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भारत
राजनीति
उपचुनाव परिणाम: हिमाचल ने दिया भाजपा को बड़ा सबक़, बंगाल में भी झटका
राजस्थान और कर्नाटक ने भी भाजपा को चेताया है, जबकि हरियाणा में इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला की जीत किसान आंदोलन की जीत मानी जा रही है, क्योंकि उन्होंने किसानों के मुद्दे पर ही इस्तीफ़ा दिया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
03 Nov 2021
उपचुनाव परिणाम: हिमाचल ने दिया भाजपा को बड़ा सबक़, बंगाल में भी झटका

नयी दिल्ली: 2022 में होने वाले सात राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले 13 राज्यों में हुए उपचुनाव के नतीजे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को काफी सबक़ देने वाले साबित हुए हैं। ख़ासतौर से हिमाचल प्रदेश का परिणाम भाजपा के लिए एक बड़ा झटका है, जहां अगले साल दिसंबर में चुनाव होने हैं। इस उपचुनाव में हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा को बड़ा झटका देते हुए विपक्षी दल कांग्रेस ने तीनों विधानसभा सीटों फतेहपुर, अर्की और जुबल-कोटखाई और प्रतिष्ठित मंडी लोकसभा सीट पर जीत हासिल की।

इसी तरह बंगाल में तृणमूल ने राज्य की सभी चार विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की, इसमें वे दो सीटें भी शामिल हैं जो उसने भाजपा से छीनी हैं। राजस्थान में कांग्रेस ने अपनी एक सीट बरकरार रखी और भाजपा से एक सीट छीन ली। भाजपा के उम्मीदवार न केवल उपचुनाव हार गए, बल्कि धारियावाड़ और वल्लभनगर निर्वाचन क्षेत्रों में क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहे।

कर्नाटक में भाजपा ने जद (एस) से सिंडगी विधानसभा सीट छीन ली लेकिन हंगल सीट पर कांग्रेस से हार गई। इसे मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है।

इन उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों ने 14 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस ने आठ सीटें जीती।

आइए परिणामों को विस्तार से जानते हैं

इस उपचुनाव के परिणाम हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना को छोड़कर ज्यादातर राज्यों में सत्तारूढ़ दलों के पक्ष में रहे। हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा को बड़ा झटका देते हुए विपक्षी दल कांग्रेस ने तीनों विधानसभा सीटों फतेहपुर, अर्की और जुबल-कोटखाई और प्रतिष्ठित मंडी लोकसभा सीट पर जीत हासिल की।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को राज्य में हुए उपचुनावों में मतदाताओं का जोरदार समर्थन मिला। तृणमूल ने राज्य की सभी चार विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की, जिसमें वे दो सीटें भी शामिल हैं जो उसने भाजपा से छीनी है। तृणमूल कांग्रेस को 75.02 प्रतिशत वोट मिले।

देश के 13 राज्यों में हुए उपचुनावों के परिणाम भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस के लिए भी मिलेजुले रहे। कांग्रेस ने राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में बढ़त हासिल की और भाजपा से सीटें छीनी, लेकिन उसे असम, मध्य प्रदेश और मेघालय में नुकसान हुआ।

अंतिम परिणाम के अनुसार, भाजपा को सात विधानसभा सीटों पर जीत मिली, जबकि उसके सहयोगी जद (यू) ने दो (बिहार में), यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल - दो (असम में), एमएनएफ-एक (मिजोरम में) और एनपीपी - दो (मेघालय में) सीटें जीती।

एनपीपी की सहयोगी यूडीपी को भी एक सीट मिली। कांग्रेस ने आठ सीटें, टीएमसी ने चार, वाईएसआरसी ने एक और इनेलो ने एक सीट जीती।

लोकसभा की एक-एक सीट कांग्रेस, शिवसेना और भाजपा ने जीती। सहानुभूति फैक्टर राजनीतिक दलों के लिए काम करता प्रतीत हुआ। कांग्रेस उम्मीदवार एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी की प्रतिभा सिंह ने मंडी लोकसभा सीट पर जीत हासिल की। सिंह का गत जुलाई में निधन हो गया था। वहीं पूर्व निर्दलीय सांसद मोहन डेलकर की पत्नी एवं शिवसेना उम्मीदवार कलाबेन डेलकर ने दादरा और नगर हवेली लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल की। मोहन डेलकर का भी निधन हो गया था।

इसी तरह, महाराष्ट्र में कांग्रेस, बिहार में जद (यू) और आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस द्वारा मैदान में उतारे गए दिवंगत विधायकों के परिजनों ने भी जीत हासिल की।

सत्तारूढ़ भाजपा ने मध्य प्रदेश में खंडवा लोकसभा सीट बरकरार रखी और कांग्रेस से जोबट (सुरक्षित) और पृथ्वीपुर विधानसभा सीटें छीन ली, लेकिन रायगांव (सुरक्षित) सीट विपक्षी दल को गंवा दी।

भाजपा ने असम में भी अपनी स्थिति मजबूत की क्योंकि उसके गठबंधन ने सभी पांच विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की। इसमें से भाजपा को तीन सीटें मिलीं जबकि उसके सहयोगी यूपीपीएल ने दो सीटों पर जीत हासिल की।

इसने तेलंगाना में एक सीट हासिल की। वहीं भाजपा के सहयोगी जद (यू) ने बिहार में दो सीटें बरकरार रखीं।

पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉलर ई. लिंगदोह ने मेघालय के मावफलांग निर्वाचन क्षेत्र से जीत गए।

राजस्थान में, जहां कांग्रेस ने एक सीट बरकरार रखी और भाजपा से एक सीट छीन ली, भाजपा के उम्मीदवार न केवल उपचुनाव हार गए, बल्कि धारियावाड़ और वल्लभनगर निर्वाचन क्षेत्रों में क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर रहे।

इंडियन नेशनल लोक दल (इनेलो) के नेता अभय सिंह चौटाला हरियाणा के एलेनाबाद विधानसभा उपचुनाव में फिर से निर्वाचित हुए। उन्होंने केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी थी।

 

कर्नाटक में भाजपा ने जद (एस) से सिंडगी विधानसभा सीट छीन ली लेकिन हंगल सीट पर कांग्रेस से हार गई। इसे मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि हंगल सीट हावेरी जिले में उनके शिगगांव विधानसभा क्षेत्र के बगल में है और उन्होंने वहां काफी प्रचार किया था।

मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के बाद बोम्मई के लिए यह पहली बड़ी चुनावी चुनौती भी थी।

हालांकि, हिमाचल प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा को सबसे बड़ा झटका लगा क्योंकि वहां पार्टी ने मंडी सीट कांग्रेस को गंवा दी जो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का गृह जिला है। कांग्रेस ने एक विधानसभा सीट भी छीन ली और दो अन्य को बरकरार रखा। राज्य में विधानसभा चुनाव अगले साल दिसंबर में होने हैं।

कांग्रेस ने उपचुनाव परिणामों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और उन्हें अहंकार छोड़ने, तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने और पेट्रोल और डीजल पर ‘‘लूट’’ रोकने के लिए कहा।

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘‘कांग्रेस की हर जीत, हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं की जीत है। नफ़रत के ख़िलाफ़ लड़ते रहो। डरो मत!’’

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी और 'लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में भाजपा और राजग की जीत के लिए लोगों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकारें अंत्योदय के मूल मंत्र पर चलकर लोगों के समग्र विकास के लिए लगातार प्रतिबद्ध हैं।’’

इन 29 सीटों में से पांच असम में, चार पश्चिम बंगाल में, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और मेघालय में तीन-तीन-तीन, बिहार, कर्नाटक और राजस्थान में दो-दो और आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मिजोरम और तेलंगाना में एक-एक सीट थीं।

 

भाजपा ने पहले इनमें से लगभग आधा दर्जन निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की थी, कांग्रेस के पास नौ सीटें थीं, जबकि शेष क्षेत्रीय दलों के पास थीं।

इस उपचुनाव के तहत मतदान गत 30 अक्टूबर को हुआ था। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इन उपचुनावों को देश में राजनीतिक मिजाज का भांपने का एक अवसर माना जा रहा था। वैसे 2022 में हिमाचल प्रदेश को मिलाकर कुल सात राज्यों में चुनाव होने हैं।

      असम:

      भाजपा के फणीधर तालुकदार ने भबानीपुर सीट से, रूपज्योति कुर्मी ने मरियानी सीट से और सुशांत बरगोहाइ ने थोवरा सीट से जीत दर्ज की।

      गोसाईगांव और तामुलपुर में भाजपा की सहयोगी यूपीपीएल ने जीत दर्ज की।

      आंध्र प्रदेश:

      दिवंगत विधायक वेंकट सुब्बैया की पत्नी एवं सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस की दसारी सुधा ने पार्टी के लिए बडवेल (सु) विधानसभा सीट बरकरार रखी। उन्होंने भाजपा के पी. सुरेश को 90,000 मतों के अंतर से हराया।

      बिहार:

      बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जद (यू) ने तारापुर और कुशेश्वर स्थान, दोनों विधानसभा सीटों पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

      हरियाणा:

      इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने भाजपा के गोबिंद कांडा को 6,700 से अधिक मतों के अंतर से हराया।

      हिमाचल प्रदेश:

      विपक्षी कांग्रेस ने फतेहपुर और अर्की विधानसभा सीटों को बरकरार रखा जबकि जुब्बल-कोटखाई सीट भाजपा से छीन ली।

       मंडी लोकसभा सीट पर प्रतिभा सिंह को 3,69,565 वोट मिले जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी कौशल ठाकुर को 3,62,075 वोट मिले।

      सत्तारूढ़ भाजपा उम्मीदवार ने जुब्बल-कोटखाई में अपनी जमानत गंवा दी। भाजपा के एक बागी ने जीत दर्ज की जिसके पिता पहले इस सीट से विधायक थे।

      कर्नाटक:

      भाजपा ने सिंडगी विधानसभा सीट जद (एस) से छीन ली लेकिन हंगल सीट कांग्रेस से हार गई।

      मध्य प्रदेश:

      भाजपा ने कांग्रेस से दो विधानसभा सीटों - पृथ्वीपुर 15,687 मतों के अंतर से और जोबाट (सुरक्षित) को 6,104 मतों के अंतर से जीत ली, लेकिन रायगांव (सु) सीट विपक्षी दल को गंवा दी।

      खंडवा लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी ज्ञानेश्वर पाटिल ने कांग्रेस के राजनारायण सिंह पूर्णी को हराया।

      महाराष्ट्र:

      कांग्रेस ने देगलुर (सु) विधानसभा सीट बरकरार रखी और उसके उम्मीदवार जितेश रावसाहेब अंतापुरकर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के सुभाष पिराजीराव सबने को 41,917 मतों के अंतर से हराया।

   मेघालय:

      एनपीपी के नेतृत्व वाले मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस और मजूबत हुई क्योंकि उसने तीनों विधानसभा सीटें जीत लीं।

      मुख्य निर्वाचन अधिकारी एफआर खार्कोंगोर ने कहा कि नेशनल पीपुल्स पार्टी ने कांग्रेस से राजाबाला और मावरिंगनेंग सीटें छीन लीं, जबकि एमडीए सरकार में सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी ने मावफलांग में जीत हासिल की।

      मिजोरम:

      सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने मिजोरम की तुइरियाल विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में पड़े कुल 14,593 मतों में से 39.96 प्रतिशत हासिल करके जीत हासिल की।

      राजस्थान:

      राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने भाजपा से धारियावाड़ (सु) सीट छीन ली और वल्लभनगर विधानसभा सीट बरकरार रखी।

      पश्चिम बंगाल:

      उदयन गुहा ने केंद्रीय गृह, खेल और युवा मामलों के राज्य मंत्री निसिथ प्रमाणिक द्वारा खाली की गई दिनहाटा सीट पर 1.64 लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की।

      गोसाबा में टीएमसी के सुब्रत मंडल ने अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के पलाश राणा को 1.43 लाख से अधिक मतों से हराया।

      टीएमसी के ब्रज किशोर गोस्वामी ने भाजपा के निरंजन बिस्वास को हराकर शांतिपुर सीट जीत ली।

      ममता बनर्जी के विश्वासपात्र सोवनदेब चट्टोपाध्याय, जिन्होंने पहले उपचुनाव लड़ने के लिए भवानीपुर सीट खाली की थी, खरदाहा से अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा के जॉय सिन्हा को 93,832 मतों से हराया।

 

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