NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बोलीवियाः लोगों ने राजनीतिक क़ैदियों को रिहा करने और जल्द चुनावों की मांग की
नवंबर 2019 में तख़्तापलट करने वाली सरकार द्वारा 13 से अधिक महिलाओं को झूठे आरोपों में गिरफ़्तार किया गया है।
पीपल्स डिस्पैच
18 Jun 2020
बोलीविया

17 जून को बोलीविया की राजधानी ला पाज़ में महिलाओं और नागरिकों के एक बड़े समूह ने प्रदर्शन किया। उन्होंने नवंबर 2019 में राष्ट्रपति इवो मोरालेस के ख़िलाफ़ तख़्तापलट के बाद, अति दक्षिणपंथी जीनाइन एनेज के नेतृत्व में डी-फैक्टो सरकार द्वारा झूठे आरोपों में गिरफ़्तार की गई महिला राजनीतिक क़ैदियों के लिए रिहाई की मांग की।

निर्दोष क़ैदियों की रिहाई के अलावा उन्होंने देश में जल्द आम चुनाव कराने की भी मांग की। इस प्रदर्शन का आह्वान नागरिकों द्वारा सोशल मीडिया नेटवर्क पर किया गया था।

सुबह क़रीब 10 बजे फेस मास्क पहने हुए लोग तख़्तापलट सरकार द्वारा राजनीतिक उत्पीड़न की शिकार 13 महिलाओं की रिहाई की मांग करने के लिए सैन फ्रांसिस्को प्लाजा के पास इकट्ठा हुए।

जिन राजनीतिक क़ैदियों लिए ये विरोध प्रदर्शन किया गया था उनमें एफ्रो-बोलीवियाई यूनियन के नेता एलेना फ्लोरेस, पूर्व राष्ट्रपति मोरालेस के वकील पेट्रीसिया हर्मोसा और बोलिविया के सुप्रीम इलेक्टोरल ट्रिब्यूनल (टीएसई) के पूर्व अध्यक्ष मारिया यूजेनिया चोक क्विस्प शामिल हैं।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि क़ैद करना एनेज के औपनिवेशिक, पितृसत्तात्मक और तानाशाही प्रवृत्ति का परिणाम है।

ऐलेना फ्लोर्स को डकैती, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकार को उनकी सेवाओं में बाधा डालने के झूठे आरोपों में क़ैद किया गया। पेट्रीसिया हर्मोसा को डी-फैक्टो सरकार ने आगामी चुनावों में सीनेट के उम्मीदवार के रूप में मोरालेस को पंजीकृत करने की कोशिश के लिए गिरफ़्तार किया था। तख़्तापलट सरकार द्वारा मारिया यूजेनिया पर 20 अक्टूबर के आम चुनावों में कथित धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया था। ये बोलीविया के अति दक्षिणपंथी का दावा था जिसका एक बार फिर से अमेरिका के शोधकर्ताओं द्वारा पर्दाफाश कर दिया गया है।

bolivia
Protest in Bolivia
Evo Morales
Bolivia News

Related Stories

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

बोलिवियाई लोगों को तख्तापलट करने वाली नेता जीनिन आनेज़ के जेल से भागने की आशंका

बोलिविया के तख़्तापलट में शस्त्र मुहैया कराने के मामले में अर्जेंटीना ने जांच शुरू की

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

बोलिविया में तख्तापलट का नेतृत्व करने के लिए जीनिन अनेज गिरफ़्तार

साकाबा नरसंहार के एक साल बाद बोलीविया ने पीड़ितों को याद किया और न्याय की मांग की

बोलिवियाई लोगों ने एक विशाल रैली में ईवो मोरालेस का स्वागत किया

बोलिवियाः लुइस एर्से ने राष्ट्रपति और डेविड चोकेहुआंसा ने उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया

बोलीवियाः एमएएस ने ला पाज़ में कैम्पेन हेडक्वार्टर के पास विस्फ़ोट की निंदा की


बाकी खबरें

  • भाषा
    कांग्रेस की ‘‘महंगाई मैराथन’’ : विजेताओं को पेट्रोल, सोयाबीन तेल और नींबू दिए गए
    30 Apr 2022
    “दौड़ के विजेताओं को ये अनूठे पुरस्कार इसलिए दिए गए ताकि कमरतोड़ महंगाई को लेकर जनता की पीड़ा सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं तक पहुंच सके”।
  • भाषा
    मप्र : बोर्ड परीक्षा में असफल होने के बाद दो छात्राओं ने ख़ुदकुशी की
    30 Apr 2022
    मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को घोषित किया गया था।
  • भाषा
    पटियाला में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं, तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का तबादला
    30 Apr 2022
    पटियाला में काली माता मंदिर के बाहर शुक्रवार को दो समूहों के बीच झड़प के दौरान एक-दूसरे पर पथराव किया गया और स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को हवा में गोलियां चलानी पड़ी।
  • hafte ki baat
    न्यूज़क्लिक टीम
    बर्बादी बेहाली मे भी दंगा दमन का हथकंडा!
    30 Apr 2022
    महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक विभाजन जैसे मसले अपने मुल्क की स्थायी समस्या हो गये हैं. ऐसे गहन संकट में अयोध्या जैसी नगरी को दंगा-फसाद में झोकने की साजिश खतरे का बड़ा संकेत है. बहुसंख्यक समुदाय के ऐसे…
  • राजा मुज़फ़्फ़र भट
    जम्मू-कश्मीर: बढ़ रहे हैं जबरन भूमि अधिग्रहण के मामले, नहीं मिल रहा उचित मुआवज़ा
    30 Apr 2022
    जम्मू कश्मीर में आम लोग नौकरशाहों के रहमोकरम पर जी रहे हैं। ग्राम स्तर तक के पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर जिला विकास परिषद सदस्य अपने अधिकारों का निर्वहन कर पाने में असमर्थ हैं क्योंकि उन्हें…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License