताल में भर्ती होने के बाद उन्हें 20 अक्टूबर से पहले पैरोल पर रिहा करने के लिए न्यूयॉर्क पैरोल बोर्ड ने 22 सितंबर को आदेश पारित किया। ये आदेश 24 सितंबर गुरुवार को सामने आया था।

भले ही वह साल 1993 से आजीवन कारावास की सजा के मामले पैरोल के योग्य रहे लेकिन मुंतकिम को 11 बार पहले ही उनके पैरोल अनुरोध को नकार दिया गया था। 1960 और 1970 के दशक में नागरिक अधिकारों के कार्यकर्ताओं पर सरकार और संघीय खुफिया प्रायोजित कार्रवाई के बाद मुंतकीम दशकों से जेलों में बंद दर्जनों ब्लैक पैंथर्स और अन्य कट्टरपंथी आतंकवादियों में से एक थे।

जेल में बंद होने से पहले मुंतकीम ने किशोरावस्था में ही नेशनल एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ कलर्ड पीपल (एनएएसीपी) के साथ मिलकर नागरिक अधिकार कार्यकर्ता के रूप में काम किया और सैन फ्रांसिस्को में ब्लैक स्टूडेंट यूनियन के प्रमुख आयोजकों में से एक थे।

मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्या से प्रेरित होकर वह 18 साल की उम्र में ब्लैक पैंथर्स पार्टी (बीपीपी) में शामिल हो गए। एनवाईपीडी अधिकारी वेवरली जोन्स और जोसेफ ए. पियाजेंटिनी की हत्या के मामले में अगस्त 1971 में 19 साल की उम्र में मुंतकिम को और उनके साथी हरमन बेल को गिरफ्तार कर लिया गया। ये हत्या कथित तौर पर जेल में बंद नागरिक अधिकारों के कार्यकर्ता जॉर्ज जैक्सन की हिरासत में हत्या को लेकर की गई।

मुंतकिम और बेल दोनों को 1974 में हत्या के आरोपों का दोषी पाया गया और उन्हें 1993 में 22 साल की सजा मिली। फिर भी इस सज़ा ने उन्हें पैरोल लेने का पात्र बना दिया लेकिन उन्हें बार-बार नकार दिया गया। बेल की साल 2006 में न्यूयॉर्क की जेल में कैंसर से मौत हो गई।

न्यूयॉर्क में अधिक सुरक्षा वाले सुलिवन परिसर में आजीवन क़ैद की सजा काटते हुए मुतंकिम ने जेल के क़ैदियों के बीच अपने नागरिक अधिकारों का कार्य जारी रखा। उन्होंने साल 1976 में नेशनल प्रिजनर्स कैम्पेन का गठन किया और संयुक्त राष्ट्र को कई राजनीतिक क़ैदियों के बारे में जानकारी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिनमें से कई तो बीपीपी के उनके साथी थे।

मुंतकीम ने 11 वीं पैरोल की सुनवाई के बाद जून में अपने पैरोल को हासिल करने में सफलता पाई थी। लेकिन पैरोल आदेश को अंततः अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स द्वारा न्यूयॉर्क शहर के पुलिस बेनेवोल्ट एसोसिएशन (पीबीए) के इशारे पर हस्तक्षेप करने के बाद रद्द कर दिया गया। पीबीए ने वर्षों से इनकी रिहाई का विरोध किया है।

Jalil Muntaqim
Anthony Bottom
Black Panther worker
NAACP
COVID-19
Martin luther king jr

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • पड़ताल: कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के दावे भ्रामक
    राज कुमार
    पड़ताल: कोरोना को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के दावे भ्रामक
    15 Aug 2021
    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अन्य देशों की तुलना में ज्यादा नागरिकों को बचाया है। ये काफी भ्रामक टिप्पणी है। क्योंकि प्रधानमंत्री कुछ स्पष्ट नहीं कर रहे कि वो किसे “बचाया हुआ” मान रहे हैं। क्या उन…
  • विक्रम और बेताल: सरकार जी और खेल में खेला
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    विक्रम और बेताल: सरकार जी और खेल में खेला
    15 Aug 2021
    सरकार जी खेलों की दुनिया को पैसे की दुनिया से अलग ही रखते थे। वे जानते थे कि खिलाड़ी अपनी नैसर्गिक प्रतिभा से ही आगे बढ़ता है न कि सरकारी सहायता से। इसीलिए उन्होंने खेल में सरकारी मदद को सिर्फ़ खेल…
  • अजय कुमार
    कभी रोज़गार और कमाई के बिंदु से भी आज़ादी के बारे में सोचिए?
    15 Aug 2021
    75 साल पहले ही गुलामी से आजादी मिल गई। लेकिन जिसे असली आजादी कहते हैं क्या उसका एहसास भारत के ज्यादातर लोगों ने किया है?
  • आज़ादी@75: आंदोलन के 74 बरस और नई उम्मीद और नया रास्ता दिखाता किसान आंदोलन
    लाल बहादुर सिंह
    आज़ादी@75: आंदोलन के 74 बरस और नई उम्मीद और नया रास्ता दिखाता किसान आंदोलन
    15 Aug 2021
    आज़ादी के अमृत महोत्सव वर्ष का सबसे पवित्र अमृत यह किसान आंदोलन ही है जो संघ-भाजपा के विषवमन का सबसे बड़ा एंटीडोट है।
  • 75वीं सालगिरह के मौके पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम। तस्वीर में अजय सिंह (दाएं) अपनी जीवन साथी शोभा सिंह (बाएं) के साथ।
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: मर्द खेत है, औरत हल चला रही है
    15 Aug 2021
    आज आज़ादी की 74वीं सालगिरह है और हमारे कवि और पत्रकार अजय सिंह की 75वीं। 15 अगस्त, 1946 को बिहार के ज़िला बक्सर के चौगाईं गांव में अजय सिंह का जन्म हुआ। आज इतवार भी है, यानी मौका भी है और दस्तूर भी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License