NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बोलिवियाई तख़्तापलट सरकार ने मोरालेस की एमएएस पार्टी को अयोग्य ठहराने की कोशिश की
अपदस्थ राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने इस प्रयास की निंदा करते हुए कहा कि पार्टी पर प्रतिबंध लगाकर विपक्ष "जिसे वे चुनावों में हासिल नहीं कर सकते हैं" उसे वे हासिल करना चाहते हैं।
पीपल्स डिस्पैच
21 Jul 2020
बोलिवियाई तख़्तापलट सरकार

चुनावी क़ानूनों के कथित उल्लंघन को लेकर 6 सितंबर को होने वाले आम चुनावों से एमएएस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार लुइस एर्से को अयोग्य ठहराने के लिए अति दक्षिण पंथी जुंटोस पार्टी की बोलीविया की तख्तापलट सरकार ने सुप्रीम इलेक्टोरल कोर्ट (टीएसई) में 20 जुलाई को मुक़दमा दायर किया है।

तख्तापलट सरकार की पार्टी ने कहा कि नियमों के द्वारा दी गई समय सीमा की अनुमति से परे लुइस एर्से ने राष्ट्रपति पद के लिए हाल ही में एक जनमत सर्वेक्षण जारी करके कथित रूप से चुनावी क़ानून का उल्लंघन किया। हालांकि, चुनाव पर क़ानून 24 जुलाई को लागू होगा। इसी दिन चुनावी कैलेंडर शुरू होगा।

बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस की पार्टी मूवमेंट टुवार्ड्स सोशलिज्म (एमएएस) ने 19 जुलाई को कहा कि विभिन्न राजनीतिक ताकतें टीएसई पर आगामी चुनावों से पार्टी को अयोग्य ठहराने और उसकी क़ानूनी दर्जा को रद्द करने का दबाव बना रही हैं।

एक बयान में एमएएस ने कहा कि यह "मूल स्वदेशी किसान आंदोलन, श्रमिकों और लोकप्रिय क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली पार्टी पर प्रतिबंध लगाने का एक नया प्रयास है, इस तरह आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी गई है"।

एमएएस ने मांग की कि मध्यवर्ती सरकार और राजनीतिक दल चुनावी संस्था की स्वतंत्रता का सम्मान करे।

अपदस्थ राष्ट्रपति मोरालेस ने भी इस प्रयास की निंदा की। मोरालेस ने ट्वीट में लिखा, "हम कुछ नेताओं के इन प्रयासों की कड़ी निंदा करते हैं कि जिसे वे चुनाव के माध्यम से नहीं हासिल कर सकते ऐसे में वे हमारे राजनीतिक साधन पर प्रतिबंध लगाकर उसे हासिल करना चाहते हैं।"

7 जुलाई को जारी किए गए मतदान के रुझानों को लेकर ओपिनियन पोल के अनुसार लुइस एर्से 41.9% मतों के साथ पहले दौर में चुनाव जीतने और निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 15% की बढ़त हासिल करने की ओर अग्रसर हैं। ओपिनियन पोल में सेंटर-राइट राजनीतिक गठबंधन सिटिजेन कम्यूनिटी (सीसी) के कार्लोस मेसा 26.8% वोटों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। तख्तापलट के नेता और जुंटोस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जीनिन एनेज 13.3% वोटों के साथ तीसरे स्थान पर है।

bolivia
Eva Morales
MAS Party
Prem electoral court

Related Stories

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

बोलिवियाई लोगों को तख्तापलट करने वाली नेता जीनिन आनेज़ के जेल से भागने की आशंका

बोलिविया के तख़्तापलट में शस्त्र मुहैया कराने के मामले में अर्जेंटीना ने जांच शुरू की

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

साकाबा नरसंहार के एक साल बाद बोलीविया ने पीड़ितों को याद किया और न्याय की मांग की

बोलिवियाई लोगों ने एक विशाल रैली में ईवो मोरालेस का स्वागत किया

बोलिवियाः लुइस एर्से ने राष्ट्रपति और डेविड चोकेहुआंसा ने उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया

बोलीवियाः एमएएस ने ला पाज़ में कैम्पेन हेडक्वार्टर के पास विस्फ़ोट की निंदा की

बोलीविया के चुनावी नतीजों के मायने!


बाकी खबरें

  •  Punjab security lapse
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब में पीएम की "सुरक्षा चूक" पर पूरी पड़ताल!
    06 Jan 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे में आज अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे की। साथ ही वे नज़र डाल रहे हैं कि किस तरह मीडिया द्वारा किसानों को टारगेट किया जा रहा है
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेक : संबित ने जर्जर स्कूलों को सपा सरकार का बताया, स्कूल योगी सरकार के निकले
    06 Jan 2022
    एक बार फिर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्विटर पर फ़ेक न्यूज़ के ज़रिये विपक्ष पर निशाना साधने की कोशिश की है।
  • jnu
    रवि कौशल
    जेएनयू हिंसा के दो साल : नाराज़ पीड़ितों को अब भी है न्याय का इंतज़ार 
    06 Jan 2022
    ऐसा लगता है कि दिल्ली पुलिस की जांच भटक चुकी है। अब तक दोषियों की पहचान तक नहीं की जा सकी है।
  • punjab security
    शंभूनाथ शुक्ल
    'सुरक्षा चूक' की आड़ में राजनीतिक स्टंट?
    06 Jan 2022
    प्रधानमंत्री को एयरपोर्ट में पंजाब के अधिकारियों को दिए बयान से बचना चाहिए था। और जो कुछ करना था, वह सीधे गृह मंत्रालय के आला अधिकारी करते तो भविष्य में ऐसी किसी भी चूक से प्रशासन सतर्क रहते। तथा…
  • election
    सौरभ शर्मा
    यूपी: युवाओं को रोजगार मुहैय्या कराने के राज्य सरकार के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते हैं!
    06 Jan 2022
    लगभग 43 उम्मीदवारो को उत्तर प्रदेश में पिछले साल विभिन्न चिकित्सा विभागों द्वारा विभिन्न कोरोना लहरों के दौरान में रोजगार पर रखा गया था। बाद में इन्हें काम से मुक्त कर दिया गया। उन्होंने इस कदम के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License