NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बोलीविया : ईवो मोरालेस ने नागरिक-सैन्य तख़्तापलट के बाद हुए नुक़सान की निंदा की
पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने कहा कि बोलीविया में "फ़ासीवाद और नस्लवाद फिर से पनप रहा है।" उन्होंने कहा कि "सत्तासीन सरकार असमानता को बढ़ावा दे रही है।"
पीपल्स डिस्पैच
11 May 2020
ईवो मोरालेस

लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित मूवमेंट टुवार्डस सोशलिज्म (एमएएस) पार्टी के बोलीवियाई राष्ट्रपति ईवो मोरालेस ख़िलाफ़ नागरिक-सैन्य तख्तापलट और अति दक्षिणपंथी जीनाइन अनेज के नेतृत्व में सरकार की स्थापना को 10मई को छह महीने हो गए।

छह महीने गुज़रने पर राजनीतिक शरणार्थी के रूप में अर्जेंटीना में रह रहे पूर्व राष्ट्रपति मोरालेस ने तख्तापलट करने वाली सरकार के शासन में देश को हुए नुकसान की निंदा की। कई ट्वीट के ज़रिए मोरालेस ने इसकी जनविरोधी, फासीवादी, नवउदारवादी और जातिवादी प्रवृत्तियों के लिए सत्तासीन सरकार की आलोचना की।

एक ट्वीट में मोरालेस लिखा, "तख्तापलट के छह महीने बाद बोलीविया न केवल पंगु हो गया है बल्कि अधिक बेरोज़गारी, ग़रीबी, भुखमरी, भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद,अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के हनन और उल्लंघन के साथ नव उदार काल में वापस जाते हुए पीछे की तरफ जा रहा है। फासीवाद और नस्लवाद फिर से पनप रहा है।"

एक अन्य ट्वीट में नेता ने "नरसंहार, उत्पीड़न, कारावास,सरकारी कंपनियों के बर्बाद होने और महामारी से निपटने में असमर्थता" के लिए तख्तापलट सरकार की निंदा की और ज़ोर देकर कहा कि "केवल लोग ही लोगों को बचाते हैं, हम लोकतंत्र को फिर से हासिल करेंगे।"

मोरालेस ने अंतरिम सरकार के नवउदारवादी सरोकार को लेकर भी चेतावनी दी। उन्होंने ट्वीट में लिखा, "एक'संक्रमणकालीन' सरकार को चुनावों कराने के लिए बनाया जाता है, न कि ग़ैर क़ानूनी फैसला करने के लिए जो हमारे भविष्य को संकट में डालता है जैसे कि मानव उपभोग के लिए जीएमओ, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से ऋण, आर्थिक मॉडल में बदलाव, बड़े उद्यमी के पक्ष में भूमि व्युत्क्रमण और खनन में रियायतें।"

तख्तापलट होने के बाद देश की सामाजिक-राजनीतिक स्थिति संकटपूर्ण रही है। संयुक्त राज्य सरकार और अमेरिकी राज्यों के संगठन (ओएएस) द्वारा समर्थित तख्तापलट सरकार की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और संस्थाओं ने मानवाधिकारों के उल्लंघन, क्रूर सैन्य और पुलिस दमन, राजनीतिक और सामाजिक नेताओं और उनके परिवारों का जातिवादी,पितृसत्तात्मक और चयनात्मक उत्पीड़न और मीडिया सेंसरशिप की निंदा की है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

bolivia
Evo Morales
MAS
Movement Towards Socialism
OAS

Related Stories

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

"यह हमारे अमेरिका का वक़्त है" : एएलबीए अर्जेंटीना में करेगा तीसरी महाद्वीपीय बैठक

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

बोलिवियाई लोगों को तख्तापलट करने वाली नेता जीनिन आनेज़ के जेल से भागने की आशंका

बोलिविया के तख़्तापलट में शस्त्र मुहैया कराने के मामले में अर्जेंटीना ने जांच शुरू की

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

अर्जेंटीना लीमा ग्रुप से हटा और वेनेज़ुएला पर लगाए गए प्रतिबंधों की निंदा की

बोलिविया में तख्तापलट का नेतृत्व करने के लिए जीनिन अनेज गिरफ़्तार

साकाबा नरसंहार के एक साल बाद बोलीविया ने पीड़ितों को याद किया और न्याय की मांग की

बोलिवियाई लोगों ने एक विशाल रैली में ईवो मोरालेस का स्वागत किया


बाकी खबरें

  • JANAZA
    ज़ाकिर अली त्यागी
    हरदोई: क़ब्रिस्तान को भगवान ट्रस्ट की जमीन बता नहीं दफ़नाने दिया शव, 26 घंटे बाद दूसरी जगह सुपुर्द-ए-खाक़!
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश के हरदोई बीजेपी से जुड़े एक शख़्स ने शव को दफ़्न करने से रोक दिया, और क़ब्रिस्तान की ज़मीन पर अपना दावा ठोक दिया, हैरानी की बात यह रही कि कार्रवाई करने की बजाय प्रशासन भी उनकी ताल में…
  • अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    एजाज़ अशरफ़
    अपने वर्चस्व को बनाए रखने के उद्देश्य से ‘उत्तराखंड’ की सवर्ण जातियां भाजपा के समर्थन में हैंः सीपीआई नेता समर भंडारी
    08 Jan 2022
    यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि आखिर क्यों रक्षा कर्मी हिंदुत्व के समर्थन में हैं और पर्यावरण का मुद्दा इस पहाड़ी राज्य के लिए चुनावी मुद्दा नहीं है।
  • ECI
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    5 राज्यों में चुनाव तारीख़ों की घोषणा, यूपी में 7 चरणों में चुनाव, 10 मार्च को मतगणना
    08 Jan 2022
    उत्तर प्रदेश में 10 फरवरी से लेकर 7 मार्च तक 7 चरणों में मतदान होगा, वहीं उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में 14 फरवरी को एक चरण में और मणिपुर में दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। इसी के साथ 15 जनवरी तक रैली,…
  • रवि कौशल
    राजस्थान: REET अभ्यर्थियों को जयपुर में किया गया गिरफ़्तार, बड़े पैमाने पर हुए विरोध के बाद छोड़ा
    08 Jan 2022
    दरअसल यह लोग राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET) के तहत अगले चरण में पदों को बढ़वाने के लिए 70 दिनों से संघर्ष कर रहे हैं। इनकी मांग है कि सीटों की संख्या को बढ़ाकर 50,000 किया जाए।
  • सोनिया यादव
    यूपी: देश के सबसे बड़े राज्य के ‘स्मार्ट युवा’ सड़कों पर प्रदर्शन क्यों कर रहे हैं?
    08 Jan 2022
    एक ओर रैलियों में बीजेपी की योगी सरकार अपनी उपलब्धियां गिनवा रही है तो वहीं दूसरी ओर चुनाव के मुहाने पर खड़े उत्तर प्रदेश के युवाओं ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License