NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
कोविड-19 : अस्पतालों में भारी भीड़ों से तेलुगू सरकारें ख़ौफ़ में 
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की मौजूदा तैयारियों को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि अगर कोविड-19 से संक्रमण का ग्राफ इसी तरह से लगातार बढ़ता रहा तो दोनों राज्यों की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा सकती हैं।
पृथ्वीराज रूपावत
24 Apr 2021
कोविड-19 : अस्पतालों में भारी भीड़ों से तेलुगू सरकारें ख़ौफ़ में 
प्रतीकात्मक  चित्र ।  सौजन्य :  टाइम्स ऑफ इंडिया

कोविड-19 की दूसरी लहर के पूरे देश को अपनी गिरफ्त में ले लेने के साथ, पिछले कुछ हफ्तों में,  अस्पतालों में कोरोना  गंभीर रूप से पीड़ित  मरीजों तक के लिए भी बिस्तरों का अकाल हो गया है। यह आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए विकराल समस्या बन गयी है क्योंकि इन दोनों ही राज्यों में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या रोज ब रोज बढ़ती ही जा रही है। 

ताजा आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, तेलंगाना में बृहस्पतिवार की रात 8 बजे तक, 24 घंटे में कोरोना से संक्रमित होने के 6,206 नये मामले सामने आए हैं। यह एक दिन में पीड़ित होने वाले मरीजों की अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इस अवधि के दौरान, 29 लोगों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही, कोरोना से मरने वालों की तादाद बढ़ कर 1,928 हो गई है। तेलंगाना में कोरोना के 52,726 सक्रिय मामलों की खबर है। इसमें राहत की बात यह है कि अब तक 3.24 लाख लोग कोरोना के संक्रमण से सकुशल उबर गये हैं। 

वृहत्तर हैदराबाद नगरपालिका निगम (जीएचएमसी) ने 22 अप्रैल 2021 तक कोरोना से संक्रमित होने वाले 10,001 लोगों का ब्योरा दर्ज किया है, जो अब तक की सबसे अधिक संख्या है। इसके बाद, तेलंगाना के मेढ़क-मलकाजगिरि, रंगारेड्डी और महबूबनगर जिले कोरोना से अधिक संक्रमित हैं। 

आंध्र प्रदेश बीते शुक्रवार को कोरोना से संक्रमितों होने के एक मिलियन का आंकड़ा पार कर  लिया। राज्य के 13 जिलों में से चार में हर दिन 10,000 से ज्यादा कोरोना के नये मामले सामने आ रहे हैं। यह दर बताती है कि वायरस कितनी तेजी से और कितनी बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। 

हालांकि दोनों राज्यों ने  कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के लिए अपने अस्पतालों के बिस्तरों के ऊपर लाइव डैशबोर्ड लगा रखे हैं जबकि  तेलंगाना के  हैदराबाद में,  सरकारी अस्पतालों के  आईसीयू के  सभी बेड गंभीर मरीजों से भरे पड़े हैं।   जैसा कि स्थानीय मीडिया की खबरों में कहा गया है, कोरोना वायरस से संक्रमित होने वाले की संख्या में बेतहाशा वृद्धि को देखते हुए ऑक्सीजन की सुविधा से लैस बिस्तरों का कोटा भी फुल हो गया है।  यही स्थिति प्राइवेट और कॉरपोरेट अस्पतालों की है,  जहां कोविड-19 के लिए आरक्षित सभी बेड मरीजों से भरे पड़े हैं। उदाहरण के लिए तेलुगू  अखबार इनाडु ने खबर दी है कि हैदराबाद के गचीबोली के  एक प्राइवेट अस्पताल में 50 से अधिक कोविड-19 के मरीजों को  भर्ती कराया गया है,  जो  अस्पताल की देखभाल की वास्तविक क्षमता से कहीं ज्यादा है। 

राज्यों की तैयारियां

आंध्र प्रदेश में अस्पतालों में उपलब्ध बिस्तरों के आधिकारिक आंकड़ों में कहा गया है कि प्रदेश के कुल 13 जिलों के 206 से ज्यादा हॉस्पिटल में कोविड-19 के लिए सुरक्षित किए गए तमाम बिस्तरों, इनमें आइसीयू के बेड, ऑक्सीजन लगे बेड और जनरल वार्ड के बिस्तर भी शामिल हैं, उनमें आधे से अधिक भर गये हैं। इन पर गंभीर रूप से संक्रमितों का इलाज किया जा रहा है। यद्यपि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एकेके श्रीनिवास ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या दोगुनी की जा रही है। 

हालांकि दि न्यूज़ मिनट  ने खबर दी है कि सरकारी डैशबोर्ड पोर्टल में अस्पतालों में  उपलब्ध बिस्तरों की संख्या को लेकर किए गए दावे और वास्तविकता में अंतर है। उदाहरण के लिए रिपोर्ट के मुताबिक “कुरनूल जिले में नादयाल के जिला अस्पताल के लिए, डैशबोर्ड अस्पताल में कुल 74 ऑक्सीजन सुविधा से लैस बेड के होने की जानकारी देता है। इनमें से बुधवार की दोपहर तक 12 मरीजों से भरे होने तथा 62 बेड के उपलब्ध होना बताया गया है। हालांकि अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि कोविड-19 के मरीजों के लिए उस समय कुल 50 ऑक्सीजन बेड उपलब्ध थे, जिनमें 12 पर मरीज भर्ती थे औऱ 38 खाली थे।”

बृहस्पतिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेलंगाना के स्वास्थ्य मंत्री एटेला राजेंद्र ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने रेमडेसिवीर दवा और ऑक्सीजन के सिलेंडर पर्याप्त संख्या में मुहैया नहीं कराए हैं, जैसा कि उसने देश के अन्य राज्यों, जैसे गुजरात को ये सुविधाएं दी हैं। खबर है कि, बृहस्पतिवार को सरकार और दवा की दुकानों में रेमडेसिवीर 100एमजी के इंजेक्शन की मात्र 8,545  खुराकें ही बची हैं, जबकि  अकेले सरकारी अस्पताल में ही रोज 1000 इंजेक्शन लगाये जाते हैं। हालांकि राज्य सरकार ने अपने यहां ऑक्सीजन सिलेंडर की किल्लत न होने देने के लिए दो विमान भी तैनात कर रखे हैं। 

आंध्र प्रदेश में,  विशाखापट्टनम स्टील प्लांट  पिछले साल से ही ऑक्सीजन का मुख्य आपूर्तिकर्ता रहा है। इस लिहाज से यहां ऑक्सीजन की तो कोई कमी नहीं है लेकिन रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कमी हो जाने की खबर है। विशाखापट्टनम पुलिस ने 22 अप्रैल को प्राइवेट अस्पतालों के कई कर्मचारियों को भारी कीमतों पर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते रंगे हाथों पकड़ा था। इसी तरह के मामले दोनों तेलगू राज्यों के सभी जिलों में उजागर हो रहे हैं। 

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की तैयारियों को देखते हुए यही कहा जा सकता है कि अगर कोविड-19 का ग्राफ इसी तरह से लगातार बढ़ता रहा तो दोनों राज्यों की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा सकती हैं।

निजी अस्पतालें

निजी/कॉरपोरेट अस्पतालों में कोविड-19 के संक्रमितों की जांच और उपचार के संबंध में राज्य सरकारों से स्पष्ट दिशा-निर्देश दिये जाने के बावजूद इन सुविधाओं के लिए दोनों राज्यों में मरीजों से मनमाना शुल्क वसूले जाने के बहुतेरे उदाहरण मिल रहे हैं। बृहस्पतिवार को, आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने निजी/कॉरपोरेट अस्पतालों में मनमानी फीस वसूली से संबंधित एक मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से इसे रोकने की दिशा में उठाये गये आवश्यक कदमों के बारे अपना हलफनामा पेश करने को कहा। 
 
टीकाकरण (वैक्सिनेशन) की स्थिति 

तेलंगाना में, 22 अप्रैल तक, 31,59,780 लोगों को कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है। इनमें 2,38,182 स्वास्थ्यकर्मी हैं, अग्रिम मोर्चे पर काम करने वाले 2,21,275 स्वास्थ्यकर्मी हैं और 27,00,323 लाख लोग 45 वर्ष से अधिक आयु के हैं। आंध्र प्रदेश में, बृहस्पतिवार तक, 50.32 लाख लोगों को कोविड-19 का टीका लगाने का काम पूरा हो गया था।
अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें।

अंग्रेज़ी में प्रकाशित मूल आलेख को पढ़ने के लिए नीचे दिये गये लिंक पर क्लिक करें।

COVID-19: Fear Engulfs Telugu State Governments as Healthcare Systems Burst at Seams

COVID-19
Telangana
Andhra pradesh
COVID-19 vaccine
Second Wave
Pandemic
April 2021
Hospital Beds Availability

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • cartoon
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    नया ज्ञान : 2014 में मिली असली आज़ादी!
    21 Nov 2021
    वैसे कंगना ठीक ही कह रहीं हैं। किसी भी सरकार को इतनी आज़ादी आज से पहले, 2014 से पहले कभी भी नहीं मिली थी जितनी 2014 में बनी इस सरकार को मिली हुई है।
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता : 'आसमान में धान जमेगा!'
    21 Nov 2021
    किसान आंदोलन की पहली जीत के मौक़े पर इतवार की कविता में आज पढ़िये रमाशंकर यादव 'विद्रोही' की कविता 'नई खेती...
  • Kashmir
    अनीस ज़रगर
    हैदरपुरा मामला : कश्मीर में शटडाउन के बीच तीसरे निवासी के शव की मांग तेज़
    21 Nov 2021
    मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ और मसर्रत आलम के नेतृत्व में हुर्रियत समूहों द्वारा की गई हड़ताल के मद्देनज़र सभी दुकानें, कार्यालय और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। हुर्रियत समूहों ने हैदरपुरा घटना के पीड़ितों के…
  • kisan andolan
    अजय कुमार
    कृषि क़ानूनों के वापस होने की यात्रा और MSP की लड़ाई
    21 Nov 2021
    कृषि क्षेत्र में सुधार होने चाहिए। लेकिन तीन कृषि कानून कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए नहीं बल्कि कृषि क्षेत्र को गुलाम बनाने के लिए लाए गए थे। 
  • Putin
    एम. के. भद्रकुमार
    तूफ़ान के केंद्र में यूक्रेन और बेलारूस
    21 Nov 2021
    काला सागर में टकराव के घुमड़ते काले बादलों के बीच आशा की चमकती किरण यह है कि मास्को एवं वाशिंगटन के बीच रणनीतिक संवाद-संचार फिर से शुरू हो गया है तथा विभिन्न कार्य स्तरों पर उनमें आदान-प्रदान हो रहा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License