NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बोलिवियाः डी-फैक्टो सरकार के एक मंत्री हटाए गए जबकि अन्य दो ने इस्तीफ़ा दिया
लैटिन अमेरिकी देश में आम चुनावों से ठीक 20 दिन पहले तख्तापलट सरकार में संकट उत्पन्न हो गया है।
पीपल्स डिस्पैच
29 Sep 2020
बोलिविया

28 सितंबर को बोलिविया के इकॉनोमी एंड पब्लिक फाइनेंस मिनिस्टर ऑस्कर ऑर्टिज़; लेबर, एम्प्लायमेंट एंड सोशल सिक्योरिटी मिनिस्टर ऑस्कर मर्केडो सेस्पेडेस और प्रोडक्टिव डेवलपमेंट एंड पब्लिक इकॉनोमी मिनिस्टर एबेल मार्टिनेज ने अपने पदों को छोड़ दिया। इकॉनोमी मिनिस्टर को बर्खास्त कर दिया गया जबकि लेबर और प्रोडक्टिव डेवलपमेंट मिनिस्टर ने इस्तीफ़ा दिया था।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओर्टिज़ ने कहा कि उन्हें कोचाबम्बा इलेक्ट्रिसिटी एंड लाइट कंपनी (ईएलएफईसी) के निजीकरण को लेकर सरकार के मंत्री आर्टुरो मुरिलो के साथ उनके गहरे मतभेद के कारण पद से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्होंने डी-फैक्टो राष्ट्रपति जीनीन एनेज़ द्वारा पेश निजीकरण डिक्री पर हस्ताक्षर नहीं करने का फैसला किया था। उन्होंने कहा था कि यह "क़ानूनी व्यवस्था के ख़िलाफ़" है और इसे "पर्याप्त क़ानूनी समर्थन नहीं है।"

अंतरिम सरकार का दूसरा वरिष्ठ सदस्य ऑर्टिज़ जिन्हें सरकार के मंत्री मुरिलो के विरोध के लिए पद से हटाया गया है। पिछले हफ्ते, मुरीलो के आदेश पर स्टेट अटॉर्नी जनरल जोसे मारिया कैबरेरा को बर्खास्त कर दिया गया था। अटॉर्नी कैबरेरा ने भी कथित असंवैधानिकता के लिए निजीकरण की फैसले को ख़ारिज कर दिया था।

ऑर्टिज़ के इस्तीफ़े के कुछ समय बाद मर्काडो और मार्टिनेज ने भी बिना कोई कारण बताए अपना इस्ती़फ़ा दे दिया। हालांकि, स्थानीय मीडिया ने रिपोर्ट किया कि उनका इस्तीफ़ा देना भी ईएलएफईसी से जुड़ा था।

उनके इस्तीफ़ा देने के कुछ घंटे बाद एनेज ने नए इकॉनोमी मिनिस्टर के पद पर व्यवसायी ब्रांको मारिंकोविक को नियुक्त किया वहीं अल्वारो तेजेरिना को नया लेबर मिनिस्टर बनाया और गोंजालो क्विरोगा को नए डेवलपमेंट प्लानिंग मिनिस्टर के रुप में नियुक्त किया।

देश में निर्धारित आम चुनाव से ठीक 20 दिन पहले ही डी-फैक्टो प्रेसिडेंट के मंत्रिमंडल संकट उत्पन्न हो गया है।

bolivia
De Facto Government
Latin America
General elections in Latin American
International news

Related Stories

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

दुनिया भर की: कोलंबिया में पहली बार वामपंथी राष्ट्रपति बनने की संभावना

केवल विरोध करना ही काफ़ी नहीं, हमें निर्माण भी करना होगा: कोर्बिन

लैटिन अमेरिका को क्यों एक नई विश्व व्यवस्था की ज़रूरत है?

अमेरिका में महिलाओं के हक़ पर हमला, गर्भपात अधिकार छीनने की तैयारी, उधर Energy War में घिरी दुनिया

"एएलबीए मूल रूप से साम्राज्यवाद विरोधी है": सच्चा लोरेंटी

रूस-यूक्रैन संघर्षः जंग ही चाहते हैं जंगखोर और श्रीलंका में विरोध हुआ धारदार

दुनिया भर की: सोमालिया पर मानवीय संवेदनाओं की अकाल मौत

चीन और लैटिन अमेरिका के गहरे होते संबंधों पर बनी है अमेरिका की नज़र

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License