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भारत
राजनीति
माले का 11वां राज्य सम्मेलन संपन्न, महिलाओं-नौजवानों और अल्पसंख्यकों को तरजीह
"इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीक़े से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
28 Mar 2022
cpi ml

बिहार के गया में आयोजित भाकपा-माले का 11 वां तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन संपन्न हो गया। सम्मेलन में एक बार फिर कुणाल को राज्य सचिव चुना गया। यह उनका राज्य सचिव के बतौर तीसरा कार्यकाल होगा। पहले 97 सदस्यों की राज्य कमिटी प्रतिनिधियों के द्वारा चुनाव की प्रक्रिया द्वारा चयन किया गया फिर राज्य कमिटी ने प्रदेश सचिव का चुनाव किया।

97 सदस्यों की राज्य कमिटी में छात्र-युवाओं, महिलाओं और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं को तरजीह दी गई है। छात्र-युवा मोर्चे पर काम कर रहे पालीगंज विधायक संदीप सौरभ, आइसा के राज्य सचिव सब्बीर कुमार, इनौस के राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन पहली बार कमिटी में शामिल किए गए। छात्र-युवा नेता और अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले आफताब आलम, तारिक अनवर और मोख्तार भी कमिटी में शामिल किए गए हैं। इंसाफ मंच के राज्य अध्यक्ष और मुज़फ़्फ़रपुर में पार्टी के युवा नेता सूरज कुमार सिंह भी कमिटी में चुने गए। महिलाओं में भोजपुर से इंदु सिन्हा, पटना से माधुरी गुप्ता, पूर्व मुखिया आशा देवी, समस्तीपुर से वंदना सिंह, नवादा से सावित्री देवी, पूर्णिया से सुलेखा देवी, दरभंगा से शनिचरी देवी आदि को पहली बार राज्य कमिटी में जगह मिली है।

पार्टी संगठन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जमीनी स्तर पर काम कर रहे कई पार्टी नेता पहली बार कमिटी में चुनकर आए हैं। बागमती आंदोलन के चर्चित नेता जितेंद्र यादव भी राज्य कमिटी में शामिल किए गए हैं।

कमिटी चुनाव की समाप्ति के उपरांत केंद्रीय पर्यवेक्षक जनार्दन प्रसाद और रामजी राय ने सम्मेलन को संबोधित किया। नेताओं ने सफल राज्य सम्मेलन के लिए पार्टी की गया जिला कमिटी, सभी पार्टी सदस्यों, और गया जिले की समस्त जनता को बधाई दी।

सम्मेलन का समापन वक्तव्य देते हुए नवनिर्वाचित सचिव कुणाल ने कहा कि सम्मेलन ने जिन ठोस लक्ष्यों को अपने सामने रखा है, उन्हें पूरी पार्टी नई ऊर्जा के साथ पूरा करने के लिए काम करेगी। अभी भी बहुत सारे इलाकों में पार्टी का कामकाज काफी विरल है, ऐसे जिलों में मजबूत संगठन खड़ा करने का दायित्व पूरा करना है।

सम्मेलन के समापन से एक दिन पहले पार्टी के नेताओं को संबोधित करते हुए अध्यक्ष दीपांकर भट्टाचार्या ने कहा था कि बिहार वामपंथ के लिए ऊर्जा का केंद्र है। उन्होंने कहा था कि अगले साल तक 2 लाख पार्टी सदस्य बनाने का लक्ष्य किया गया है। उन्होंने कहा था कि अगले दो साल काफी कठिन साबित होने वाले हैं, लेकिन यह समय हमारी पार्टी के विस्तार की असीम संभावना भरा है। यह सम्मेलन इन संभावनाओं को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। हमें पूरी ऊर्जा के साथ आगे बढ़ना है, फासीवाद की चुनौतियों को स्वीकार करना है और चौतरफा पहलकदमियों को खोल देना है।

इस आयोजन में उन्होंने बीजेपी की बिहार में बढ़ती साजिश के खिलाफ वामपंथ को मजबूत करने और महागठबंधन को धारदार बनाने के नारे की विस्तार से व्याख्या की थी। उन्होंने कहा था कि बिहार में भाजपा बुलडोजर की सरकार चलाना चाहती है, लेकिन बिहार वामपंथ के ऊर्जा का केंद्र भी है और पूरे देश की निगाह बिहार की ओर है।

उन्होंने आगे कहा था कि जनसंगठनों की सदस्यता का भी विस्तार करना है। जनता के हर सवाल पर आंदोलनों की शृंखला खड़ी कर देनी है। हमारे पास अभी 12 विधायक हैं और इसका पूरी क्षमता के साथ संगठन के विस्तार में उपयोग करने की योजना बनानी चाहिए।

पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वदेश भट्टाचार्य ने इस मौके पर कहा था कि,” यह सम्मेलन संभावनाओं से भरा हुआ है। यह वामपंथी उभार की नई संभावनाओं का रास्ता दिखाएगा। बिहार में वामपंथ की मजबूती पूरे देश को राश्ता दिखाएगा। बिहार में भाजपा को परास्त करने के लिए यह सम्मेलन नई योजना बनाए। यह क्षमता इस सम्मेलन में है। हम जब वामपंथ के नए उभार की बात करते हैं तो ऊपर से नीचे वर्गीय और सामाजिक आधार में निरंतरता बनाने की जरूरत है।"

उन्होंने आगे कहा कि इस सम्मेलन में महिला प्रतिनिधियों ने जिस बेबाक तरीके से अपनी बातें रखीं, वह सम्मेलन के लिए अच्छा संकेत है। यही पार्टी है जो महिलाओं के अधिकारों के प्रति प्रतिबद्ध है।

Bihar
CPI-ML
CPIML 11th state conference

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