NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बेलमार्श जेल में COVID-19 का प्रकोप, असांजे के परिवार ने चिंता व्यक्त की
जूलियन असांजे की साथी स्टेला मोरिस के अनुसार असांजे को जिस ब्लॉक में रखा गया है वहां कम से कम 56 क़ैदी संक्रमित पाए गए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
26 Nov 2020
बेलमार्श
Photo: Guy Smallman/Veterans for Peace UK

विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के परिवार के सदस्यों ने बेलमार्श जेल में महामारी की सूचना के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। मंगलवार 24 नवंबर को असांजे की साथी स्टेला मोरिस ने ट्वीट किया कि बेलमार्श जेल के उनके आवास ब्लॉक में कम से कम 56 लोगों के संक्रमित होने का पता चला जिसमें कर्मचारी और कैदी भी शामिल थे। इस सप्ताह की शुरुआत में मोरिस ने कहा था कि असांजे को कर्मचारियों सहित लगभग 70 लोगों के संक्रमित होने की सूचना मिली थी।

पिछले हफ्ते विकीलिक्स ने बताया कि उनके आवास ब्लॉक के लगभग 200 अन्य कैदियों के साथ असांजे 18 नवंबर से लॉकडाउन के अधीन रहे हैं। जेल अधिकारियों द्वारा सीओ COVID -19 के तीन मामलों के सामने आने के बाद इस लॉकडाउन को लागू किया गया था। इस लॉकडाउन के बाद से मामलों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है लेकिन अधिकारियों ने अभी तक इस संख्या का खुलासा नहीं किया है।

असांजे की मां क्रिस्टीने असांजे सहित उनके परिवार के सदस्यों ने जेल परिसर में मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "अगर मेरा बेटा COVID-19 से मर जाता है तो यह हत्या होगी।" उन्होंने बताया कि चिकित्सकों ने सरकार और जेल अधिकारियों को बार-बार चेतावनी दी है कि असांजे को जेल में महामारी का ख़तरा बना हुआ है।

यह कोई पहला ऐसा मौका नहीं था जब बेल्मार्श जेल में COVID-19 संक्रमण के मामले सामने आए हैं। जेल अधिकारियों ने अप्रैल महीने में इसके पहले संक्रमण होने की सूचना दी थी। ब्रिटेन की अदालत द्वारा असांजे के साथियों और जेल के कर्मचारियों में नए मामले सामने आने के महज एक हफ्ते बाद ही असांजे की आपातकालीन जमानत याचिका खारिज कर दिया गया था।

कई चिकित्सकों और सिविल सोसाइटी समूहों ने असांजे की बिगड़ती सेहत के बारे में लगातार चिंता जताई है और उनकी रिहाई के लिए सरकार से गुहार लगाई है। इस साल की शुरुआत में यूके सरकार ने अधिक जोखिम वाले कैदियों के लिए समय से पहले रिहा करने की योजना को मामूली तौर पर लागू किया था। इसके तहत केवल 275 क़ैदियों को रिहा किया गया जबकि इसके बेहद प्रतिबंधात्मक और कड़े मानदंडों के तहत 2,000 से अधिक कैदियों के रिहा होने का अनुमान था।

असांजे को अप्रैल 2019 से बेलमार्श जेल में रखा गया है। पहले जमानत की शर्तों का उल्लंघन करने और बाद में न्यायिक रिमांड के तहत रखा गया क्योंकि उनके खिलाफ चल रहे प्रत्यर्पण मामले के फैसले का वे इंतजार कर रहे हैं।

HMP Belmarsh
Belmarsh Prison
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • women
    वर्षा सिंह
    पहाड़ों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी, कैसे तीसरी लहर का मुकाबला करेगा उत्तराखंड?
    01 Sep 2021
    उत्तराखंड के लोगों के स्वास्थ्य की निगरानी के लिए मात्र 17% सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ और 41% बाल रोग विशेषज्ञ उपलब्ध हैं। महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर राज्य की स्थिति और अधिक बिगड़ी हुई है। राज्य…
  • सूहीत के सेन 
    न्यायपालिका को बेख़ौफ़ सत्ता पर नज़र रखनी होगी
    01 Sep 2021
    न्यायपालिका हुकूमत की ज़्यादतियों पर रोक लगाने का काम कर रही है और साथ ही पूरी की पूरी कार्यकारी के हथियारों पर अंकुश लगाने के लिए क़दम बढ़ा रही है। यह सतर्क आशावाद का नतीजा है।
  • अब्दुल अलीम जाफ़री
    यूपी : कम वेतन के ख़िलाफ़, नियमतिकरण की मांग के साथ 45000 मनरेगा मज़दूर पहुंचे लखनऊ
    01 Sep 2021
    'क़रीब 45,000 अनुबंधित मज़दूर मनरेगा के तहत पिछले 14 साल से काम कर रहे हैं जिनमें से कई की हालत सरकार की नज़रअंदाज़ी की वजह से काफ़ी ख़राब है। कई मज़दूर आर्थिक तंगी या स्वास्थ्य सेवा की कमी की वजह से…
  • न्यूज़क्लिक  डेली राउंडअप
    न्यूज़क्लिक टीम
    देश में बढ़ते सांप्रदायिक हमले, ई-श्रम पोर्टल और अन्य ख़बरें
    31 Aug 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी देश में बढ़ते सांप्रदायिक हमले, ई-श्रम पोर्टल और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • caa
    अजय कुमार
    क्या नागरिकता क़ानून अफ़ग़ानिस्तानी शरणार्थियों की मदद कर पा रहा है? नहीं, बिल्कुल नहीं
    31 Aug 2021
    भाजपा समर्थक कह रहे है कि नागरिकता संशोधन कानून की वजह से ही अफ़ग़ानिस्तान के सिख और हिंदू भारत में आ रहे हैं। ये सिर्फ़ एक झूठ है। कैसे, आइए समझिए
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License