NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
CDSCO ने कोवोवैक्स, कोर्बेवैक्स और मोलनुपिराविर के आपात इस्तेमाल को स्वीकृति दी
सीडीएससीओ की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने ‘कोवोवैक्स’ और ‘कोर्बेवैक्स’ को कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति देने की सिफारिश की है। कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (गोली) के आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग की भी सिफारिश की गई थी।
भाषा
28 Dec 2021
CDSCO

नयी दिल्ली: केन्द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ के कोविड-19 रोधी टीके ‘कोवोवैक्स’ और ‘बायोलॉजिकल ई’ कम्पनी के टीके ‘कोर्बेवैक्स’ को कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति दे दी है। साथ ही, कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (गोली) के आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग को भी अनुमति मिल गई है।

आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को बताया था कि सीडीएससीओ की कोविड-19 संबंधी विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने ‘कोवोवैक्स’ और ‘कोर्बेवैक्स’ को कुछ शर्तों के साथ आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति देने की सिफारिश की है। कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ (गोली) के आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग की भी सिफारिश की गई थी।

आपात स्थिति में ‘मोलनुपिराविर’ का उपयोग कोविड-19 के वयस्क मरीजों पर ‘‘एसपीओ2’’ 93 प्रतिशत के साथ किया जा सकेगा और उन मरीजों को यह दवा दी जा सकेगी, जिन्हें बीमारी से बहुत ज्यादा खतरा हो।

सभी सिफारिशों को अंतिम मंजूरी के लिए भारत के औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) के पास भेजा गया था।

आपात स्थिति में टीके के उपयोग के लिए ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (एसआईआई) के आवेदन की सोमवार को दूसरी बार समीक्षा करने वाली सीडीएससीओ की विशेषज्ञ समिति ने गहन अध्ययन के बाद ‘कोवोवैक्स’ के उपयोग की सिफारिश की थी।

एक आधिकारिक सूत्र ने कहा था, ‘‘समिति ने इस बात पर गौर किया कि टीके का निर्माण नोवावैक्स की प्रौद्योगिकी के आधार पर किया गया है और यह सशर्त विपणन प्राधिकरण के लिए यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी द्वारा अनुमोदित है। साथ ही, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने इसे आपात स्थिति में इस्तेमाल की भी मंजूरी दे दी है।’’

एसआईआई में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने इसके संबंध में पहला आवेदन अक्टूबर में दिया था।

डीसीजीआई कार्यालय ने 17 मई को एसआईआई को ‘कोवोवैक्स’ टीके के निर्माण और भंडारण की अनुमति दे दी थी। डीसीजीआई की मंजूरी के आधार पर ही अभी तक पुणे स्थित कम्पनी टीके की खुराक का निर्माण और भंडारण कर रही है।

अगस्त 2020 में, अमेरिका की टीका बनाने वाली कम्पनी ‘नोवावैक्स इंक’ ने एनवीएक्स-सीओवी2373 (कोविड-19 रोधी संभावित टीका) के विकास और व्यावसायीकरण के लिए एसआईआई के साथ एक लाइसेंस समझौते की घोषणा की थी।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 17 दिसंबर को ‘कोवोवैक्स’ टीके के आपात स्थिति में इस्तेमाल की अनुमति दे दी थी।

वहीं, सीडीएससीओ ने कोविड-19 रोधी दवा ‘मोलनुपिराविर’ के आपात स्थिति में नियंत्रित उपयोग को भी स्वीकृति दी है।

अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने हाल ही में ‘मर्क’ कम्पनी की कोविड-19 रोधी ‘मोलनुपिराविर’ दवा को संक्रमण के उन मरीजों के इलाज के लिए अधिकृत कर दिया था, जिन्हें इस बीमारी से खतरा अधिक है।

इससे पहले, नवंबर में ब्रिटेन ने ‘मर्क’ की दवा को सशर्त अधिकृत किया गया था, जो कोविड-19 के सफलतापूर्वक इलाज के लिए बनाई गई पहली गोली है।

पृथक-वास में रहने वाले मामूली या हल्के लक्षण वाले मरीजों को इस गोली को पांच दिन तक दिन में दो बार लेना होगा।

CDSCO
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • Himachal
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    हिमाचल: जलशक्ति विभाग के मज़दूरों ने किया प्रदर्शन, कहा अगर मांगे नहीं मानी तो करेंगे आंदोलन तेज़
    23 Sep 2021
    यूनियन ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि अगर आउटसोर्स कर्मियों को नियमित नहीं किया गया, उनके लिए नीति नहीं बनाई, न्यूनतम वेतन सुनिश्चित न किया तथा उनसे आठ घण्टे से ज़्यादा कार्य लेना बंद न किया गया तो…
  • CPI(M)
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    सोयाबीन, बाजरा और तिल की फसलें बर्बाद, किसानों को उच्चित मुआवज़ा दे सरकार: माकपा
    23 Sep 2021
    माकपा ने कहा है कि सोयाबीन, बाजरा और तिल उत्पादक किसानों को मुआवजे के लिए सिर्फ बीमा कंनियों के भरोसे नहीं छोड़ा जाना चाहिए क्योंकि एक तो सभी किसान सभी फसलों का बीमा करवाते नहीं हैं, दूसरा फसल बीमा…
  •  Kisan Morcha and trade unions
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    “27 सितम्बर के भारत बंद को बिहार के किसान-मज़दूर बनाएंगे ऐतिहासिक”
    23 Sep 2021
    संयुक्त किसान मोर्चा व ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर आहूत 27 सितम्बर के भारत बंद को सफल करने को लेकर भाकपा माले ने एक संयुक्त बैठक की।  माले ने कहा बाढ़, रोजगार और वायरल फीवर के कोहराम के मुद्दे को भी…
  • fact check
    प्रियंका झा
    जोधपुर में 2 परिवारों के बीच मारपीट का वीडियो हिंदू-मुस्लिम ऐंगल के साथ हुआ वायरल
    23 Sep 2021
    राजस्थान का बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया जा रहा है. वीडियो में काफी हिंसा है. कई लोग डंडों से एक व्यक्ति को पीटते हुए दिख रहे है. जिस व्यक्ति को पीटा जा रहा है, उसके बदन से खून बह रहा…
  •  Animals
    संदीपन तालुकदार
    ग्लोबल वार्मिंग के दौरान कई जानवर अपने आकार में बदलाव कर रहे हैं
    23 Sep 2021
    नई रिसर्च में पता चला है कि जानवरों के परिशिष्ट अंग (कान, चंच, पूंछ, पंख आदि) में बदलते पर्यावरण और बढ़ते तापमान के बीच बदलाव आ रहा है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License