NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
स्वास्थ्य
विज्ञान
कोविड-19 उपचार: 3 दवाओं के साथ सॉलिडेरिटी ट्रायल इस बार फिर से आरंभ हो रहा है 
पुनर्प्रयोजन के लिए तीन दवा उम्मीदवारों इमैटिनिब, जो कि एक कैंसर की दवा है; इन्फ्लिक्सीमैब एक एंटीबाडी, और अर्तेसुनेट एक मलेरिया-रोधी दवा है, को शामिल किया गया है।
संदीपन तालुकदार
07 Aug 2021
कोविड-19 उपचार: 3 दवाओं के साथ सॉलिडेरिटी ट्रायल इस बार फिर से आरंभ हो रहा है 
चित्र साभार: साइंसमैग.ओआरजी 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के नेतृत्व में सॉलिडेरिटी ट्रायल एक अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण है, जो गंभीर कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए संभावित दवाओं के पुनर्प्रयोजन को संभव बनाने के लिए नई खोज करता है। पुनर्प्रयोजन की जाने वाली दवाएं वे दवाएं होती हैं जिनका पहले से ही अन्य बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होता आया है, लेकिन ये दवाएं कोविड-19 के खिलाफ भी प्रभावी साबित हो सकती हैं। सॉलिडेरिटी ट्रायल 30 देशों में किया गया अब तक का सबसे बड़ा वैश्विक रैंडमाइज्ड चिकित्सकीय परीक्षण है।

2020 में महामारी की शुरुआत के बाद से ही इस परीक्षण को विभिन्न चरणों में पहले ही क्रियान्वित किया जा चुका है। इस बार, सॉलिडेरिटी ट्रायल की योजना में अस्पताल में भर्ती कोविड-19 मरीजों के उपचार में उनके पुनर्प्रयोजन के लिए तीन दवा उम्मीदवारों के मूल्यांकन को शामिल किया गया है।

ये तीन दवा उम्मीदवार में एक इमैटिनिब है, जो कि एक कैंसर की दवा है; इन्फ्लिक्सीमैब एक एंटीबाडी दवा है और आर्टिसुनेट, एक मलेरिया-रोधी दवा है।

रिपोर्टों के मुताबिक, इन तीन दवा उम्मीदवारों को पहले ही फ़िनलैंड भेजा जा चुका है, जो कि पहला देश है जिसने सभी स्वीकृतियों को मंजूरी दे दी है। जॉन अर्ने रोटिंगेन, जो इस अध्ययन के कार्यकारी समूह की अध्यक्षता कर रहे हैं और नार्वेईयाई सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान से सम्बद्ध हैं, ने टिप्पणी की है: “मुझे उम्मीद है कि वहां पर पहले रोगी को किसी भी दिन भर्ती किया जा सकता है।”

अन्य देशों के भी इस परीक्षण में जल्द ही शामिल होने की उम्मीद है जिसमें 40 से अधिक देशों में नियामकों एवं नैतिक अनुमोदन की मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है।

पहला सॉलिडेरिटी ट्रायल मार्च 2020 में शुरू हुआ था और माना जाता है कि एक दर्जन से अधिक देशों ने कोविड-19 मरीजों के इलाज में दवा की प्रभावकारिता का मूल्यांकन करने के लिए इसमें भाग लिया था।

अक्टूबर 2020 में, परीक्षण ने चार उपचारों पर अंतरिम रिपोर्ट प्रस्तुत की थी, जिसमें से किसी में भी महत्वपूर्ण लाभ नहीं देखने को मिला था। इस परीक्षण में 30 से अधिक देशों के 400 अस्पतालों में से 11,000 मरीजों को शामिल किया गया था। पहले परीक्षण में जिन चार दवाओं को शामिल किया गया था, उनमें एंटी-वायरल दवा रेमडेसिविर; लोपिनविर/रिटोनाविर का संयोजन, जो एचआईवी दवायें हैं और मलेरिया-रोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और इंटरफेरोन बीटा हैं। 

सॉलिडेरिटी ट्रायल अपनेआप में अकेला ऐसा परीक्षण नहीं है जिसे कोविड-19 दवा की प्रभावकारिता का आकलन करने के लिए अपनाया जा रहा है। कई अन्य परीक्षण भी हुए हैं। उदहारण के लिए, यूनाइटेड किंगडम द्वारा संचालित किये गए रिकवरी ट्रायल में गंभीर कोविड मरीजों के उपचार के लिए दो दवा उम्मीदवारों के प्रभावी होने का पता लगाया जा सका है।

डेक्सामेथासोन नामक स्टेरॉयड और एक सस्ती एवं सर्वसुलभ दवा को परीक्षण में भर्ती किये गये मरीजों के बीच में मौतों को एक-तिहाई तक कम कर पाने में प्रभावी पाया गया। जून 2020 में यह परिणाम सामने आया और इसके बाद से ही डेक्सामेथासोन को उपयोग में लिया जा रहा है।

इस वर्ष फरवरी में एक बार फिर से, रिकवरी ट्रायल ने एक अन्य दवा के प्रभावी होने की घोषणा की थी और वह है टोसिलीज़ुमैब। टोसिलीज़ुमैब एक मोनोक्लोनल एंटीबाडी है (एक डिजाइन किया गया एंटीबाडी) और इंटरल्युकिन-6 नामक ज्वलनशील साइटोकाइन अणु को अवरुद्ध करने में सक्षम है। साइटोकिंस प्रोटीन अणु होते हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली (शरीर के रक्षा तंत्र) में शामिल होते हैं। साइटोकाइन शरीर के विभिन्न अंगों में सूजन का कारण बन सकते हैं और कभी-कभी तो ये उच्च प्रतिक्रियाशील प्रतिरक्षा प्रणाली का कारण बन सकते हैं, जो शरीर के लिए घातक साबित हो सकता है। साइटोकाइन तूफ़ान (साइटोकाइन के अधिक स्राव) कोविड-19 मरीजों में गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है।

टोसिलीज़ुमैब को कोविड मरीजों में मौत की दर को कम करने वाला पाया गया। डेक्सामेथासोन और टोसिलीज़ुमैब दोनों ही प्रतिरक्षा का दमन करने के लिए जाने जाते हैं, जिसका अर्थ है कि वे गंभीर रूप से बीमार मरीजों में अति प्रतिक्रियाशील प्रतिरक्षा प्रणाली को शांत रखने में कारगर हैं।

मौजूदा सॉलिडेरिटी ट्रायल के लिए जिन दवाओं पर विचार किया गया है उनका लक्ष्य भी कोरोनावायरस के बजाय प्रतिरक्षा प्रणाली पर केंद्रित है।

इमैटिनिब एक ओरल दवा है जिसका उपयोग ल्यूकेमिया और अन्य प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए किया जाता है। इमैटिनिब को पूर्व में नीदरलैंड में 400 की संख्या में अस्पतालों में भर्ती कोविड-19 रोगियों पर किये गए परीक्षण के आधार पर चुना गया है। परीक्षण के परिणाम को जून 2021 में लैंसेट में प्रकाशित किया गया था और इसमें देखने को मिला है कि मरीजों को वेंटिललेटर पर कम समय बिताना पड़ा है और मृत्यु दर में भी कमी आई है। इमेटिनिब फेफड़ों के सूक्ष्म पोले भाग की रक्षा करता है, यह वह स्थान है जहाँ फेफड़ों से ऑक्सीजन रक्त में स्थानांतरित होता है।

इन्फ्लिक्सीमैब एक एंटीबाडी है और इसे एकल अंतःप्रवेश के तौर पर दिया जाता है। इस दवा को कई प्रकार की सूजन संबंधी परिस्थितियों, जैसे कि गठिया जैसे जोड़ों के रोग, दाहक आंत के रोगों के उपचार के लिए व्यापक स्तर पर उपयोग में लाया जाता है। इस दवा का मूल काम गाँठ क्षय कारक (टीएनएफ) अल्फा को अवरुद्ध करना है। टीएनएफ अल्फा एक महत्वपूर्ण प्रोटीन अणु है जो प्रतिरक्षा प्रणाली में संकेत देने का काम करती है। कुछ अवलोकन संबंधी आंकड़े सुझाते हैं कि यह दवा कोविड-19 रोगियों को बीमारी की गंभीरता से बचाने में प्रभावी साबित हो सकती है।

आर्टिसुनेट का उपयोग मलेरिया परजीवियों के खिलाफ किया जाता है। कुछ प्रयोगशाला के अध्ययनों में इस दवा ने कुछ एंटी-वायरल गतिविधियों को भी दर्शाया है। हालाँकि, सॉलिडेरिटी ट्रायल के तहत इस दवा को शामिल किये जाने के पीछे की मुख्य वजह इस तथ्य पर आधारित है कि आर्टिसुनेट सूजन को कम करने में सहायक साबित हो सकता है। 

पिछले साल अक्टूबर में पहले सॉलिडेरिटी ट्रायल के परिणाम सामने आने के बाद से परीक्षण को दोबारा शुरू करने में काफी समय लगा है। चिकित्सा समुदाय द्वारा नई दवाओं के साथ व्यस्तता के बीच इस सबसे बड़े परीक्षण के परिणामों का बेसब्री से इंतजार रहेगा।

अंग्रेजी में मूल रूप से प्रकाशित लेख को पढ़ने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें। 

COVID-19 Treatment: SOLIDARITY Trial is Restarting with 3 Drugs This Time

Solidarity Trial
Recovery Trial
Imatinib
Infliximab
Artesunate
Lopinavir/Ritonavir
Hydroxychloroquine
Dexamethasone
Tocilizumab
Repurposed Drugs for COVID-19
COVID Drug Trial
WHO Drug Trial for COVID-19

Related Stories


बाकी खबरें

  • CORONA
    न्यूज़क्लिक टीम
    चिंता: कोरोना ने फिर रफ़्तार पकड़ी, देश में 24 घंटों में 2 लाख के क़रीब नए मामले
    12 Jan 2022
    देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,94,443 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 60 लाख 70 हज़ार 233 हो गयी है।
  • Maurya
    मुकुल सरल
    स्वामी प्रसाद मौर्य का जाना: ...फ़र्क़ साफ़ है
    12 Jan 2022
    यह केवल दल-बदल या अवसरवाद का मामला नहीं है, यह एक मंत्री ने इस्तीफ़ा दिया है, वो भी श्रम मंत्री ने। यह योगी सरकार की विफलता ही दिखाता है। इसका जवाब योगी जी से लिया ही जाना चाहिए।
  • CORONA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    तीसरी लहर को रोकने की कैसी तैयारी? डॉक्टर, आइसोलेशन और ऑक्सीजन बेड तो कम हुए हैं : माकपा
    12 Jan 2022
    मध्यप्रदेश में माकपा नेता के अनुसार दूसरी लहर की तुलना में डॉक्टरों की संख्या 1132 से घट कर 705 हो गई है। इसी तरह आइसोलेशन बेड की संख्या 29247 से घटकर 16527 रह गई है। इसी प्रकार ऑक्सीजन बैड भी 28,152…
  • Protest in Afghanistan
    पीपल्स डिस्पैच
    अफ़ग़ानिस्तान में सिविल सोसाइटी और अधिकार समूहों ने प्रोफ़ेसर फ़ैज़ुल्ला जलाल की रिहाई की मांग की
    12 Jan 2022
    काबुल यूनिवर्सिटी में राजनीति विज्ञान और क़ानून पढ़ाने वाले डॉ. जलाल तालिबान और अफ़ग़ानिस्तान के पिछले प्रशासन के आलोचक रहे हैं। उन्होंने महज़ सुरक्षा पर ध्यान दिये जाने की तालिबान सरकार की चिंता की…
  • bjp-rss
    कांचा इलैया शेफर्ड
    उत्तर प्रदेश चुनाव : हौसला बढ़ाते नए संकेत!
    12 Jan 2022
    ज़्यादातर शूद्र, ओबीसी, दलित और आदिवासी जनता ने आरएसएस-भाजपा के हिंदुओं को एकजुट करने के झूठे दावों को संदिग्ध नज़र से देखा है। सपा के अखिलेश यादव जैसे नेताओं को इस असहमति को वोट में बदलने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License