NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कोविड-19 : नकली सैनिटाइज़र से है जान को ख़तरा 
पुणे पुलिस ने पिछले पांच दिनों में लगातार दूसरी बार, नकली सैनिटाइज़र बनाने वाले रैकेट का पर्दाफ़ाश किया है।
वर्षा तोरगाल्कर
19 Mar 2020
Translated by महेश कुमार
नकली सैनिटाइज़र

पुणे में 17 मार्च को पुणे पुलिस ने नकली सैनिटाइज़र और 27 लाख रुपये की सामग्री को ज़ब्त कर लिया और छह लोगों को हिरासत में ले लिया है। जब पुलिस ने पुणे की मार्केटयार्ड कार्यशाला में छापा मारा तो निर्माता-विक्रेता कथित तौर पर बोतलों पर ‘मेड इन नेपाल' और 'मेड इन ताइवान' का लेबल लगा रहे थे।

कोविड -19 संक्रमण के फैलने से देश भर में हैंड सैनिटाइज़र और मास्क की मांग में अचानक उछाल आ गया है। और परिणामस्वरूप, "नकली" या आयुर्वेदिक सैनिटाइज़र बाज़ारों में बेचे जा रहे हैं, जो विशेषज्ञों के अनुसार कोरोनोवायरस के ख़िलाफ़ लोगों की रक्षा करने में कोई मदद नहीं कर पाएंगे।

यह दूसरी बार है जब पुणे पुलिस ने पिछले पांच दिनों में नकली सैनिटाइज़र बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इसी तरह की छापेमारी दिल्ली-एनसीआर में भी की जा रही है, जबकि हैदराबाद पुलिस ने भी 1.4 करोड़ रुपये की सामग्री ज़ब्त कर बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है।

सैनिटाइज़र को बनाने का लाइसेंस खाद्य और औषधि प्राधिकरण से ड्रग्स और कॉस्मेटिक अधिनियम 1945 के तहत हासिल किया जा सकता है। सैनिटाइज़र में 60-70 प्रतिशत तक अल्कोहल बेस होता है। महाराष्ट्र के केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के सचिव अनिल बेलकर ने न्यूज़क्लिक को बताया, “ग्राहकों को सैनिटाइज़र ख़रीदने से पहले लाइसेंस नंबर, बैच नंबर, विनिर्माण और समाप्ति तिथि और एमआरपी की जांच करनी चाहिए। इसके अलावा, उन्हें खरीदते वक़्त दुकानदार से रसीद भी मांगनी चाहिए।"

s2.png

जैसा कि विशेषज्ञों ने राय दी है कि साबुन और पानी न उपलब्ध होने पर सैनिटाइज़र का इस्तेमाल किया जा सकता, बहुत से लोगों ने सैनिटाइज़र के बड़े स्टॉक ख़रीदने शुरू कर दिए हैं। कई फ़ार्मेसी के पास अब सैनिटाइज़र का स्टॉक नहीं बचा है।

सैनिटाइज़र और मास्क की क़ीमत, उपलब्धता और गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए, सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम को लागू करते हुए इन वस्तुओं को आवश्यक वस्तु अधिनियम में जोड़ दिया है। लेकिन यह क़ानून भी रैकेटर्स को नकली सैनिटाइजर बेचने से नहीं रोक पाया है।

बेल्कर ने कहा, “मिलावटी सैनिटाइज़र जिसे नकली घोल के साथ मिलाया जाता है उसे नकली स्टिकर लगाकर शुद्ध रूप से नकली सैनिटाइज़र बेचा जा रहा है। केमिस्ट/फ़ार्मासिस्ट ऐसा नहीं करेंगे, लेकिन सौंदर्य प्रसाधन, सामान्य दुकानदार या किराने की दुकान वाले इन्हे बेच सकते हैं। रैकेटियर इन्हे झुग्गी-झोपड़ी या बाहरी इलाके की दुकानों पर बेचने की कोशिश करते हैं जहां एफडीए छापा नहीं मारेगा।''

ललिता यादव, जो एक घरेलू कामगार महिला हैं, जो एकतानगर के पाशन में रहती हैं, ने भी सेनीटाइजर्स  की बोतल खरीदी है, जो लाल रंग की है और 120 रुपए में बिक रही है। ललिता ने कहा, "मैं काम करने के लिए विभिन्न घरों में जाती हूं और इसलिए उन्हे हाथों को साफ करने की जरूरत है।" हालांकि, यह फैंसी-दिखने वाली बोतल अपने स्टिकर पर लाइसेंस नंबर नहीं दिखाती है।

महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के डिप्टी कमिश्नर आर पी चौधरी ने बताया कि एफडीए उन कार्यशालाओं या दुकानों पर छापा मार रहा है, जहां नकली सेनिटाइजर बेचे जा रहे हैं। उन्होंने न्यूज़क्लिक से कहा, “हमारे दस्ते केमिस्ट की दुकानों, सामान्य दुकानों का निरीक्षण कर रहे हैं ताकि यह देखा जा सके कि सैनिटाइज़रस नकली हैं या नहीं। लोगों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि बाजार में नकली सैनिटाइज़रस भी मौजूद हैं।”

उन्होंने ग्राहकों से अपील की कि अगर उनके आस पास नकली सैनिटाइजर आते हैं और जिन्हे उनके इलाके में बेचा जा रहा तो उन्हे एफडीए कार्यालय को सूचित करने की जरूरत है। ग्राहकों की मदद के लिए, पुणे नगर निगम, एफडीए और केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने एक हेल्पलाइन भी शुरू की है, जिसके माध्यम से मास्क और सैनिटाइज़र की होम-डिलीवरी की जा सकती है।

आयुर्वेदिक सैनिटाइज़र के बारे में बात करते हुए, बेल्कर ने कहा, “आयुर्वेदिक उत्पादों की बात करें तो कोई नियम कायदे ही नहीं हैं। और अब, आयुर्वेदिक सेनीटाइजर्स कों हर जगह बेचा जा रहा है। एफडीए को इसकी जांच करनी चाहिए क्योंकि यह साबित नहीं कर पाते हैं कि ये उत्पाद संक्रमण को रोकने के लिए उपयोगी हैं या नहीं।”

सोशल मीडिया पर एलोए, कपूर, आदि के साथ सैनिटाइज़र बनाने के वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं। बेलकर ने कहा, “किसी को नहीं पता कि घर में बने हैंड सैनिटाइटर कितने प्रभावी होते हैं। लोगों को ऐसे उत्पादों कों अपने जोखिम पर ही इस्तेमाल करना चाहिए।”

उन्होंने यह भी मांग की कि स्वास्थ्य मंत्रालय आयुर्वेदिक और घर पर बनाने वाले सेनीटाईजर्स  के बारे में एक सलाह (Advisory) जारी करें। "अन्यथा, यह हजारों की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है।"

पैथोलॉजिस्ट एंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ महाराष्ट्र के सदस्य डॉ॰प्रसाद कुलकर्णी ने ज़ोर देकर कहा कि सरकार को नकली सैनिटाइजर, आयुर्वेदिक सैनिटाइजर और होममेड सैनिटाइजर के बारे में जागरूकता पैदा करने की जरूरत है, क्योंकि ये नकली सैनिटाइजरस लोगों को संक्रमित होने से नहीं बचा पाएंगे।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 को महामारी घोषित कर दिया है। अब तक, 1.98 लाख लोग संक्रमित हैं और 7,991 रोगियों ने वायरस के कारण दम तोड़ दिया है। भारत में अब तक 166 मामले दर्ज किए हैं। देश में वायरस के कारण अब तक तीन की मौत हो चुकी हैं।

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

COVID-19: Fake Sanitisers Could Risk People’s Lives, Homemade Not Effective Either

COVID-19
Coronavirus
novel coronavirus
Pathologists and Microbiologists
Association of Maharashtra
WHO
Homemade sanitisers
Ayurvedic sanitisers
fake sanitisers
Food and Drugs Authority

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • nitish
    शशि शेखर
    क्या बिहार उपचुनाव के बाद फिर जाग सकती है नीतीश कुमार की 'अंतरात्मा'!
    20 Oct 2021
    बिहार विधानसभा की दो सीटों के लिए 30 अक्टूबर को उपचुनाव हो रहे हैं। ये दो सीटें हैं- कुशेश्वरस्थान और तारापुर। दोनों ही सीटें जद(यू) के खाते में थीं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जद(यू) अपनी दोनों…
  • J&K
    जसविंदर सिद्धू
    'कश्मीर में नागरिकों की हत्याओं का मक़सद भारत की सामान्य स्थिति की धारणा को धूमिल करना है'—मिलिट्री थिंक-टैंक के निदेशक
    20 Oct 2021
    मौजूदा हालात सीपीओ (केंद्रीय पुलिस संगठन) बलों के लिए और ज़्यादा समस्यायें पैदा करने वाले इसलिए हैं क्योंकि अब सेना को उन इलाक़ों में तैनात नहीं किया जाता है, जिन इलाक़ों में इमारतें हैं या घनी आबादी…
  • पार्थ एस घोष
    कैसे कश्मीर, पाकिस्तान और धर्मनिर्पेक्षता आपस में जुड़े हुए हैं
    20 Oct 2021
    हिंदुत्व को बढ़ावा देना पाकिस्तान की सैन्य-नौकरशाही एजेंसी द्वारा बिछाए गए जाल में फंसने जैसा है। धर्मनिर्पेक्षता को नकारना दक्षिण एशिया के सामाजिक ताने-बाने की बर्बादी का कारण बन सकता है।
  • Bhutan
    एम. के. भद्रकुमार
    भारत के निर्णयों को प्रभावित करने वाले नैरेटिव और ज़मीनी हक़ीक़त में इतना अंतर क्यों है? 
    20 Oct 2021
    भूटान और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए गुरुवार को थिम्पू में हस्ताक्षरित 'रोडमैप' ने तो भारत के डोकलाम-नैरेटिव में एक बड़ा सुराख कर दिया है, इतना बड़ा कि उस से होकर अब…
  • valmiki
    राज वाल्मीकि
    महर्षि वाल्मीकि जयंती के बहाने स्वच्छकार समाज को धर्मांध बनाए रखने की साज़िश!
    20 Oct 2021
    ये समाज कभी नहीं सोचेगा कि ये आमंत्रित अतिथिगण जिन महर्षि वाल्मीकि जी की इतनी प्रशंसा कर रहे हैं, जिनके पदचिह्नों पर चलने का उपदेश दे रहे हैं, उनकी तस्वीर तक अपने घर में नहीं लगाते हैं। जिस स्वच्छकार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License