NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
पटना सीएए-एनआरसी विरोध : आमिर के फ़रार क़ातिल ने किया आत्मसमर्पण 
सीएए-एनआरसी के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण विरोध मार्च पर सुनियोजित हमले के पीछे विनोद का दिमाग़ काम कर रहा था जो हिंदू समाज संगठन ज़िलाध्यक्ष है। 
मोहम्मद इमरान खान
10 Jan 2020
Translated by महेश कुमार
आमिर
आमिर

पटना: 21 दिसंबर को पटना के फुलवारी शरीफ़ में सीएए-एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान 18 वर्षीय आमिर हंजला की हत्या कर फ़रार हुए मुख्य आरोपी और हिंदू समाज संगठन के नेता विनोद नोनिया ने अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है और पुलिस के समक्ष कथित तौर पर अपना गुनाह कबूल कर लिया है।

फुलवारी शरीफ़ पुलिस स्टेशन के एक पुलिस अधिकारी ने दावा किया है कि पिछले 18 दिनों से फ़रार विनोद ने पुलिस के दबाव में स्थानीय अदालत में आत्मसमर्पण किया है, क्योंकि पुलिस ने दो दिन पहले उसके घर के बाहर कुर्की का नोटिस चिपका दिया था। अगर वह आत्मसमर्पण नहीं करता तो पुलिस गुरुवार को उसके घर की कुर्की कर देती।

पुलिस अधिकारी ने कहा, “विनोद जो हिंदू समाज संगठन का ज़िला अध्यक्ष है, ने ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा आह्वान किए गए राज्यव्यापी बंद के दौरान सीएए-एनआरसी के ख़िलाफ़ शांतिपूर्ण विरोध मार्च पर सुनियोजित हमले की योजना बनाई थी। उन्होंने आमिर हंजला की उस वक़्त हत्या कर दी थी जब वह संगत गली (बायलेन) से अपनी सुरक्षा के लिए दौड़ रहे थे; उस वक़्त आरोपियों ने प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलियां भी बरसाई थी।"

एक अन्य पुलिस अधिकारी ने न्यूज़क्लिक को बताया कि विनोद विरोध मार्च पर हमला करके फुलवारी शरीफ़ में सांप्रदायिक माहौल ख़राब करने की साज़िश बना रहा था। इसका खुलासा लगभग एक दर्जन उन अन्य लोगों ने भी किया जिन पर आरोप है कि वे आमिर की हत्या में शामिल थे। उन्होंने पुलिस को बताया कि सीएए-एनआरसी के ख़िलाफ़ विरोध मार्च में भाग लेने के ख़िलाफ़ विनोद ने नागेश सम्राट, दीपक और दो अन्य लोगों के साथ, पहले आमिर को जबरन पकड़ लिया फिर बड़ी बेरहमी से उसके सिर पर बैट से हमला किया और उसे बेरहमी से चाकू गोद कर मार दिया।

उन्होंने कहा,  “सीएए-एनआरसी के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शनों से कुछ दिन पहले ही, विनोद ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय समर्थकों की एक बैठक बुलाई थी और आवश्यकता पड़ने पर विरोध मार्च पर हमला करने और हिंसा का इस्तेमाल करने का फ़ैसला किया था। विनोद ने इन हमलों में मुख्य भूमिका निभाई और कुछ स्थानीय महिलाओं को भी शामिल किया, जिन्होंने विरोध मार्च में पथराव किया था, जिसके चलते हिंसक झड़पें हुईं और परिणामस्वरूप आमिर की हत्या हो गई।”

इस मामले में पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ़्तार किया है; विनोद सहित तीन लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। इस वक़्त हमले के सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। अधिकांश आरोपी ग़ैर-क़ानूनी शराब का धंधा करते हैं। पुलिस ने इस मामले में गिरफ़्तार किए गए आरोपियों में से एक चेतु कुमार से एक पिस्तौल और पांच ज़िंदा कारतूस और एक हाथ ठेला बरामद किया है जिस पर आमिर के शव को ले जाया गया था। आमिर के मारे जाने के 10 दिन बाद उनका क्षत-विक्षत शव फुलवारी शरीफ़ ब्लॉक और डीएसपी कार्यालयों के क़रीब झाड़ियों से घिरे एक छोटे से तालाब में मिला था।

पुलिस की पूछताछ के दौरान, गिरफ़्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि विनोद ने उन्हें आदेश दिया था कि विरोध मार्च को किसी भी कीमत पर संगत गली के इलाक़े से न गुज़रने दिया जाए। इसकी तैयारी के लिए, विनोद ने बाहर से फ़ंड इकट्ठा किया था; और टूटी हुई ईंटों और पत्थरों के ट्रैक्टर भरे लोड को छतों पर पहुंचाया था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों पर हमले के लिए बंदूक की व्यवस्था भी की गई थी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विनोद एक हिस्ट्रीशीटर है और पहले भी कई बार गंभीर अपराधों में जेल जा चुका है। इस ताज़ा घटना से पहले उस पर हत्या सहित 14 मामले दर्ज हैं।

इसके पहले, पुलिस ने हिंदू पुत्र संगठन के जिला अध्यक्ष नागेश सम्राट को गिरफ़्तार कर लिया था, जो प्रदर्शनकारियों पर हमले की साज़िश रचने और आमिर और एक अन्य मुख्य व्यक्ति की हत्या के मुख्य अभियुक्तों में से एक है।

चल रही जांच में, पुलिस को हिंदू समाज संगठन और हिंदू पुत्र संगठन द्वारा सोशल मीडिया पर डाला गया भड़काऊ वीडियो भी मिला है जिसे सीएए-एनआरसी के ख़िलाफ़ मार्च होने के पहले डाला गया था जो खुले रूप से हिंसा की धमकी दे रहा था।

नागेश ने 17 दिसंबर को, यानी प्रदर्शनकारियों पर हुए हिंसक हमले से चार दिन पहले, सोशल मीडिया पर एक भड़काऊ वीडियो पोस्ट किया था जिसमें उन्होंने "गोधरा की पुनरावृत्ति" की धमकी दी थी। 

उन्होंने वीडियो में कहा था, “आपने बसें और ट्रेनें जला दी हैं। कल, अगर गोधरा कांड दोबारा से होता है, तो यह मत कह देना कि मोदीजी (नरेंद्र मोदी) एक खलनायक हैं।”

आमिर के परिवार के सदस्यों ने बार-बार कहा कि दक्षिणपंथी हिंदुत्व संगठनों से जुड़े युवाओं के एक समूह जिनके आरएसएस के साथ क़रीबी रिश्ते हैं ने उन पर हमला किया है और उनकी हत्या कर दी। सीएए-एनआरसी के ख़िलाफ़ चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान बिहार से आमिर पहले हताहत हुए युवा हैं। फुलवारी शरीफ़ में ताम पाड़ो के पास संगत गाली (एक बाईलेन) में उनका क़त्ल होने से पहले आमिर को अपने हाथों में राष्ट्रीय झण्डा लहराते देखा गया था।

यहाँ यह ध्यान देने की बात है कि संगत इलाके को आमतौर पर आरएसएस के महत्वपूर्ण प्रभाव और "अपराधियों के गढ़" के रूप में जाना जाता है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े सरस्वती विद्या मंदिर के पास चलने वाला एक स्कूल इलाक़े को फुलवारी शरीफ़ कहने के बजाय  "फुलवारी श्री" कहता है, क्योंकि यह नाम एक लोकप्रिय मुस्लिम संत की समाधि से आया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, आज तक फुलवारी शरीफ़ से 62 से अधिक लोगों को शांतिपूर्वक विरोध मार्च पर हुए हमले के सिलसिले में गिरफ़्तार किया जा चुका है, जिसमें दो समूहों के बीच झड़पें हुईं थी और छह लोग बंदूक की गोली से घायल हो गए थे, दो लोग चाकू से घायल हुए हैं, और लगभग एक दर्जन लोग पथराव और ईंट के हमले में घायल हुए हैं। मौजूदा तनाव को देखते हुए फुलवारी शरीफ़ में विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर सशस्त्र सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

Phulwari Sharif
Bihar
CAA
NRC
anti-NRC protests
Hindu Samaj Sangathan

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • इज़रायल और क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग गठित
    पीपल्स डिस्पैच
    इज़रायल और क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में मानवाधिकारों के उल्लंघन की जांच के लिए तीन सदस्यीय आयोग गठित
    23 Jul 2021
    तीन सदस्यीय जांच आयोग का नेतृत्व नवी पिल्ले करेंगे जो 2008-2014 के बीच यूएनएचआरसी के प्रमुख थे।
  • 400 से अधिक पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, बुद्धिजीवियों की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से क्यूबा पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग
    पीपल्स डिस्पैच
    400 से अधिक पूर्व राष्ट्राध्यक्षों, बुद्धिजीवियों की अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन से क्यूबा पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग
    23 Jul 2021
    400 से अधिक हस्तियों द्वारा हस्ताक्षरित एक खुला पत्र अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के दौरान क्यूबा पर लगाए गए 243 एकतरफ़ा प्रतिबंधों को हटाने की मांग करता है जिसने इस द्वीप…
  • अध्ययन के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर ‘विभाजन के बाद की सबसे भयावह त्रासदी’, सरकार ने किया आंकड़े से इंकार
    दित्सा भट्टाचार्य
    अध्ययन के मुताबिक भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर ‘विभाजन के बाद सबसे बड़ी त्रासदी’, सरकार का आंकड़े से इंकार
    23 Jul 2021
    रिपोर्ट में कहा गया है, “वास्तविक मौतों का आंकड़ा कई लाखों में होने का अनुमान है, न कि कुछ लाख में, जो इसे यकीनन विभाजन और स्वतंत्रता के बाद से भारत की सबसे भयावह मानवीय त्रासदी बना देता है।” 
  • अयोध्या में बीएसपी के कार्यक्रम का पोस्टर। बीएसपी नेता सतीश चंद्र मिश्रा के ट्विटर हैंडल से साभार
    असद रिज़वी
    दलित+ब्राह्मण: क्या 2007 दोहरा पाएगी बीएसपी?
    23 Jul 2021
    पार्टी अपने 2007 के सोशल इंजीनियरिंग के प्रयोग को दोहराने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये इस बार इतना आसान नहीं होगा। एक विश्लेषण...
  • ज़मीन और आजीविका बचाने के लिए ग्रामीणों का विरोध, गुजरात सरकार वलसाड में बंदरगाह बनाने पर आमादा
    दमयन्ती धर
    ज़मीन और आजीविका बचाने के लिए ग्रामीणों का विरोध, गुजरात सरकार वलसाड में बंदरगाह बनाने पर आमादा
    23 Jul 2021
    वलसाड में उमरागाम तालुक के स्थानीय लोग प्रस्तावित बंदरगाह के निर्माण का विरोध 1997 से ही करते आ रहे हैं, जब पहली बार इसकी घोषणा की गई थी। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License