NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ब्रिटिश अदालत ने अमेरिका को असांजे के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने की अनुमति दी
लंदन के उच्च न्यायालय के फ़ैसले से विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे की बेलमार्श जेल में बिना किसी आरोप के क़ैद रहने की अवधि बढ़ जाएगी।
पीपल्स डिस्पैच
09 Jul 2021
ब्रिटिश अदालत ने अमेरिका को असांजे के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करने की अनुमति दी

ब्रिटेन की एक अदालत ने विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के प्रत्यर्पण के लिए अमेरिका की अपील को स्वीकार कर लिया है। लंदन में उच्च न्यायालय ने अमेरिका को "सीमित आधार" पर प्रत्यर्पण को लेकर निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने की अनुमति दी। ये अपील वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में एक न्यायाधीश द्वारा जनवरी में दिए गए फैसले के खिलाफ होगी जिसमें असांजे के प्रत्यर्पण को उनके बिगड़ते सेहत के आधार पर खारिज कर दिया गया था।

अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने वाले अभियोजकों ने न्यायाधीश वैनेसा बैरेस्टटर के फैसले को चुनौती देते हुए दावा किया कि न्यायाधीश ने यह निर्धारित करने में गलती की कि असांजे के प्रत्यर्पण के मामले में "दमनकारी स्थितियां" क्या हो सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि न्यायाधीश ने कठोर जेल स्थितियों के बारे में अपनी चिंताओं पर अमेरिकी सरकार को "आश्वासन" देने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया।

असांजे की रक्षा टीम ने इन दावों का विरोध करते हुए कहा कि अभियोजकों और अमेरिका के पास "प्रत्यर्पण की सुनवाई को लेकर इस तरह का आश्वासन देने का अवसर" था, लेकिन ऐसा नहीं किया।

अभियोजकों ने गवाह, मनोचिकित्सक माइकल कोपेलमैन द्वारा प्रस्तुत विशेषज्ञ गवाह की गवाही को भी चुनौती दी जिसका आकलन है कि प्रत्यर्पण होने पर असांजे के आत्महत्या का खतरा है जो आदेश में अहम था। बचाव पक्ष ने कहा कि यह तर्क बचाव और अभियोजन पक्ष दोनों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य के आधार पर "प्राथमिक निर्णय निर्माता के अधिकार" पर विचार करने में विफल रहा।

जनवरी महीने में न्यायाधीश बैरेस्टटर ने अमेरिकी सरकार की प्रत्यर्पण याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उसके मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति "ऐसी है कि उसे अमेरिका में प्रत्यर्पित करना अत्याचारपूर्ण होगा।" प्रत्यर्पण के खिलाफ इस फैसले के बावजूद, न्यायाधीश बैरैस्टर ने लंदन के पास बेलमार्श में उच्च सुरक्षा जेल में बिना किसी आरोप के उनकी कैद को भाग जाने के खतरे के आधार पर जारी रखा।

जज बैरेस्टर के फैसले के खिलाफ अपील को मंजूरी देने का निर्णय ऐसे समय में आया है जब असांजे के परिवार और सहयोगियों के साथ सामाजिक संगठनों और प्रेस की स्वतंत्रता की वकालत करने वालों ने बाइडेन प्रशासन को उनके खिलाफ सभी आरोपों को हटाने के लिए दबाव डाल रहे हैं। अमेरिका वर्तमान में 50 वर्षीय असांजे को 18 आरोपों में जासूसी अधिनियम और कंप्यूटर धोखाधड़ी और दुर्व्यवहार अधिनियम के तहत आरोपित कर रहा है जिसमें कुल मिलाकर अधिकतम 175 साल की जेल की सजा का प्रावधान है।

britain
Assange
Julian Assange case
America

Related Stories

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉनसन ‘पार्टीगेट’ मामले को लेकर अविश्वास प्रस्ताव का करेंगे सामना

और फिर अचानक कोई साम्राज्य नहीं बचा था

क्या दुनिया डॉलर की ग़ुलाम है?

यूक्रेन में छिड़े युद्ध और रूस पर लगे प्रतिबंध का मूल्यांकन

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री इस महीने के अंत में भारत आ सकते हैं

पड़ताल दुनिया भर कीः पाक में सत्ता पलट, श्रीलंका में भीषण संकट, अमेरिका और IMF का खेल?

लखनऊ में नागरिक प्रदर्शन: रूस युद्ध रोके और नेटो-अमेरिका अपनी दख़लअंदाज़ी बंद करें

ब्रिटेन ने यूक्रेन को उड़ान प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने के आह्वान को ख़ारिज किया

यूक्रेन पर रूस के हमले से जुड़ा अहम घटनाक्रम

यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!


बाकी खबरें

  • fark saaf hai
    सत्यम श्रीवास्तव
    फ़र्क़ साफ़ है- अब पुलिस सत्तासीन दल के भ्रामक विज्ञापन में इस्तेमाल हो रही है
    04 Jan 2022
    पिछले कुछ सालों से देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा अपने ही देश के नागरिकों को ‘कपड़ों से पहचानने’ की जो युक्ति ईज़ाद की है उससे यह स्पष्ट हो जाता है कि पूरी मंशा से भाजपा ने इस विज्ञापन में दंगाई व्यक्ति…
  • Constitution of India and Privatization
    प्रभात पटनायक
    भारतीय संविधान की मूल भावना को खंडित करता निजीकरण का एजेंडा
    04 Jan 2022
    भारत में सार्वजनिक क्षेत्र का निर्माण कई कारणों से किया गया था। मसलन, देश के कच्चे माल संसाधनों का नियंत्रण विदेशी पूंजी से छुड़ाकर, देश के हाथों में लाने के लिए, जैसे तेल क्षेत्र में। 
  • mental health
    शिरीष खरे
    महामारी में किशोरों का बिगड़ा मानसिक स्वास्थ्य; कैसे निपटेगी दुनिया!
    04 Jan 2022
    पिछले सप्ताह यूनिसेफ ने अपनी एक महत्त्वपूर्ण रिपोर्ट सार्वजनिक की। रिपोर्ट में यह चेतावनी दी गई है कि कोविड-19 के कारण बड़ी संख्या में बच्चों और किशोरों की एक बड़ी आबादी का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ गया…
  • Vasudhaiva Kutumbakam
    राम पुनियानी
    वसुधैव कुटुम्बकम: भारत को फिर से एक कैसे करें? 
    04 Jan 2022
    2022 में, याद रखें कि भारतीय राष्ट्रवाद ने हमें सांस्कृतिक समृद्धि और समन्वित धारणाओं की ताकत दी है।
  • namaj
    सतीश भारतीय
    खुले में नमाज़ के विरोध को लेकर गुरुग्राम निवासियों की प्रतिक्रिया
    04 Jan 2022
    खुले में नमाज के विरोध को लेकर गुरुग्राम निवासियों की प्रतिक्रिया में मुस्लिमों के प्रति गढ़ी गई कई तरह की धारणाएं साफ तौर पर सामने आती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License