NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
चुनाव 2022
भारत
राजनीति
उपचुनाव:  6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान
उत्तर प्रदेश की आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा सीट समेत 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में 23 जून को मतदान होंगे।
रवि शंकर दुबे
27 May 2022
election

पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को भारी जीत मिली थी। हालांकि समाजवादी पार्टी ने साल 2017 से कुछ बेहतर प्रदर्शन किया। इन चुनावों में वरिष्ठ नेता आज़म खान रामपुर सीट से तो पहली बार विधानसभा चुनाव में उतरे अखिलेश यादव को करहल सीट सीट से विधायक चुना गया था। हालांकि अखिलेश आज़मगढ़ से और आज़म खान रामपुर लोकसभा सीट से सांसद थे। लेकिन दोनों ने विधायक बने रहने का फैसला किया और संसदीय पद से इस्तीफा दे दिया जिसके बाद प्रदेश की दोनों सीटें खाली हो गई थीं।

रामपुर और आज़मगढ़ के अलावा चुनाव आयोग ने देश की एक और लोकसभा सीट पर चुनावी तारीख़ का ऐलान कर दिया है। इसके साथ सात विधानसभा सीटों पर भी उपचुनाव कराए जाएंगे। यानी उत्तर प्रदेश समेत देश के पांच राज्यों में तीन लोकसभा और सात विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं।

इन उपचुनावों के लिए उम्मीदवार 30 मई यानी सोमवार से अपना नामांकन भर सकेंगे और नामांकन की आख़िरी तारीख 6 जून यानी सोमवार ही तय की गई है। इसके अलावा 23 जून को सभी निर्वाचन क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे जबकि 26 जून यानी रविवार को मतों को ग़िनती होगी।

चुनाव आयोग का तय कार्यक्रम:

  • नामांकन भरने की तारीख 30 मई।
  • नामांकन भरने की आख़िरी तारीख 6 जून।
  • नामांकन की स्क्रूटनी 7 जून।
  • नामांकन वापस लेने की आख़िरी तारीख 9 जून।
  • चुनाव की तारीख 23 जून।
  • वोटों की गिनती 26 जून।

दो राज्यों की जिन तीन लोकसभा सीटों पर चुनाव होने हैं:

  • पंजाब की संगरूर लोकसभा सीट।
  • यूपी की रामपुर लोकसभा सीट।
  • यूपी की आज़मगढ़ लोकसभा सीट।

जिन चार राज्यों की विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं:

  • त्रिपुरा की अगरतला विधानसभा सीट।
  • त्रिपुरा की टाउन बोरडोवली विधानसभा सीट।
  • त्रिपुरा की सुरमा(एससी) विधानसभा सीट।
  • त्रिपुरा की जुबारानगर विधानसभा सीट।
  • आंध्र प्रदेश की अटमाकुर विधानसभा सीट।
  • दिल्ली की राजिंदर नगर विधानसभा सीट।
  • झारखंड की मांडर(एससी) विधानसभा सीट।

अब एक-एक कर प्रमुख लोकसभा और विधानसभा सीटों की बात करेंगे...

पंजाब की संगरूर लोकसभा सीट

साल 2019 के लोकसभा चुनावों में भगवंत मान इस सीट से विधायक सांसद चुनकर आए थे, लेकिन हालही में आम आदमी पार्टी के पंजाब जीतने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री बना दिया गया, जिसके बाद ये सीट खाली हो गई थी। यानी ये कहा जा सकता है कि इस सीट पर अब भी आम आदमी पार्टी की ही दावेदारी मज़बूत दिख रही है। इसके बावजूद सभी पार्टियों ने अपना ज़ोर दिखाना शुरु कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस से हालही में भाजपा के खेमे में पहुंचे सुनील जाखड़ को भाजपा इस सीट से टिकट दे सकती है। वहीं शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान संगरूर लोकसभा सीट के हो रहे उपचुनाव में उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरेंगे। यह फैसला पार्टी की राजसी मामलों की कमेटी पीएस की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। वहीं कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार फिलहाल तय नहीं हैं।

उत्तर प्रदेश की आज़मगढ़ विधानसभा सीट

पिछले लोकसभा चुनावों में अखिलेश यादव ने अज़ामगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव जीता था, यहां की जनता ने उन्हें संसद भेजा था। हालांकि जब साल 2022 में विधानसभा चुनाव हुए तब उन्होंने भाजपा को हराने के लिए ख़ुद करहल सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया और जीत गए। जिसके बाद उन्होंने संसदीय पद से इस्तीफा दे दिया और आज़मगढ़ सीट खाली कर दी। अब कयास लगाए जा रहे हैं कि वो इस सीट से डिंपल यादव को मैदान में उतार सकते हैं, क्योंकि पहले डिंपल को राज्यसभा भेजे जाने की उम्मीद थी, लेकिन अब उनकी जगह जयंत चौधरी ने पर्चा भर दिया है। ऐसे में डिंपल को मैदान में उतारने की तैयारी है। हालांकि भाजपा और कांग्रेस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। आजमगढ़ लोकसभा सीट पर करीब 19 लाख मतदाता हैं, जिसमें सबसे ज्यादा करीब साढ़े चार लाख यादव वोटर हैं। मुस्लिम और दलित तीन-तीन लाख हैं जबकि शेष अन्य जाति के हैं। ओबीसी में यादव जिस तरह से सपा के कोर वोटर हैं तो वहीं दलितों में बसपा का मूल वोटबैंक माने जाने वाले जाटवों की संख्या अधिक है। बसपा ने शाह आलम उर्फ गुड्डू जमाली को प्रत्याशी बनाकर मुस्लिम व दलित को एकजुट रखने का दांव पहले ही चल दिया है।

आज़मगढ़ लोकसभा सीट

उत्तर प्रदेश के लिहाज़ से आज़मगढ़ लोकसभा बेहद महत्वपूर्ण सीट है, खासकर समाजवादी पार्टी के लिए। क्योंकि समाजवादी पार्टी के आज़म खान यहां से लगातार चुनाव जीतते आए हैं। हालांकि बीते विधानसभा चुनावों में आज़म खान रामपुर से लड़े थे और विधायक बने थे। जिसके बाद उन्होंने संसदीय पद से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद ये सीट खाली हो गई थी। फिलहाल इस सीट पर पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों का अभी कोई भी आइडिया नहीं दिया है। इसके बावजूद यहां होने वाले लोकसभा चुनाव बेहद दिलचस्प ही होंगे।

दिल्ली की राजिंदर नगर विधानसभा सीट

आम आदमी पार्टी के विधायक रहे राघव चड्ढा के इस्तीफे के बाद ये सीट खाली हुई है। राघव चड्ढा अब संसद के उच्च सदन यानि राज्यसभा के सदस्य हैं। विधानसभा उपचुनाव के लिए इस सीट पर 6 जून तक उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं। चुनाव की तारीखों के एलान के बाद अब तीन प्रमुख दल आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और बीजेपी किसे अपना उम्मीदवार घोषित करती हैं, ये देखना दिलचस्प होगा।

झारखंड की मांडर विधानसभा सीट

कांग्रेस विधायक बंधु तिर्की, मांडर विधानसभा से विधायक थे। आय से अधिक संपत्ति मामले में CBI की स्पेशल कोर्ट ने बंधु तिर्की को दोषी पाया था। इसके तहत कोर्ट ने तीन साल की सजा और तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। तीन साल की सजा मिलने पर विधायक बंधु तिर्की की विधायकी खत्म हो गयी। इस संबंध में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष ने भी आदेश जारी किये थे। बंधु तिर्की की विधायकी खत्म होने के साथ ही मांडर विधानसभा सीट खाली हो गयी थी। इसके बाद से उपचुनाव की चर्चा क्षेत्र में तेज थी।

इन उपचुनावों में खासकर उत्तरप्रदेश की रामपुर और आज़मगढ़ सीट पर होने वाले लोकसभा चुनावों में सबकी निगाहें होंगी। क्योंकि यहां पहले से ही समाजवादी का गढ़ माना जाता है, लेकिन भाजपा किसी भी सूरत में इन सीटों को जीतने की कोशिश करेगी। फिलहाल सभी चीजें 26 जून को फाइनल हो जाएंगी।

Lok Sabha Elections
bye-elections- assembly elections
Uttar pradesh

Related Stories

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

विधानसभा चुनाव परिणाम: लोकतंत्र को गूंगा-बहरा बनाने की प्रक्रिया

पक्ष-प्रतिपक्ष: चुनाव नतीजे निराशाजनक ज़रूर हैं, पर निराशावाद का कोई कारण नहीं है

यूपी चुनावः सत्ता की आखिरी जंग में बीजेपी पर भारी पड़ी समाजवादी पार्टी

यूपी चुनाव: आजीविका के संकट के बीच, निषाद इस बार किस पार्टी पर भरोसा जताएंगे?

यूपी चुनाव: सोनभद्र के गांवों में घातक मलेरिया से 40 से ज़्यादा लोगों की मौत, मगर यहां के चुनाव में स्वास्थ्य सेवा कोई मुद्दा नहीं

बनारस का रण: मोदी का ग्रैंड मेगा शो बनाम अखिलेश की विजय यात्रा, भीड़ के मामले में किसने मारी बाज़ी?

ग्राउंड रिपोर्ट: जंगीपुर-ज़हूराबाद में आवारा पशु, बेरोज़गारी खा गई मोदी-योगी का प्रचार

यूपी चुनावः बनारस के सियासी अखाड़े में दिग्गजों पर भारी पड़ीं ममता, भाजपा को दे गईं गहरी चोट

यूपी चुनाव: क्या भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकते हैं सिटिंग विधायक?


बाकी खबरें

  • भरत डोगरा
    जब तक भारत समावेशी रास्ता नहीं अपनाएगा तब तक आर्थिक रिकवरी एक मिथक बनी रहेगी
    26 Mar 2022
    यदि सरकार गरीब समर्थक आर्थिक एजेंड़े को लागू करने में विफल रहती है, तो विपक्ष को गरीब समर्थक एजेंडे के प्रस्ताव को तैयार करने में एकजुट हो जाना चाहिए। क्योंकि असमानता भारत की अर्थव्यवस्था की तरक्की…
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,660 नए मामले, संशोधित आंकड़ों के अनुसार 4,100 मरीज़ों की मौत
    26 Mar 2022
    बीते दिन कोरोना से 4,100 मरीज़ों की मौत के मामले सामने आए हैं | जिनमें से महाराष्ट्र में 4,005 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा गया है, और केरल में 79 मरीज़ों की मौत के संशोधित आंकड़ों को जोड़ा…
  • अफ़ज़ल इमाम
    सामाजिक न्याय का नारा तैयार करेगा नया विकल्प !
    26 Mar 2022
    सामाजिक न्याय के मुद्दे को नए सिरे से और पूरी शिद्दत के साथ राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में लाने के लिए विपक्षी पार्टियों के भीतर चिंतन भी शुरू हो गया है।
  • सबरंग इंडिया
    कश्मीर फाइल्स हेट प्रोजेक्ट: लोगों को कट्टरपंथी बनाने वाला शो?
    26 Mar 2022
    फिल्म द कश्मीर फाइल्स की स्क्रीनिंग से पहले और बाद में मुस्लिम विरोधी नफरत पूरे देश में स्पष्ट रूप से प्रकट हुई है और उनके बहिष्कार, हेट स्पीच, नारे के रूप में सबसे अधिक दिखाई देती है।
  • अदिति निगम
    25 मार्च, 2020 - लॉकडाउन फ़ाइल्स
    26 Mar 2022
    दो साल पहले भारत के शहरों से प्रवासी परिवारों का अब तक का सबसे बड़ा पलायन देखा गया था। इसके लिए किसी भी तरह की बस या ट्रेन की व्यवस्था तक नहीं की गयी थी, लिहाज़ा ग़रीब परिवार अपने गांवों तक पहुंचने…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License