NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
50 तरह के कैंसरों का शुरुआत में ही पता लगाने वाले परीक्षण की ब्रिटेन में हुई शुरुआत
ब्रिटेन के एनएचएस ने 50 प्रकार के कैंसरों का आरंभिक चरण में ही पता लगाने के लिए ‘त्वरित एवं सरल’ रक्त परीक्षण की शुरुआत कर दी है। एनएचएस का कहना है कि नया परीक्षण एक सामान्य रक्त परीक्षण है। यह उन कैंसरों का पता लगाने के मामले में विशेष तौर पर कारगर है जिनकी शुरूआती दौर में पहचान कर पाना आमतौर पर मुश्किल होता है
अदिति खन्ना
14 Sep 2021
50 तरह के कैंसरों का शुरुआत में ही पता लगाने वाले परीक्षण की ब्रिटेन में हुई शुरुआत
प्रतीकात्मक उपयोग के लिए।

ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) ने सोमवार को दुनिया का सबसे बड़ा नव क्रांतिकारी “त्वरित और सरल” रक्त परीक्षण का शुभारम्भ किया है, जो लक्षणों के प्रकट होने से पहले ही 50 से अधिक प्रकार के कैंसरों का पता लगाने में सक्षम है। हेल्थकेयर कंपनी ग्रेल द्वारा विकसित गैलेरी परीक्षण, रक्त में कैंसर के आरंभिक लक्षणों की जांच करता है। एनएचएस- गैलेरी परीक्षण अपने आप में इस प्रकार का पहला प्रयोग होने जा रहा है, जिसमें इंग्लैंड के आठ क्षेत्रों में 1,40,000 स्वंयसेवकों की तैनाती का लक्ष्य रखा गया है जो इस बात का पता लगायेंगे कि एनएचएस में यह परीक्षण कितने अच्छे ढंग से काम करता है।

यूरोप के भारतीय मूल के निदेशक और ब्रिटेन के अग्रणी कैंसर शोधकर्ता, सर हरपाल कुमार के अनुसार “गैलेरी परीक्षण न सिर्फ कैंसर के विभिन्न प्रकारों की एक विस्तृत श्रृंखला का पता लगाने में सक्षम है बल्कि यह बेहद सटीक तरीके से यह भी अनुमान लगा सकता है कि शरीर के किस हिस्से में कैंसर है। सर हरपाल कुमार के अनुसार “यह परीक्षण जानलेवा कैंसर का पता लगाने में विशेष रूप से कारगर है और इसमें फेक पॉजिटिव दर बेहद कम है। हम एनएचएस के साथ साझेदारी को लेकर बेहद खुश हैं और एनएचएस के शुरुआती दौर में कैंसर के लक्षणों का पता लगाने की दीर्घकालीन योजना का समर्थन करते हैं। इसके साथ ही हम अपनी तकनीक को ब्रिटेन में लोगों के लिए जल्द से जल्द लाने को लेकर बेहद उत्सुक हैं।”

सबसे पहले भाग लेने वाले लोगों के रक्त के नमूनों को रिटेल पार्क एवं अन्य सुविधाजनक सामुदायिक जगहों से मोबाइल परीक्षण क्लीनिकों में लिया जाएगा। एनएचएस की मुख्य कार्यकारी अमांडा प्रिचार्ड ने इस बारे में कहा है कि “यह त्वरित एवं सरल रक्त परीक्षण यहाँ और दुनिया भर में कैंसर का पता लगाने और उपचार के क्षेत्र में एक क्रांति की शुरुआत का प्रतीक बन सकता है।”

अमांडा प्रिचार्ड ने कहा “लक्षणों और संकेतों के प्रकट होने से पहले ही कैंसर का पता लगाने के जरिये हमारे पास इसके इलाज का सबसे बेहतरीन मौका होगा और हम लोगों को जीवित रहने का सबसे अच्छा मौका दे सकते हैं। गैलेरी रक्त परीक्षण यदि सफल होता है तो यह हमारी एनएचएस दीर्घकालिक योजना की महत्वाकांक्षा को हासिल करने में एक प्रमुख भूमिका निभा सकता है, ऐसे में उपचार कर पाना अपेक्षाकृत आसान हो जाएगा।”

एनएचएस का कहना है कि नया परीक्षण एक सामान्य रक्त परीक्षण है। शोध से पता चला है कि यह उन कैंसरों का पता लगाने के मामले में विशेष तौर पर कारगर है जिनकी शुरूआती दौर में पहचान कर पाना आमतौर पर मुश्किल होता है- जैसे कि सिर और गर्दन, आंत्र, फेफड़े, अग्नाशय और गले के कैंसर में। यह कोशिका-मुक्त डीएनए (सीएफडीएनए) में आनुवांशिक कोड के टुकड़ों में होने वाले रासायनिक परिवर्तनों का पता लगाने में काम आता है- जो ट्यूमर से रिसकर रक्तवाहिकाओं में प्रवेश कर जाता है।

कैंसर मामलों के लिए एनएचएस की राष्ट्रीय निदेशक, डेम कैली पामर ने कहा “जीवित रहने को बेहतर बनाने के लिए कैंसर का शुरूआती दौर में पता लगाने में तेजी लाना हमारी पूर्ण प्राथमिकता है, और इस परीक्षण में विभिन्न प्रकार के कैंसरों का पता लगा पाने की क्षमता है।”

अध्ययन के शुरूआती नतीजों के 2023 तक आ जाने की उम्मीद है, और यदि ये सफल रहे तो एनएचएस की योजना इसे इंग्लैंड में 2024 और 2025 में दस लाख और लोगों तक विस्तारित करने की है। एनएचएस पहले से ही विभिन्न पृष्ठभूमि और जातीय समूहों के 50 से लेकर 77 आयु वर्ग के दसियों हजार लोगों को इसमें हिस्सा लेने के लिए आमंत्रण पत्र भेज रहा है।

इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए पिछले तीन वर्षों के दौरान कैंसर के निदान से नहीं गुजरे होने की अनिवार्यता शामिल है। उनसे स्थानीय स्तर पर मौजूद मोबाइल क्लिनिक में रक्त के नमूने देने के लिए कहा जायेगा और इसके बाद उन्हें 12 महीने बाद बुलाया जायेगा, और फिर दो साल के बाद कुछ और नमूनों को देने के लिए उन्हें फिर से आमंत्रित किया जायेगा। यह परीक्षण दीर्घकालिक योजना के अंत तक कैंसर का जल्द पता लगा लेने के अनुपात को बढ़ाने के लिए एनएचएस के प्रयासों का हिस्सा
है।

ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव साजिद जाविद ने इस बारे में कहा “शुरूआती निदान लोगों की जान बचा सकता है और इस क्रांतिकारी नये परीक्षण के द्वारा लक्षणों के प्रकट होने से पहले ही कैंसर का पता लगा पाना संभव है, जो लोगों को इस रोग को मात देने का सबसे बेहतरीन मौका प्रदान करता है।” एनएचएस-गैलेरी परीक्षण को कैंसर रिसर्च यूके और किंग्स कालेज लंदन कैंसर प्रिवेंशन ट्रायल्स यूनिट के द्वारा एनएचएस और गैलेरी परीक्षण को विकसित करने वाली हेल्थकेयर कंपनी ग्रेल के साथ साझेदारी में चलाया जा रहा है।

यह पूरे इंग्लैंड में आठ एनएचएस कैंसर गठबन्धनों के समर्थन में काम कर रहा है जो चेशायर और मेर्सेसाइड, कुम्ब्रिया, ग्रेटर मेनचेस्टर, नार्थ ईस्ट, वेस्ट मिडलैंड्स, ईस्ट मिडलैंड्स, ईस्ट ऑफ़ इंग्लैंड, केंट और मेडवे और साउथ ईस्ट लन्दन तक फैले हुए हैं।

द कैंसर रिसर्च यूके एंड किंग्स कॉलेज लन्दन कैंसर प्रिवेंशन ट्रायल्स यूनिट के निदेशक और परीक्षण के प्रमुख जांचकर्ताओं में से एक, प्रोफेसर पीटर ससीएनी के अनुसार “यह परीक्षण शुरूआती कैंसर का पता लगाने के मामले में गेम-चेंजर साबित हो सकता है और हम इस महत्वपूर्ण शोध का नेतृत्व करने को लेकर बेहद उत्साहित हैं। कैंसर की स्क्रीनिंग के माध्यम से शुरू में ही कैंसर का पता लगाया जा सकता है जब इनके द्वारा सफलतापूर्वक इलाज की संभावना अधिक होती है, लेकिन सभी प्रकार की स्क्रीनिंग कारगर नहीं हैं।”

जिन मरीजों में कैंसर को शुरूआती चरण में पकड़ लिया जाता है जिसे चरण एक या दो का कैंसर कहा जाता है उनके लिए आम तौर पर विकल्पों की विस्तृत श्रृंखला मौजूद रहती है, जो उपचार में कारगर होने के साथ-साथ अक्सर कम आक्रामक होती हैं। एक मरीज जिसके कैंसर का प्रारंभिक चरण में निदान कर लिया जाता है के पास आमतौर पर “चौथे चरण” में पाए जाने वाले लोगों से तुलनात्मक रूप में जिंदा रहने की संभावना पांच से दस गुना अधिक हो जाती है।

एनएचएस- गैलेरी अध्ययन एक रैंडम कंट्रोल ट्रायल (आरसीटी) है - जिसका अर्थ है कि आधे प्रतिभागियों का गैलेरी परीक्षण होने के बाद उनके रक्त के नमूनों की जांच तत्काल की जाएगी और बाकी के आधे नमूनों को संग्रहित किया जायेगा और उनका परीक्षण भविष्य में किया जायेगा। इससे वैज्ञानिकों को उस चरण की तुलना करने में मदद मिलेगी जहाँ पर दो समूहों के बीच कैंसर का पता चला है।

इस लेख को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करिए

Britain’s NHS Launches Trial for ‘Quick, Simple’ Blood Test to Detect 50 Cancer Types Early

Cancer test
Cancer Detection
NHS-Galleri Trials
Cancer Blood Test
NHS

Related Stories


बाकी खबरें

  • JK
    अनीस ज़रगर
    कश्मीरः जेल में बंद पत्रकारों की रिहाई के लिए मीडिया अधिकार समूहों ने एलजी को लिखी चिट्ठी 
    16 Feb 2022
    मीडिया निकायों ने फहद की पत्रकारिता कार्य के विरुद्ध शुरू की गई सभी पुलिसिया जांच को वापस लेने का भी आह्वान किया। 
  • modi ravidas mandir
    राज वाल्मीकि
    रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात
    16 Feb 2022
    कई जगह दलितों का वोट प्राप्त करने के लिए भाजपा के नेता भी आज रैदास मंदिर में नमन कर रहे हैं। इसे देखकर एक अम्बेडकरवादी होने के नाते मैं असहज हुआ।
  • Greta Acosta Reyes
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    वामपंथ के पास संस्कृति है, लेकिन दुनिया अभी भी बैंकों की है
    16 Feb 2022
    'जब हमारे समय की महान सांस्कृतिक बहसों की बात आती है, इतिहास की सुई लगभग पूरी तरह से वामपंथ की ओर झुक जाती है।लेकिन आर्थिक व्यवस्था के मामले में दुनिया बैंकों की है'।
  • UNEMPLOYMENT
    प्रभात पटनायक
    क्यों पूंजीवादी सरकारें बेरोज़गारी की कम और मुद्रास्फीति की ज़्यादा चिंता करती हैं?
    16 Feb 2022
    सचाई यह है कि पूंजीवादी सरकारों को बेरोजगारी के मुकाबले में मुद्रास्फीति की ही ज्यादा चिंता होना, समकालीन पूंजीवाद में वित्तीय पूंजी के वर्चस्व को ही प्रतिबिंबित करता है।
  • punjab
    न्यूज़क्लिक टीम
    अमृतसर: व्यापार ठप, नौकरियाँ ख़त्म पर चुनावों में ग़ायब मुद्दा
    16 Feb 2022
    भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार ख़त्म होने के बाद अमृतसर, तरन तारन और गुरदासपुर के हज़ारों लोग बेरोज़गार हो गए. इस व्यापार ने हज़ारों ट्रक ड्राइवरों, कुलियों, ढाबों को आबाद किया लेकिन अब सभी…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License