NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक : ‘सर्वदलीय बैठक’ में सारे दल नहीं!
भारत-चीन सीमा संघर्ष मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आप और राजद समते कुछ पार्टियों को आमंत्रित नहीं किए जाने पर विवाद हो गया है।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Jun 2020
CARTOON CLICK

आम आदमी पार्टी (आप), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) इत्यादि कई पार्टियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चीन के साथ सीमा संघर्ष मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया है।


आप नेता संजय सिंह ने कहा कि पार्टी की दिल्ली में सरकार है और पंजाब में वह मुख्य विपक्षी पार्टी है फिर भी भाजपा को उसके विचार नहीं चाहिए।

सिंह ने संवाददाताओं से कहा, “केंद्र की भाजपा सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर हर किसी को साथ लेकर चलना चाहिए। यह लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि तीन बार के मुख्यमंत्री को एक महत्त्वपूर्ण विषय पर सुझाव के लिए नहीं बुलाया गया।”

आप नेता एवं दिल्ली के मंत्री गोपाल राय ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आप को नहीं बुलाया गया है।

उन्होंने कहा, “सभी दलों को साथ लेने के बावजूद, भाजपा गणितीय फार्मूला का प्रयोग कर यह तय कर रही है कि किसे बुलाना है और किसे नहीं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।”

पहले सूत्रों ने कहा कि जिन पार्टियों के लोकसभा में पांच से अधिक सांसद हैं, उन्हें इस बैठक में शामिल होने का न्योता दिया गया है। लेकिन दूसरी ओर टीडीपी को चार सांसद होने के बावजूद न्योता मिला है।

 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

 

BJP
AAP
RJD
Narendra modi
all party meeting
indo-china

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • jharkhand
    अनिल अंशुमन
    झारखंड: खूंटी के आदिवासी गांवों में ‘ड्रोन सर्वे’ को लेकर विरोध, प्रशासन के रवैये से तनाव
    31 Dec 2021
    एआईपीएफ़ की फ़ैक्ट फाइंडिंग टीम ने झारखंड ग्रामीण विकास मंत्री को वस्तुस्थिति की रिपोर्ट सौंपी।
  • Shaheen Bagh : Loktantra Ki Nai Karavat
    राज वाल्मीकि
    ‘शाहीन बाग़; लोकतंत्र की नई करवट’: एक नई इबारत लिखती किताब
    31 Dec 2021
    दिल्ली में पत्रकार भाषा सिंह की नई किताब ‘शाहीन बाग़ : लोकतंत्र की नई करवट’ का विमोचन और चर्चा। वक्ताओं ने कहा, "यह किताब एक ज़िन्दा दस्तावेज़ है, जो शाहीन बाग़ को हमेशा ज़िन्दा रखेगी।"
  • Drone warfare
    पीपल्स डिस्पैच
    ड्रोन युद्ध : हर बार युद्ध अपराधों से बचकर निकल जाता है अमेरिका, दुनिया को तय करनी होगी जवाबदेही
    31 Dec 2021
    द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा हाल में अफ़ग़ानिस्तान और पश्चिमी एशिया में 2014 के बाद से अमरीकी हवाई हमलों में मारे गए हजारों लोगों पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की गई। यह रिपोर्ट रेखांकित करती है कि अब…
  • kisan
    विजय विनीत
    यूपीः धान ख़रीद को लेकर किसानों से घमासान के बाद हड़ताल पर गए क्रय केंद्र प्रभारी
    31 Dec 2021
    चंदौली इलाक़े में धान ही इकोनॉमी का केंद्रबिंदु भी है। सरप्लस उपज के बावजूद इस पूरे इलाक़े में सरकार वैसी ख़रीद नहीं कर पा रही और न ही किसानों को एमएसपी का लाभ मिल पा रहा है।
  • tabrej
    ज़ाकिर अली त्यागी
    झारखंड : मॉब लिंचिंग क़ानून के बारे में क्या सोचते हैं पीड़ितों के परिवार?
    31 Dec 2021
    झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने मॉब लिंचिंग पर लगाम कसने के लिए  'भीड़ हिंसा एवं भीड़ लिंचिंग निवारण विधेयक'क़ानून 21 दिसंबर को सदन से पास करवा लिया है। इस नए क़ानून से मॉब लिंचिंग के पीड़ित व्यक्तियों…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License